मोहनलालगंज में टूटी पटरी से धड़धड़ाते हुए गुजर गई वाराणसी इंटरसिटी, बड़ा हादसा टला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
उत्तर रेलवे लखनऊ मंडल के मोहनलालगंज में एक बार फिर टूटी पटरी से ट्रेन गुजर जाने से रेलवे प्रशासन में सकते में है। घटना शनिवार सुबह की है, जब कनकहा में टूटी पटरी से वाराणसी इंटरसिटी धड़धड़ाते हुए गुजर गई। जानकारी मिलते ही आनन-फानन में टीम भेजकर पटरी की मरम्मत कराई गई। इस दौरान इलाहाबाद इंटरसिटी को निगोहां स्टेशन पर रोका गया।
शनिवार की सुबह कीमैन रामू पटरियों को देखते हुए जा रहा था। उसे स्टेशन से पांच सौ मीटर की दूरी पर निगोहां साइड की पटरी टूटी हुई दिखी। उसने तत्काल कनकहा रेलवे स्टेशन मास्टर को फोन किया, पर कई बार मिलाने पर भी कॉल रिसीव नहीं हुई। रामू ने सक्रियता दिखाई और निगोहां रेलवे प्रशासन को पटरी टूटी होने की सूचना दी।
जहां से कंट्रोल रूम को जानकारी दी गई। पीडब्ल्यूआई आरएस यादव की अगुवाई में पटरी की मरम्मत के लिए टीम पहुंची और मरम्मत का काम शुरू हुआ। इस बीच टूटी हुई पटरी से वाराणसी इंटरसिटी ट्रेन धड़धड़ाते हुए गुजर गई। हालांकि, इससे कोई हादसा नहीं हुआ।
एक बार फिर मोहनलालगंज सेक्शन
दीगर है कि गर्मी केबढ़ते ही रेल फ्रैक्चर की घटनाएं शुरू हो गईं। पटरियों की डिस्ट्रेसिंग व मरम्मत के लिए रेलवे की ओर से कई ट्रेनों को महीनेभर के लिए कैंसिल किया गया है। फिर भी यह गंभीर है कि उत्तर रेलवे के मोहनलालगंज सेक्शन में पटरी काटने तक की घटनाएं होती रहीं हैं।
दो बार पटरी काटकर ट्रेन को पलटवाने की साजिश हो चुकी है। इसके बाद सुरक्षा बढ़ाने के तमाम दावे किए गए थे, जो खोखले ही साबित हुए। न तो पटरी काटने के मामले की जांच पूरी हुई और न ही रूट पर ट्रेनों की सुरक्षा को लेकर कोई खासे इंतजाम किए गए है। जिससे मंशा पर सवाल उठते हैं।