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Lucknow News: अमेठी के जायस थाने में तैनात दरोगा की है एसयूवी, सस्पेंड

Fri, 25 Aug 2023 02:08 AM IST
Lucknow Bureau लखनऊ ब्यूरो
Updated Fri, 25 Aug 2023 02:08 AM IST
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Inspector posted in Amethi's Jais police station has SUV, suspended
लखनऊ। पुलिस अधिकारी और विधायक बनकर करोड़ों की ठगी करने वाले सगे भाइयों के पास से बरामद एसयूवी उनकी नहीं है। लाल-नीली बत्ती लगी एसयूवी अमेठी के जायस थाने में तैनात दरोगा राम प्रकाश यादव की है। वह दोनों शातिर भाइयों के संपर्क में लंबे समय से है। जिस तरह के साक्ष्य सामने आ रहे हैं, उससे शक है कि दरोगा भी गिरोह में शामिल है।
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कमिश्नरेट पुलिस उसकी भूमिका की जांच कर रही है। प्रकरण के संबंध में एसपी अमेठी को रिपोर्ट भेजी है। एसपी अमेठी ने दरोगा को सस्पेंड कर दिया है। उधर, आरोपियों के खिलाफ अब तक छह ठगी की शिकायतें पहुंची हैं। पुलिस ने सभी को जांच में शामिल कर लिया है।
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सर्विलांस सेल की टीम ने सुलतानपुर के चांदा थानाक्षेत्र के पसयीपुर गांव निवासी शैलेंद्र कुमार व उसके भाई रविंद्र कुमार को मंगलवार देर रात अहिमामऊ से गिरफ्तार किया था।
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बुधवार को पुलिस ने प्रेसवार्ता कर खुलासा किया था कि आरोपी पुलिस अफसर व भाजपा विधायक बनकर लोगों को जाल में फंसाकर उगाही करते हैं। आरोपियों के पास से दो लग्जरी एसयूवी बरामद हुई थीं। इनके नंबर (यूपी 50 एयू 0002) और (यूपी 32 एफबी 3737) थे। इस नंबर (यूपी 50 एयू 0002) की एसयूवी पर पुलिस का स्टीकर व लाल-नीली बत्ती लगी थी।
तफ्तीश में सामने आया कि अमेठी के जायस थाने में तैनात दरोगा राम प्रकाश यादव के नाम पर उक्त एसयूवी का पंजीकरण है। आरोपी चोरी-छिपे इसका इस्तेमाल नहीं कर रहे थे। साफ है कि दरोगा ने उनको अपनी एसयूवी दी थी। पूरी आशंका है कि वह शातिर भाइयों के साथ मिलकर पूरे खेल में शामिल था।

मोबाइल पर लगातार बातचीत के सुबूत मिले
पुलिस ने दोनों आरोपियों के मोबाइल नंबर की कॉल डिटेल निकाली। इससे खुलासा किया कि दरोगा लंबे समय से आरोपियों के संपर्क में है। बातचीत की पुष्टि कॉल डिटेल से हुई है। अब पुलिस ये खंगाल रही है कि जिन ठगी की घटनाओं को आरोपियों ने अंजाम दिया है, उसमें इस दरोगा की भूमिका है या नहीं। सूत्रों के मुताबिक, पैसों के लिए ही दरोगा शातिरों का साथी बना था। जानकारी ये भी है कि वह कई मामलों में आरोपियों बचाने की भी भूमिका निभाई।

सुलतानपुर में रहा है तैनात, बड़े खेल की आशंका
एसयूवी दरोगा ने सुलतानपुर में ली। पुलिस के मुताबिक, दरोगा की पोस्टिंग सुलतानपुर में रही है। शुरुआती जांच में इसकी जानकारी मिली है। आशंका है कि इसी दौरान आरोपियों से उसकी मुलाकात हुई होगी। क्योंकि दोनों आरोपी वहीं के रहने वाले हैं। जमीन की खरीद-फरोख्त की ठगी में आरोपियों ने सुलतानपुर या आसपास के लोगों को ही निशाना बनाया। अंदेशा है कि दरोगा ने शह दी और लाभ लेता रहा।


पहले कर दिया था गुमराह, बीए पास हैं आरोपी
पुलिस ने जब आरोपियों से हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू की थी तो उनका कहना था कि एसयूवी एक पुलिसकर्मी से खरीदी है। सख्ती से पूछताछ करने के बाद दरोगा का नाम बताया था। पुलिस ने जानकारी जुटाई तो पता चला कि एसूयवी दरोगा के नाम पर ही पंजीकृत है। जानकारी के मुताबिक, आशियाना के रजनीखंड स्थित जिस मकान में दोनों आरोपी रहते थे वहां दरोगा का आना जाना था। दूसरी एसयूवी एक पूर्व विधायक की थी। जो आकांक्षा फिलिंग स्टेशन फर्म के नाम पर थी। जिसको शैलेंद्र ने 11 महीने पहले खरीदकर अपने नाम ट्रांसफर करवाया था। पुलिस ने ये जानकारी नहीं दी कि वह विधायक कौन है। दोनों आरोपी बीए पास हैं।

कोट
एक एसयूवी दरोगा के नाम पर है। तहकीकात जारी है। भूमिका जांची जा रही है। अमेठी पुलिस को रिपोर्ट भेजी गई है।
- सैयद अली अब्बास, एडीसीपी पूर्वी
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