यूपी सरकार ने लिया कांशीराम आवास योजना के मकान पूरे करवाने का फैसला
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साथ ही परियोजनाओं को पूरी करके लाभार्थियों को मकान एक महीने के भीतर आवंटित भी किया जाएगा। इन परियोजनाओं को पूरा करने के लिए आवास विभाग ने सभी विकास प्राधिकरण व नगर निकायों को दिशा निर्देश जारी कर दिया है।
दलित गरीबों को मकान उपलब्ध कराने के लिए बसपा सरकार ने 2 जून-2008 को ‘मान्यवर श्री कांशीराम शहरी गरीब आवास योजना’ को बड़ी धूमधाम से शुरू किया था। लेकिन 2012 में सूबे में सरकार बदली तो बसपा सुप्रीमो मायावती के इस ‘ड्रीम प्रोजेक्ट’ को बंद कर दिया गया।
योजना का संचालन कर रही आवास विकास परिषद और आवास विभाग ने सरकार को रिपोर्ट दी कि योजना बंद करने से सरकार का करोड़ों रुपये पानी में चले जाएंगे।
इस पर सरकार ने यह आदेश जारी कर दिया कि जिन परियोजनाओं में मकानों का निर्माण कार्य प्लींथ तक हो चुका हो चुका, उन्हें पूरा किया जाए और शेष परियोजनाएं बंद कर दी जाएं।
सरकारी खजाने पर नहीं पड़ेगा भार
सपा सरकार ने अधूरी परियोजनाओं को पूरा करने का आदेश तो दे दिया, लेकिन इसके लिए रकम जारी नहीं की। अब नई सरकार के फैसले के बाद आवास विभाग नें सभी डीएम को निर्देश दिया है कि उनके जिले में इस योजना से संबंधित कोई परियोजना अधूरी है तो उसे विकास प्राधिकरणो या आवास विकास के जरिए पूरा करा दिया जाए।
अधूरी परियोजनाओं को पूरी करने के लिए सरकारी खजाने पर कोई भार नहीं पड़ेगा। इसके लिए सरकार ने बजट की व्यवस्था आवास विकास परिषद व आवास विकास प्राधिकरणों को स्टांप ड्यूटी से करने को कहा है।
स्टांप ड्यूटी से मिलने वाली राशि का 2 प्रतिशत हिस्सा इन परियोजनाओं को पूरा करने के लिए खर्च किया जाएगा।आवास विभाग विकास की ओर से सभी जिलाधिकारियों की जारी सर्कुलर में कहा गया है कि अधूरी परियोजनाओं के पूरी करने के एक महीने के भीतर लाभार्थियों को मकानों का आवंटन कर दिया जाए। मकान आवंटन का काम संबंधित जिलों के डीएम की अध्यक्षता में गठित कमेटी की निगरानी में हो। इसमें पूरी पारदर्शिता बनाए रखने के निर्देश दिए गए हैं।