{"_id":"5bfcec4bbdec22417217d993","slug":"industrialist-naveen-jindal-tweeted-that-traffic-system-of-lucknow-is-as-shameful","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"लखनऊ के 'शर्मनाक ट्रैफिक' पर उद्योगपति के ट्वीट से जागा प्रशासन, तय होगी अफसरों की जवाबदेही","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
लखनऊ के 'शर्मनाक ट्रैफिक' पर उद्योगपति के ट्वीट से जागा प्रशासन, तय होगी अफसरों की जवाबदेही
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
Updated Tue, 27 Nov 2018 12:33 PM IST
विज्ञापन
डेमो
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
लखनऊ के लिए जाम का झाम रोज का है। चार दिन पहले पूर्व सांसद व उद्योगपति नवीन जिंदल भी जाम में एक घंटे से ज्यादा फंसे रहे थे। इस पर कार में बैठे-बैठे ही उन्होंने ट्वीट कर राजधानी की यातायात व्यवस्था को शर्मनाक बताया था।
शहर के ट्रैफिक को लेकर हुई किरकिरी के बाद सोमवार को प्रशासन जागा। अब व्यस्ततम समय में प्रमुख मार्गों पर जाम मुक्त ट्रैफिक संचालन के लिए जिम्मेदार विभागों की संयुक्त जवाबदेही तय कर कार्रवाई की जाएगी।
जिंदल रेलवे के अंतरराष्ट्रीय सेमिनार में शामिल होने आए थे। कार्यक्रम में जाते वक्त सुबह 10.25 पर उन्होंने ट्वीट किया कि रेलवे में आधुनिक तकनीकी और आविष्कार पर आयोजित सेमिनार के लिए लखनऊ आ गया हूं। विशेषज्ञों को सुनना है, लेकिन रास्ते में भयानक जाम है।
विज्ञापन
24 मिनट से इसमें फंसा हूं। उम्मीद है जल्द यातायात चलेगा। उनके इस ट्वीट पर पियूष पांडेय ने लिखा कि, ‘मुस्कुराइये कि आप लखनऊ में हैं।’ नवीन सिंह ने लिखा, ‘सर, लखनऊ बदल रहा है।’ इस बीच 11.02 बजे दूसरा ट्वीट किया कि ‘एक घंटे से जबरदस्त ट्रैफिक में फंसा हूं। शर्मनाक है।
विज्ञापन
शहर के ट्रैफिक को लेकर हुई किरकिरी के बाद सोमवार को प्रशासन जागा। अब व्यस्ततम समय में प्रमुख मार्गों पर जाम मुक्त ट्रैफिक संचालन के लिए जिम्मेदार विभागों की संयुक्त जवाबदेही तय कर कार्रवाई की जाएगी।
विज्ञापन
जिंदल रेलवे के अंतरराष्ट्रीय सेमिनार में शामिल होने आए थे। कार्यक्रम में जाते वक्त सुबह 10.25 पर उन्होंने ट्वीट किया कि रेलवे में आधुनिक तकनीकी और आविष्कार पर आयोजित सेमिनार के लिए लखनऊ आ गया हूं। विशेषज्ञों को सुनना है, लेकिन रास्ते में भयानक जाम है।
विज्ञापन
24 मिनट से इसमें फंसा हूं। उम्मीद है जल्द यातायात चलेगा। उनके इस ट्वीट पर पियूष पांडेय ने लिखा कि, ‘मुस्कुराइये कि आप लखनऊ में हैं।’ नवीन सिंह ने लिखा, ‘सर, लखनऊ बदल रहा है।’ इस बीच 11.02 बजे दूसरा ट्वीट किया कि ‘एक घंटे से जबरदस्त ट्रैफिक में फंसा हूं। शर्मनाक है।
जाम पर अब नहीं चलेगी बहानेबाजी
यह वक्त, ईंधन और पर्यावरण की बर्बादी है। हम सामान्य ट्रैफिक तक नहीं चला सकते। उम्मीद है कि उत्तर प्रदेश की सरकार राजधानी का यातायात दुरुस्त करने के लिए कदम उठाएगी।’ उनके इस ट्वीट पर यूपी पुलिस के हैंडल से लखनऊ और यूपी की ट्रैफिक पुलिस को कार्रवाई के निर्देश दिए गए।
इसके बाद शाहनवाज खान ने भी ट्वीट कर अपनी हालिया लखनऊ यात्रा के दौरान यहां की ध्वस्त ट्रैफिक व्यवस्था का जिक्र किया। अमितेश सूफी ने लखनऊ और पटना के ट्रैफिक को एक जैसा बताते हुए दोनों जगह सड़क जाम को सामान्य कहा।
तमाम कोशिशों के बाद भी शहर की यातायात व्यवस्था बेपटरी है। इसे दुरुस्त करने को डीएम की पहल पर शुरू इस कवायद की जिम्मेदारी एडीएम सिटी पूर्वी की अगुवाई में एसपी ट्रैफिक व नगर निगम के अपर नगर आयुक्त की तीन सदस्यीय हाई पावर कमेटी को सौंपी गई है।
इसके बाद शाहनवाज खान ने भी ट्वीट कर अपनी हालिया लखनऊ यात्रा के दौरान यहां की ध्वस्त ट्रैफिक व्यवस्था का जिक्र किया। अमितेश सूफी ने लखनऊ और पटना के ट्रैफिक को एक जैसा बताते हुए दोनों जगह सड़क जाम को सामान्य कहा।
तमाम कोशिशों के बाद भी शहर की यातायात व्यवस्था बेपटरी है। इसे दुरुस्त करने को डीएम की पहल पर शुरू इस कवायद की जिम्मेदारी एडीएम सिटी पूर्वी की अगुवाई में एसपी ट्रैफिक व नगर निगम के अपर नगर आयुक्त की तीन सदस्यीय हाई पावर कमेटी को सौंपी गई है।
शहर को नहीं मिल रही जाम से मुक्ति
यह ट्रैफिक सिस्टम को जाम मुक्त बनाने के लिए संबंधित विभागों के जिम्मेदारों की भूमिका तय कर रिपोर्ट 15 दिन में लागू करने की संस्तुति के साथ डीएम को सौंपेगी। बीते दिनों डीएम, एसएसपी व नगर आयुक्त ने एक साथ महानगर गोल चौराहे पर अतिक्रमण हटवा जाम मुक्त यातायात को प्रभावी बनवाया था।
इस दौरान जिलाधिकारी कौशल राज शर्मा ने पाया कि ट्रैफिक पुलिस, सिविल पुलिस, नगर निगम, एलडीए और पीडब्ल्यूडी जैसे विभागों के जिम्मेदारों में आपसी समन्वय न बन पाने से ही शहर को जाम से मुक्ति नहीं मिल रही। इसे देखते हुए उन्होंने अधिकारियों के बीच समन्वय बनाने और गड़बड़ी पर सीधे संबंधित विभाग के जिम्मेदारों की जवाबदेही तय कर कार्रवाई के घेरे में लाने की पहल की है।
इस दौरान जिलाधिकारी कौशल राज शर्मा ने पाया कि ट्रैफिक पुलिस, सिविल पुलिस, नगर निगम, एलडीए और पीडब्ल्यूडी जैसे विभागों के जिम्मेदारों में आपसी समन्वय न बन पाने से ही शहर को जाम से मुक्ति नहीं मिल रही। इसे देखते हुए उन्होंने अधिकारियों के बीच समन्वय बनाने और गड़बड़ी पर सीधे संबंधित विभाग के जिम्मेदारों की जवाबदेही तय कर कार्रवाई के घेरे में लाने की पहल की है।