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Lucknow News: समानता के नाम पर अन्याय और भेदभाव स्वीकार्य नहीं
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प्रदर्शन करते छात्र।
लखनऊ। विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) की ओर से गठित इक्वेटी कमेटी और उसके प्रस्तावित नए नियमों के खिलाफ छात्रों ने बुधवार को भी प्रदर्शन किया। उन्होंने राष्ट्रपति को ज्ञापन प्रेषित कर नए नियम स्थगित करने की मांग की।
हजरतगंज में जीपीओ स्थित गांधी प्रतिमा के समक्ष प्रदर्शन की अगुवाई कर रहे राष्ट्रीय छात्र पंचायत के अध्यक्ष शिवम पांडेय ने कहा कि समानता के नाम पर किसी भी वर्ग विशेष के साथ अन्याय और भेदभाद स्वीकार नहीं हो सकता। उन्होंने कहा कि यूजीसी की ओर से गठित की गई इक्वेटी कमेटी के नाम पर लाए ला रहे नीतिगत परिवर्तन भारत के संविधान की मूल भावना समानता, निष्पक्षता और सामान्य अवसर के विपरीत प्रतीत हो रहे हैं।
उन्होंने कहा कि शिक्षा नीति का उद्देश्य सशक्तीकरण होना चाहिए, न कि विभाजन। नए नियमों से उच्च शिक्षा व्यवस्था में सामाजिक संतुलन बिगड़ने, शैक्षणिक मेरिट प्रभावित होने तथा सामान्य छात्रों के साथ असामान्य व्यवहार की आशंका है। उन्होंने केंद्र सरकार और यूजीसी से पुनर्विचार के लिए हस्तक्षेप करने और नए नियमों को स्थगित कराने की मांग की।
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हजरतगंज में जीपीओ स्थित गांधी प्रतिमा के समक्ष प्रदर्शन की अगुवाई कर रहे राष्ट्रीय छात्र पंचायत के अध्यक्ष शिवम पांडेय ने कहा कि समानता के नाम पर किसी भी वर्ग विशेष के साथ अन्याय और भेदभाद स्वीकार नहीं हो सकता। उन्होंने कहा कि यूजीसी की ओर से गठित की गई इक्वेटी कमेटी के नाम पर लाए ला रहे नीतिगत परिवर्तन भारत के संविधान की मूल भावना समानता, निष्पक्षता और सामान्य अवसर के विपरीत प्रतीत हो रहे हैं।
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उन्होंने कहा कि शिक्षा नीति का उद्देश्य सशक्तीकरण होना चाहिए, न कि विभाजन। नए नियमों से उच्च शिक्षा व्यवस्था में सामाजिक संतुलन बिगड़ने, शैक्षणिक मेरिट प्रभावित होने तथा सामान्य छात्रों के साथ असामान्य व्यवहार की आशंका है। उन्होंने केंद्र सरकार और यूजीसी से पुनर्विचार के लिए हस्तक्षेप करने और नए नियमों को स्थगित कराने की मांग की।
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