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केजीएमयू के कई डॉक्टरों के खिलाफ शुरू होगी जांच, बैठक में लिया गया फैसला
Sun, 28 Jun 2020 05:41 PM IST
ishwar ashish
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
Published by: ishwar ashish
Updated Sun, 28 Jun 2020 05:41 PM IST
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केजीएमयू कार्य परिषद की बैठक में यूनिवर्सिटी के कई डॉक्टरों के खिलाफ हुईं शिकायतों को लेकर जांच शुरू करने का फैसला लिया गया। जांच रिपोर्ट के आधार पर इनके खिलाफ अनुशासनात्मक कमेटी गठित होगी।
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कुलपति प्रो. एमएलबी भट्ट की अध्यक्षता में हुई बैठक में निजी चैनल पर रेस्पिरेटरी मेडिसिन के विभागाध्यक्ष प्रो. सूर्यकांत के दिए बयान को लेकर शासन से प्राप्त शिकायत को जांच के लिए विवि की ओर से गठित समिति को अनुमोदित किया गया।
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इसी तरह कम्युनिटी मेडिसिन विभागाध्यक्ष से प्राप्त विवाद की शिकायत पर अनुशासनिक समिति के गठन, इसी विभाग के डॉ. एसपी पटेल की शिकायत पर प्रारंभिक जांच कराने, नेत्र विभाग की विभागाध्यक्ष से मिली शिकायत पर संबंधित विभाग के शिक्षकों के खिलाफ प्रारंभिक जांच कराने का फैसला लिया गया।
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ये फैसले भी हुए
आरएलसी परिसर को को भी हॉस्पिटल बनाने का प्रस्ताव दोबारा शासन को भेजा गया। माइक्रोबायोलाजी विभाग में रिक्त पड़े रिसर्च ऑफिसर एवं रिसर्च असिस्टेंट के पदों को सेवा प्रदाता से भरने, विभागीय प्रोन्नति समिति गठित करने का फैसला लिया गया। इसी तरह विवि के कुलानुशासक को चार हजार, अपर कुलानुशासक को तीन हजार एवं सहायक कुलानुशासक को दो हजार प्रतिमाह मानदेय पुनरीक्षित करने की अनुमति दी गई।