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Lucknow News: इंटर कॉलेज खस्ताहाल, डिग्री कॉलेज मालामाल

Wed, 27 May 2026 02:34 AM IST
Lucknow Bureau लखनऊ ब्यूरो
Updated Wed, 27 May 2026 02:34 AM IST
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Inter-Colleges in Shambles, Degree Colleges Raking It In
नेशनल इंटर कॉलेज और नेशनल डिग्री कॉलेज। 
रविंशकर गुप्ता
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लखनऊ। राजधानी के कई सहायता प्राप्त कॉलेजों में एक ही परिसर के भीतर दो तस्वीरें दिखाई देती हैं। एक तरफ डिग्री कॉलेज आधुनिक सुविधाओं, नए कोर्सों और बेहतर भवनों के साथ आगे बढ़ रहे हैं, तो दूसरी ओर इंटर कॉलेज जर्जर भवनों, कमजोर संसाधनों और घटती सुविधाओं से जूझ रहे हैं। सेल्फ फाइनेंस कोर्सों से होने वाली आमदनी ने डिग्री कॉलेजों की सूरत बदल दी है, जबकि इंटर कॉलेज सीमित फीस और बजट के अभाव में बदहाली की मार झेल रहे हैं। हालत यह है कि कई कॉलेजों में प्रयोगशालाएं तक नहीं हैं और भवन मरम्मत के इंतजार में हैं। शहर में इस समय 101 सहायता प्राप्त कॉलेज संचालित हैं।

शिया कॉलेज: पीजी विभाग चमका, इंटर अब भी इंतजार में

शिया पीजी कॉलेज और शिया इंटर कॉलेज की स्थापना वर्ष 1919 में हुई थी। वर्ष 1947 में विज्ञान संकाय शुरू होने के साथ डिग्री कॉलेज अस्तित्व में आया। आज पीजी कॉलेज को नैक से ए ग्रेड मिल चुका है और यहां कई सेल्फ फाइनेंस कोर्स संचालित हो रहे हैं। इंटर कॉलेज में विज्ञान, वाणिज्य और कला वर्ग के साथ हिंदी, अंग्रेजी, उर्दू और संस्कृत विषय पढ़ाए जाते हैं। वहीं डिग्री कॉलेज में कला, विज्ञान, वाणिज्य, प्रबंधन, विधि और डिप्लोमा पाठ्यक्रम संचालित हैं। करीब 2100 विद्यार्थियों वाले इस संस्थान में शिक्षकों की संख्या केवल 33 है। पीजी भवन बेहतर स्थिति में है, जबकि इंटर कॉलेज का भवन मरम्मत के सहारे चल रहा है। प्रधानाचार्य हसन सईद के अनुसार कक्षा आठ तक फीस नहीं ली जाती और 9 से 12 तक की फीस इतनी कम है कि सुविधाओं का विस्तार कर पाना मुश्किल हो जाता है।
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कालीचरण कॉलेज: 112 साल पुरानी इमारत पर जर्जरता की मार

कालीचरण इंटर कॉलेज कॉलेज की उम्र 112 साल हो चुकी है। कॉलेज का प्रथम तल जर्जर हो चुका है। हालांकि अलंकार योजना के तहत 80 लाख रुपये का बजट मिलने के बाद मरम्मत कार्य जारी है। इंटर कॉलेज में विज्ञान, वाणिज्य और कला वर्ग के विभिन्न विषय संचालित हैं। यहां 56 शिक्षक और करीब 1800 छात्र हैं। वहीं 1973 में शुरू हुआ डिग्री कॉलेज प्रोफेशनल कोर्सों और बेहतर संसाधनों के कारण अधिक व्यवस्थित नजर आता है। प्रधानाचार्य अनिल मिश्रा का कहना है कि बहुत से सहायता प्राप्त कॉलेजों को तत्काल मरम्मत और विशेष बजट की आवश्यकता है। एक बार सरकार की ओर से बिना किसी शर्त के बजट दिया जाना चाहिए।
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नेशनल कॉलेज: एटीएम की आय से चल रहीं बुनियादी व्यवस्थाएं

महाराणा प्रताप मार्ग स्थित नेशनल पीजी कॉलेज से संबद्ध नेशनल इंटर कॉलेज की स्थापना वर्ष 1918 में हुई थी। दोनों संस्थान मोतीलाल मेमोरियल सोसाइटी के तहत संचालित हैं। इंटर कॉलेज में विज्ञान, वाणिज्य और मानविकी वर्ग के पाठ्यक्रम संचालित हैं। यहां 43 शिक्षक और करीब 1000 छात्र हैं, लेकिन सुविधाओं का अभाव साफ दिखाई देता है। भवन का रंग-रोगन तक नहीं हो पाया है। प्रधानाचार्य रामचंद्र बताते हैं कि कॉलेज परिसर में संचालित दो बैंक एटीएम से मिलने वाली आय से ही स्टेशनरी और साफ-सफाई जैसी व्यवस्थाएं संभाली जा रही हैं। इसके विपरीत डिग्री कॉलेज में कला, विज्ञान, वाणिज्य, प्रबंधन, कंप्यूटर विज्ञान, वोकेशनल, डिप्लोमा और सर्टिफिकेट कोर्स बेहतर ढंग से संचालित हो रहे हैं।

इन कॉलेजों में भी वही हाल : एपी सेन मेमोरियल कॉलेज, खुनखुनजी गर्ल्स कॉलेज, जयनारायण पीजी कॉलेज, नवयुग कॉलेज, नारी शिक्षा निकेतन, मुमताज पीजी कॉलेज

सिर्फ भवन नहीं, शिक्षा व्यवस्था भी संकट में
सहायता प्राप्त इंटर कॉलेजों की समस्या अब केवल जर्जर भवनों तक सीमित नहीं रह गई है। सीमित फीस, घटती आय और संसाधनों की कमी का असर सीधे शिक्षा व्यवस्था पर पड़ रहा है। यदि समय रहते वित्तीय सहायता और ढांचागत सुधार नहीं किए गए तो आने वाले वर्षों में इन संस्थानों की स्थिति और गंभीर हो सकती है।

अशासकीय सहायता प्राप्त प्रबंधक सभा के कार्यवाहक अध्यक्ष अरविंद कुमार के अनुसार जरूरतमंद सहायता प्राप्त कॉलेजों को अलंकार योजना के तहत बिना किसी शर्त के 100 प्रतिशत बजट दिया जाए, तभी हालात सुधर सकते हैं। नहीं तो आने वाले दिनों में कॉलेजों की स्थिति और खराब होगी।


प्रादेशीय मंत्री, माध्यमिक शिक्षक संघ, आरपी मिश्रा के अनुसार यूपी बोर्ड ने जिस तरह फॉर्म फीस बढ़ाई है, उसी तरह एडेड कॉलेजों में कक्षा 9 से 12 तक की फीस बढ़ाने की अनुमति भी दी जानी चाहिए। इससे काफी हद तक व्यवस्थाएं सुधर सकती हैं।

नेशनल इंटर कॉलेज और नेशनल डिग्री कॉलेज। 

नेशनल इंटर कॉलेज और नेशनल डिग्री कॉलेज। 

नेशनल इंटर कॉलेज और नेशनल डिग्री कॉलेज। 

नेशनल इंटर कॉलेज और नेशनल डिग्री कॉलेज। 

नेशनल इंटर कॉलेज और नेशनल डिग्री कॉलेज। 

नेशनल इंटर कॉलेज और नेशनल डिग्री कॉलेज। 

नेशनल इंटर कॉलेज और नेशनल डिग्री कॉलेज। 

नेशनल इंटर कॉलेज और नेशनल डिग्री कॉलेज। 

नेशनल इंटर कॉलेज और नेशनल डिग्री कॉलेज। 

नेशनल इंटर कॉलेज और नेशनल डिग्री कॉलेज। 

नेशनल इंटर कॉलेज और नेशनल डिग्री कॉलेज। 

नेशनल इंटर कॉलेज और नेशनल डिग्री कॉलेज। 

नेशनल इंटर कॉलेज और नेशनल डिग्री कॉलेज। 

नेशनल इंटर कॉलेज और नेशनल डिग्री कॉलेज। 

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