दरोगा भर्ती 2016 के अभ्यर्थियों को हाईकोर्ट से राहत, अब नियुक्ति पत्र हो सकेंगे जारी
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हाईकोर्ट की लखनऊ खंडपीठ ने दरोगा भर्ती 2016 के अभ्यर्थियों को राहत देते हुए चयनित अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र जारी करने पर रोक के एकल पीठ के अंतरिम आदेश को खारिज कर दिया है। खंडपीठ ने कहा है कि नियुक्ति पत्र जारी किए जा सकते हैं, पर यह प्रकरण एकल पीठ के अंतिम आदेश के अधीन होगा।
मुख्य न्यायाधीश गोविंद माथुर और न्यायमूर्ति जसप्रीत सिंह की खंडपीठ ने यह आदेश सत्येंद्र कुमार सिंह व अन्य की याचिका पर दिए। याचिका में कहा गया था कि एकल पीठ ने 30 मार्च 2019 को नियुक्ति पत्र जारी करने पर रोक लगाने के जो आदेश दिए थे, उसमें याचियों को पक्ष रखने का मौका नहीं दिया गया। एकल पीठ का यह आदेश उनके हितों को प्रभावित कर रहा है।
सुनवाई के बाद अदालत ने कहा कि वर्ष 2016 में शुरू हुई भर्ती प्रक्रिया में अंतिम चयन सूची प्रकाशित की जा चुकी थी। नियुक्ति पत्र पर रोक के आदेश से चयनित होने वाले सभी अभ्यर्थियों का प्रभावित होना उचित प्रतीत नहीं हो रहा है। कोर्ट ने प्रदेश पुलिस भर्ती एवं प्रोन्नति बोर्ड को कहा है कि वह नियुक्ति पत्र जारी कर सकता है।
चूंकि ये नियुक्तियां एकल पीठ के अंतिम फैसले के अधीन होंगी, लिहाजा याचियों व अन्य सफल अभ्यर्थियों को सक्षम प्राधिकारियों को लिखित तौर पर यह वचनबद्धता देनी होगी कि वे फैसला आने के बाद कोई दावा पेश नहीं करेंगे।
कोर्ट ने याचियों को निर्देश दिए हैं कि एकल पीठ के समक्ष अगली सुनवाई के दौरान वे अपना जवाबी हलफनामा दाखिल करें। अदालत ने यह कहते हुए याचिका का निस्तारण कर दिया कि खंडपीठ ने एकल पीठ के फैसले को लेकर कोई राय व्यक्त नहीं की है। एकल पीठ इस मामले का अपने स्तर से निर्धारण करेगी।