फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Lucknow News ›   Investigation initiated into the appointment of a deceased employee's dependent at the Municipal Corporation

Lucknow News: नगर निगम में मृतक आश्रित नियुक्ति मामले की जांच शुरू

Tue, 21 Jul 2026 02:35 AM IST
Lucknow Bureau लखनऊ ब्यूरो
Updated Tue, 21 Jul 2026 02:35 AM IST
विज्ञापन
Investigation initiated into the appointment of a deceased employee's dependent at the Municipal Corporation
लखनऊ। नगर निगम के स्वास्थ्य विभाग में सफाई कर्मचारी के पद पर नियुक्ति में धांधली का मामला सामने आने के बाद नगर निगम ने जांच शुरू कर दी गई है। कई कर्मचारियों को तलब कर जानकारी ली गई कि नियुक्ति की प्रक्रिया किस आधार पर की गई। इस मामले में नगर निगम की उस चयन समिति पर भी सवाल उठ रहा है जो जांच पड़ताल के बाद मृतक आश्रितों की नियुक्ति के लिए संस्तुति करती है।
विज्ञापन


यह जांच अमर उजाला में सोमवार को 11 वर्ष की उम्र में बनी मां...बेटे के लिए मृतक आश्रित में मांगी नौकरी शीर्षक से खबर प्रकाशित होने के बाद शुरू हुई है। खबर में खुलासा किया गया था कि जिसकी नियुक्ति मृतक आश्रित के तौर पर की जा रही है वह अपनी मां से करीब 11 साल ही बड़ा है। यानी जब उसका जन्म हुआ था तब उसकी मां की आयु महज 11 वर्ष ही थी। इस मामले में ये भी सवाल उठ रहे थे कि जिसको नौकरी दी गई है, क्या वही पात्र परिवार है। नगर निगम के सफाई एवं खाद्य निरीक्षक ने भी इस मामले में आपत्ति दर्ज की गई थी मगर चयन समिति ने उसे नजरअंदाज करते हुए नियुक्ति आदेश जारी कर दिया। चयन समिति में मुख्य नगर लेखा परीक्षक, अपर नगर आयुक्त अधिष्ठान स्वास्थ्य, मुख्य वित्त एवं लेखाधिकारी व नगर स्वास्थ्य अधिकारी मुख्य रूप से होते हैं।
विज्ञापन



...इसलिए उठ रहे सवाल
सूत्रों ने बताया कि जिस सफाई कर्मचारी की मौत के बाद आश्रित के तौर पर नगर निगम ने नौकरी दी है उसका विवाह हुआ था या नहीं, उसके परिवार में कौन-कौन है, इसकी कोई जानकारी सर्विस बुक में दर्ज नहीं है। इसी का फायदा लोगों ने उठाया है। इसी कारण पूर्व में भी नगर निगम में ऐसे तमाम मामले सामने आ चुके हैं जिसमें दूसरों ने खुद मृतक कर्मचारी का आश्रित बताकर नौकरी पा ली। इसमें नगर निगम के स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारियों की भी मिलीभगत रही। यह मामला भी इसी तरह का है। सूत्रों ने बताया कि यदि सही से जांच हो जाएगी तो नियुक्ति में धांधली का पूरा खेल सामने आ जाएगा।
विज्ञापन
विज्ञापन



सफाई एवं खाद्य निरीक्षक को रिपोर्ट को किया गया नजरअंदाज
जानकारों ने बताया कि नियुक्ति से पहले नगर निगम स्थलीय जांच भी कराता है। इस मामले में जोन-एक के सफाई एवं खाद्य निरीक्षक सतीश ने जांच की और अपनी रिपोर्ट दी। रिपोर्ट में लिखा कि नियुक्ति की फाइल में मां और बेटे की उम्र में 10 वर्ष का अंतर है जो संदेहास्पद है। मां-बेटे के बीच इतना कम अंतर संभव नहीं है। ऐसे में नियुक्ति पर फिर से विचार किया जाए।


मुख्य चिकित्सा अधिकारी से कराई जाएगी जांच
नगर आयुक्त गौरव कुमार ने बताया कि नियुक्ति पर जो सवाल उठ रहा है उस पर अधिकारियों से पूछताछ की गई है। अधिकारियों के अनुसार महिला का दावा है कि आधार कार्ड में गलत आयु लिख गई है जबकि उसकी वास्तविक आयु अधिक है। इस विवाद को दूर करने के लिए अब मुख्य चिकित्सा अधिकारी के यहां से फिर से आयु की जांच कराई जाएगी। जिनके पास जन्म प्रमाणपत्र या अंकपत्र नहीं होता है मुख्य चिकित्सा अधिकारी जांच के बाद उनकी आयु का निर्धारण करते हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed