{"_id":"5da49ce68ebc3e01586f1077","slug":"insensitive-government-trying-to-hide-pushpendra-yadav-murder-says-akhilesh","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"पुष्पेंद्र यादव की हत्या पर पर्दा डालने में जुटी संवेदनहीन सरकार : अखिलेश यादव","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
पुष्पेंद्र यादव की हत्या पर पर्दा डालने में जुटी संवेदनहीन सरकार : अखिलेश यादव
Mon, 14 Oct 2019 09:35 PM IST
Amulya Rastogi
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
Published by: Amulya Rastogi
Updated Mon, 14 Oct 2019 09:35 PM IST
विज्ञापन
सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव।
- फोटो : amar ujala
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
सपा अध्यक्ष व पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने कहा कि झांसी के नौजवान पुष्पेंद्र यादव की फर्जी एनकाउंटर में निर्मम हत्या पर पुलिस और सरकार का रवैया पूरी तरह संवेदनहीन बना हुआ है। आखिर भाजपा सरकार कब तक सच्चाई पर पर्दा डाले रहेगी ? जबकि सरकार को माननीय उच्च न्यायालय के वर्तमान न्यायाधीश से जांच करानी चाहिए।
अखिलेश ने सोमवार को जारी बयान में कहा कि पुष्पेंद्र का तीन महीने पहले ही विवाह हुआ था। उसकी पत्नी बेहाल है। सदमे में दो दिन पहले ही पुष्पेंद्र की दादी की मौत हो गई। पूरा परिवार गहन शोक के साथ दहशत में भी है। क्षेत्र की जनता में भी भारी आक्रोश है।
बुंदेलखंड उपेक्षा का शिकार
सपा अध्यक्ष ने कहा, पुष्पेंद्र के परिवार से मिलने जाने के दौरान उन्हें बुंदेलखंड त्रासदी से दो-चार होना पड़ा। उन्होंने कहा कि बेतवा नदी पर जहां रपटा है, वहां सपा सरकार ने पुल स्वीकृत किया था। ढाई वर्ष में भाजपा सरकार ने इसे बनाने की दिशा में कोई काम नहीं किया।
विज्ञापन
सपा सरकार में अविरल जल प्रवाह के लिए चंद्रावल और लखैरी नदियों को पुनर्जीवित किया गया था। जल पुरुष राजेंद्र सिंह भी इसे देखने गए थे। यह भी उपेक्षा का शिकार हो गया। महोबा के चरखारी में सात तालाबों का जीर्णोद्धार किया गया था। इसका जिक्र राजपरिवार की महारानी ने किया था। इस समय बुंदेलखंड का नौजवान बेरोजगार है। तिल, दलहन, मोठ की फसलें बर्बाद हो गई हैं। भाजपा सरकार की नीति किसानों के पक्ष में नहीं है।
विज्ञापन
अखिलेश ने सोमवार को जारी बयान में कहा कि पुष्पेंद्र का तीन महीने पहले ही विवाह हुआ था। उसकी पत्नी बेहाल है। सदमे में दो दिन पहले ही पुष्पेंद्र की दादी की मौत हो गई। पूरा परिवार गहन शोक के साथ दहशत में भी है। क्षेत्र की जनता में भी भारी आक्रोश है।
विज्ञापन
बुंदेलखंड उपेक्षा का शिकार
सपा अध्यक्ष ने कहा, पुष्पेंद्र के परिवार से मिलने जाने के दौरान उन्हें बुंदेलखंड त्रासदी से दो-चार होना पड़ा। उन्होंने कहा कि बेतवा नदी पर जहां रपटा है, वहां सपा सरकार ने पुल स्वीकृत किया था। ढाई वर्ष में भाजपा सरकार ने इसे बनाने की दिशा में कोई काम नहीं किया।
विज्ञापन
सपा सरकार में अविरल जल प्रवाह के लिए चंद्रावल और लखैरी नदियों को पुनर्जीवित किया गया था। जल पुरुष राजेंद्र सिंह भी इसे देखने गए थे। यह भी उपेक्षा का शिकार हो गया। महोबा के चरखारी में सात तालाबों का जीर्णोद्धार किया गया था। इसका जिक्र राजपरिवार की महारानी ने किया था। इस समय बुंदेलखंड का नौजवान बेरोजगार है। तिल, दलहन, मोठ की फसलें बर्बाद हो गई हैं। भाजपा सरकार की नीति किसानों के पक्ष में नहीं है।