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Lucknow News: इंदिरागांधी नक्षत्रशाला का हुआ लोकार्पण, पहले शो में बच्चों ने की ब्रह्मांड की सैर
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फोटो-अर्जुन साहू(अमर उजाला)डालीगंज स्थित इंदिरा गांधी नक्षत्रशाला में नए अपग्रेडेशन कार्यो का
लखनऊ। ब्रह्मांड के अबूझ रहस्यों को करीब से देख, समझ और महसूस करने के लिए राजधानी स्थित इंदिरागांधी नक्षत्रशाला का आधुनिकीकरण के बाद सोमवार को विज्ञान एवं प्राैद्योगिकी मंत्री अनिल कुमार ने लोकार्पण किया। इस माैके पर मोहनलालगंज स्थित अटल आवासीय विद्यालय के साै बच्चों ने लोकार्पण के बाद पहला शो देखा।
इस माैके पर विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्री अनिल कुमार ने कहा कि इंदिरा गांधी नक्षत्रशाला अब केवल एक शो देखने का केंद्र नहीं रहेगा, बल्कि यह उत्तर भारत का विज्ञान नवाचार, शिक्षा एवं विज्ञान संचार का प्रमुख हब बनेगा। इसका नया स्वरूप छात्रों, शिक्षकों, शोधकर्ताओं, वैज्ञानिकों व आमजन सभी के लिए उपयोगी होगा।
एक दिलचस्प किस्से को याद करते हुए बताया कि अंतरिक्ष विज्ञान में दिलचस्पी की वजह से वह बचपन में गोरखपुर तारामंडल में शो देखने गए थे और आज मंत्री की हैसियत इस नक्षत्रशाला का लोकार्पण करने पहुंचे हैं।
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उन्होंने बताया कि नक्षत्रशाला में स्थापित उपकरणों की लागत 29.65 करोड़ रुपये, सिविल, इलेक्ट्रिकल व एसी आदि की मरम्मत की लागत 11.43 करोड़ रुपये आई। इस तरह नक्षत्रशाला के आधुनिकीकरण में कुल 41.08 करोड़ रुपये का व्यय हुआ है।
वहीं, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग के प्रमुख सचिव पंधारी यादव ने कहा कि यह अत्याधुनिक नक्षत्रशाला दर्शकों को ब्रह्मांड की अद्भुत यात्रा पर ले जाएगी। नई शिक्षा नीति के के अनुरूप विज्ञान शिक्षा को बढ़ावा देगी।
पुरस्कृत किए गए बच्चे
इस माैके पर बच्चों के बीच निबंध प्रतियोगिता हुई, जिसमें स्वदेश कुमार को प्रथम, शिवांगी यादव को द्वितीय, दीप्ति चौरसिया को तृतीय पुरस्कार मिला। होनहार गौतम, साक्षी गौतम, विनीत कुमार, अनुपम एवं आदित्य कुमार को सांत्वना पुरस्कार मिला। वहीं पोस्टर प्रतियोगिता में संगम को प्रथम, शुभी शर्मा को द्वितीय व तेजस्वी चौहान को तीसरा पुरस्कार मिला।
एमेच्योर एस्ट्रोनॉमर्स क्लब के सदस्यों की खोज को मिलेगी उड़ान
नक्षत्रशाला के दोबारा खुल जाने से एमेच्योर एस्ट्रोनॉमर्स क्लब के सदस्यों में बेहद उत्साह है कि अब सक्रिय होकर वह दोबारा नए नेबुला, एस्टेरायड आदि की खोज कर सकेंगे। यूपीसीएसटी के वैज्ञानिक अधिकारी डाॅ. सुमित कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि साल 2018 तक नक्षत्रशाला से जुड़े उप्र एमेच्योर एस्ट्रोनॉमर्स क्लब में लगभग 1500 सक्रिय सदस्य हुआ करते थे। नक्षत्रशाला की ओर से इस एस्ट्रोनामी क्लब के जरिए टेलीस्कोप से खगोलीय घटनाओं व ग्रह व नक्षत्रों आदि दिखाने के साथ ही विद्यार्थियों को टेलीस्कोप संचालन का प्रशिक्षण दिया जाता है।
I नक्षत्रशाला के खुलने से मन उत्साहित है। अब मैं अपने शाैक को थोड़ा वक्त दे सकूंगा। फिर से टेलीस्कोप संभालने का वक्त आ गया।I
I- स्वप्निल, वरिष्ठ सदस्य, यूपी एमेच्योर एस्ट्रोनॉमर्स क्लब I
Iकोविड के बाद अब दोबारा नक्षत्रशाला में अपनी खोज को धार दूंगा। एक नए नेबुला की खोज पर काम कर रहा हूं। क्लब के सदस्यों के साथ सन वाचिंग, नाइट स्काई फिर से शुरू करेंगे। I
I- उत्कर्ष, वरिष्ठसदस्य, यूपी एमेच्योर एस्ट्रोनॉमर्स क्लब I
बच्चे हुए रोमांचित
हमारी पृथ्वी पर जीवन कैसे पनपा होगा, बिंग-बैंग की टक्कर के बाद कैसे हमारा साैरमंडल बना, सूरज लाखों साल से किस तरह हमें प्रकाश और ऊर्जा दे रहा है, क्या एलियंस सचमुच होते हैं, ऐसे अनगिनत सवालों और पहेलियों को मन में लिए मोहनलालगंज के अटल आवासीय विद्यालय के साै से ज्यादा बच्चों ने इंदिरागांधी नक्षत्रशाला के लोकार्पण के बाद का पहला शो देखा। सभी की आंखों में अचरज और विस्मय था।
Iपहली बार पर्दे पर देखा बिगबैंग I
Iनक्षत्रशाला में शो देखकर बेहद रोमांचित हूं। पहली बार पर्दे पर सुपर नोवा और बिगबैंग की टक्कर देखने का माैका मिला। I
I- ऋषि यादव, कक्षा- 9I
Iशुभांशु की तरह काश मुझे भी ब्रह्मांड की सैर का माैका मिलेI
Iशुभांशु मेरे रोल माॅडल हैं। पहली बार पर्दे पर ब्रह्मांड और साैरमंडल को देखा। काश मुझे भी एक दिन शुभांशु की तरह ब्रह्मांड की सैर का माैका मिले, इसके लिए खूब मेहनत से पढ़ूंगी। I
I- आयुषी कुमारी, कक्षा-9I
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इस माैके पर विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्री अनिल कुमार ने कहा कि इंदिरा गांधी नक्षत्रशाला अब केवल एक शो देखने का केंद्र नहीं रहेगा, बल्कि यह उत्तर भारत का विज्ञान नवाचार, शिक्षा एवं विज्ञान संचार का प्रमुख हब बनेगा। इसका नया स्वरूप छात्रों, शिक्षकों, शोधकर्ताओं, वैज्ञानिकों व आमजन सभी के लिए उपयोगी होगा।
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एक दिलचस्प किस्से को याद करते हुए बताया कि अंतरिक्ष विज्ञान में दिलचस्पी की वजह से वह बचपन में गोरखपुर तारामंडल में शो देखने गए थे और आज मंत्री की हैसियत इस नक्षत्रशाला का लोकार्पण करने पहुंचे हैं।
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उन्होंने बताया कि नक्षत्रशाला में स्थापित उपकरणों की लागत 29.65 करोड़ रुपये, सिविल, इलेक्ट्रिकल व एसी आदि की मरम्मत की लागत 11.43 करोड़ रुपये आई। इस तरह नक्षत्रशाला के आधुनिकीकरण में कुल 41.08 करोड़ रुपये का व्यय हुआ है।
वहीं, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग के प्रमुख सचिव पंधारी यादव ने कहा कि यह अत्याधुनिक नक्षत्रशाला दर्शकों को ब्रह्मांड की अद्भुत यात्रा पर ले जाएगी। नई शिक्षा नीति के के अनुरूप विज्ञान शिक्षा को बढ़ावा देगी।
पुरस्कृत किए गए बच्चे
इस माैके पर बच्चों के बीच निबंध प्रतियोगिता हुई, जिसमें स्वदेश कुमार को प्रथम, शिवांगी यादव को द्वितीय, दीप्ति चौरसिया को तृतीय पुरस्कार मिला। होनहार गौतम, साक्षी गौतम, विनीत कुमार, अनुपम एवं आदित्य कुमार को सांत्वना पुरस्कार मिला। वहीं पोस्टर प्रतियोगिता में संगम को प्रथम, शुभी शर्मा को द्वितीय व तेजस्वी चौहान को तीसरा पुरस्कार मिला।
एमेच्योर एस्ट्रोनॉमर्स क्लब के सदस्यों की खोज को मिलेगी उड़ान
नक्षत्रशाला के दोबारा खुल जाने से एमेच्योर एस्ट्रोनॉमर्स क्लब के सदस्यों में बेहद उत्साह है कि अब सक्रिय होकर वह दोबारा नए नेबुला, एस्टेरायड आदि की खोज कर सकेंगे। यूपीसीएसटी के वैज्ञानिक अधिकारी डाॅ. सुमित कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि साल 2018 तक नक्षत्रशाला से जुड़े उप्र एमेच्योर एस्ट्रोनॉमर्स क्लब में लगभग 1500 सक्रिय सदस्य हुआ करते थे। नक्षत्रशाला की ओर से इस एस्ट्रोनामी क्लब के जरिए टेलीस्कोप से खगोलीय घटनाओं व ग्रह व नक्षत्रों आदि दिखाने के साथ ही विद्यार्थियों को टेलीस्कोप संचालन का प्रशिक्षण दिया जाता है।
I नक्षत्रशाला के खुलने से मन उत्साहित है। अब मैं अपने शाैक को थोड़ा वक्त दे सकूंगा। फिर से टेलीस्कोप संभालने का वक्त आ गया।I
I- स्वप्निल, वरिष्ठ सदस्य, यूपी एमेच्योर एस्ट्रोनॉमर्स क्लब I
Iकोविड के बाद अब दोबारा नक्षत्रशाला में अपनी खोज को धार दूंगा। एक नए नेबुला की खोज पर काम कर रहा हूं। क्लब के सदस्यों के साथ सन वाचिंग, नाइट स्काई फिर से शुरू करेंगे। I
I- उत्कर्ष, वरिष्ठसदस्य, यूपी एमेच्योर एस्ट्रोनॉमर्स क्लब I
बच्चे हुए रोमांचित
हमारी पृथ्वी पर जीवन कैसे पनपा होगा, बिंग-बैंग की टक्कर के बाद कैसे हमारा साैरमंडल बना, सूरज लाखों साल से किस तरह हमें प्रकाश और ऊर्जा दे रहा है, क्या एलियंस सचमुच होते हैं, ऐसे अनगिनत सवालों और पहेलियों को मन में लिए मोहनलालगंज के अटल आवासीय विद्यालय के साै से ज्यादा बच्चों ने इंदिरागांधी नक्षत्रशाला के लोकार्पण के बाद का पहला शो देखा। सभी की आंखों में अचरज और विस्मय था।
Iपहली बार पर्दे पर देखा बिगबैंग I
Iनक्षत्रशाला में शो देखकर बेहद रोमांचित हूं। पहली बार पर्दे पर सुपर नोवा और बिगबैंग की टक्कर देखने का माैका मिला। I
I- ऋषि यादव, कक्षा- 9I
Iशुभांशु की तरह काश मुझे भी ब्रह्मांड की सैर का माैका मिलेI
Iशुभांशु मेरे रोल माॅडल हैं। पहली बार पर्दे पर ब्रह्मांड और साैरमंडल को देखा। काश मुझे भी एक दिन शुभांशु की तरह ब्रह्मांड की सैर का माैका मिले, इसके लिए खूब मेहनत से पढ़ूंगी। I
I- आयुषी कुमारी, कक्षा-9I