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एसओ ने लिखी कप्तान के खिलाफ रपट

Mon, 13 Oct 2014 02:18 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, लखनऊ
ब्यूरो/अमर उजाला, लखनऊ Updated Mon, 13 Oct 2014 02:18 PM IST
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indiscipline act of UP police.

जमीन के एक मामले में पक्षपात करने पर जब एसएसपी प्रवीण कुमार ने एसओ बीकेटी को फटकार लगाई तो रोजनामचे में उसने कप्तान के खिलाफ ही लिखापढ़ी कर डाली।

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एसओ रामप्रसाद यादव की इस लापरवाही और अनुशासनहीनता पर एसएसपी ने उसे लाइन हाजिर कर उसके कारनामों की जांच शुरू कराई है।

कहा जा रहा है कि सपा के एक शीर्ष नेता का करीबी होने के चलते रामप्रसाद कई मामलों में मनमानी करता रहता है।

एसएसपी ने बताया कि जमीन पर कब्जे के एक मामले में रामप्रसाद पर पीड़ित पक्ष की सुनवाई के बजाय दूसरे पक्ष का साथ देने का अरोप था।

इसकी सीओ बीकेटी से जांच कराई गई थी। जांच में रामप्रसाद की भूमिका सही नहीं पाई गई। तब उसे फटकार लगाकर उस मामले में सही कार्रवाई करने का आदेश दिया था।

एसएसपी ने कहा कि इसके बाद भी जब उसने मनमानी और अनुशासनहीनता की तो उसे हटा दिया गया है। रामप्रसाद की जगह पुलिस लाइन से इंस्पेक्टर विजयमल यादव को बीकेटी थाने का इंचार्ज बनाया गया है।

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भ्रष्टाचार के खिलाफ कार्रवाई से था नाराज

indiscipline act of UP police.

थाने से पता चला कि एसएसपी ने रामप्रसाद को भ्रष्टाचार के मामले में कार्रवाई करने की चेतावनी दी थी।

इससे खफा होकर रामप्रसाद ने 22 सितंबर को थाने के रोजनामचे (जीडी) में कप्तान के खिलाफ दो पन्ने की रपट लिखी।

इसमें उसने आरोप लगाया कि गांव रामपुर बेहड़ा में शिवराज व बाबूलाल के बीच जमीन का विवाद एसडीएम कोर्ट में विचाराधीन होने के बावजूद कप्तान ने एक पक्ष की तरफ से कब्जे के लिए दबाव बनाया और उसे हटाने की धमकी दी है।

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