बम लगी बाइकों से रेलवे स्टेशन उड़ाना चाहते थे आतंकी
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बिजनौर ब्लास्ट के आरोपी सिमी आतंकी उत्तर भारत के रेलवे स्टेशनों को भी बम से उड़ाना चाहते थे। आतंकी बम लगी मोटरसाइकिलों से इस काम को अंजाम देने की साजिश रच रहे थे।
इनके पास से बम लगी चोरी की सात मोटरसाइकिलें भी बरामद हो चुकी हैं। यह खुलासा खुद इन आतंकियों ने यूपी एटीएस के अफसरों के सामने पूछताछ में किया है।
ओडिसा के राउरकेला में 17 फरवरी को स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप, तेलंगाना पुलिस व आईबी के संयुक्त ऑपरेशन में सिमी के चार आतंकी पकड़े गए थे।
पकड़े गए आतंकी अमजद खान उर्फ दाऊद उर्फ पप्पू उर्फ उमर (27), जाकिर हुसैन उर्फ सादिक उर्फ विक्की डॉन उर्फ विनय कुमार (32), शेख महबूब उर्फ गुड्डू उर्फ समीर उर्फ रमेश (27) व सालिक उर्फ सल्लू (33) हैं। यह चारों ही बिजनौर बम धमाकों के आरोपी हैं।
लूट डकैती कर धन जुटाते थे आतंकी
बिजनौर के साथ ही उत्तराखंड के रुड़की, चेन्नई व पुणे बम धमाकों में भी इन्हीं आतंकियों का हाथ है। ये सभी एनआईए की मोस्ट वांटेड सूची में शामिल थे। इनसे यूपी एटीएस के अफसर पूछताछ कर रहे हैं।
सिमी के इन आतंकियों ने कबूला कि उनके पास से जो मोटरसाइकिलें बरामद हुई हैं उससे वे रेलवे स्टेशनों पर बम धमाका करना चाहते थे। इसलिए इन लोगों ने मोटरसाइकिलों में बम लगा रखे थे।
पुलिस महानिरीक्षक कानून व्यवस्था भगवान स्वरूप ने बताया कि सिमी आतंकियों ने रेलवे स्टेशन उड़ाने के लिए ही मोटरसाइकिलें अलग-अलग जगहों से चोरी की थीं। हालांकि यह किस स्टेशन पर धमाका करना चाहते थे इसका खुलासा अभी नहीं किया है। इतना जरूर है कि इनका निशाना उत्तर भारत के प्रमुख रेलवे स्टेशन ही थे।
सभी आतंकी मध्य प्रदेश के रहने वाले हैं। यह लोग पिछले दो साल से राउरकेला में रहकर अपने अभियान के लिए लूट-डकैती कर धन जुटा रहे थे। उन्होंने बताया कि एटीएस इनसे कई और बिंदुओं पर पूछताछ कर रही है।