केजीएमयू स्टाफ ने की एक और बड़ी लापरवाही
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रातें सर्द होती जा रही हैं लेकिन, केजीएमयू के बाल रोग विभाग में भर्ती बच्चों को कंबल नहीं दिए जा रहे हैं। ठिठुरते बच्चों की ये हालत बृहस्पतिवार को विशेष सचिव चिकित्सा शिक्षा अरिंदम भट्टाचार्या ने बाल रोग विभाग के निरीक्षण के दौरान देखी।
उन्होंने सर्दी में भी कंबल न दिए जाने पर नाराजगी जतायी और सभी को कंबल देने के निर्देश दिए।विशेष सचिव चिकित्सा शिक्षा अरिंदम भट्टाचार्या बृहस्पतिवार को केजीएमयू के बाल रोग विभाग का निरीक्षण करने पहुंचे थे। विभागाध्यक्ष डॉ. रश्मि कुमार के साथ उन्होंने बाल रोग विभाग में बच्चों को मिल रही इलाज की सुविधाओं को देखने पहुंचे।
उन्होंने जनरल वार्ड, हाईडिपेंडेंसी वार्ड, एनआईसीयू और कैंसर वार्ड का निरीक्षण किया। वहां मिलने वाली दवाओं की जानकारी ली। विभागाध्यक्ष डॉ. रश्मि कुमार से विभाग में इलाज के लिए उनकी डिमांग के बारे में जानकारी ली। बच्चों को पीने का साफ पानी उपलब्ध कराने के लिए एक्वागार्ड लगाने के निर्देश दिए।
सिस्टर मांगने पर ही देती हैं कंबल
इसी बीच उनकी नजर बेड पर ठिठुर रहे बच्चों पर पड़ गई। वार्ड में कंबल न दिए जाने के बारे में उन्होंने पूछा तो पता चला कि सिस्टर इंचार्ज कंबल सिर्फ उन्हें ही देती हैं जो उनके पास मांगने जाते हैं।
उन्होंने वहां मौजूद सिस्टर इंचार्ज के पास मौजूद रजिस्टर चेक किया तो पता चला कि वो खाली पड़ा था। किसी भी मरीज को कंबल इश्यू नहीं किया गया था।
इसके बाद उन्होंने सिस्टर इंचार्ज से सभी बच्चों को एक-एक कंबल तुरंत देने को कहा। विशेष सचिव ने हर बच्चे को अलग-अलग कंबल देने के निर्देश दिए। सिस्टर ने उन्हें कम कंबल होने की जानकारी भी दी।
वार्ड में मरीजों की भीड़ को देखकर विशेष सचिव ने संक्रमण की रोकथाम के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि हर वार्ड में कम से कम 20 कट शीट्स उपलब्ध रहे।
इसके बाद उन्होंने उपकरणों व कपड़ों को विसंक्रमित करने के लिए लगाए गए ऑटोक्लेव का निरीक्षण किया।
डॉक्टर हो या नर्स प्रत्येक प्रोसीजर के लिए विसंक्रमित कपड़ों व उपकरणों का इस्तेमाल करने के निर्देश दिए। एनआईसीयू, पीआईसीयू, वेंटीलेटर और फोटोथैरेपी मशीनों के बारे में जानकारी ली।