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कुम्हार को प्रदेश में अनुसूचित जाति का दर्जा
महेंद्र तिवारी/अमर उजाला, लखनऊ
Updated Mon, 03 Feb 2014 08:49 AM IST
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हाईकोर्ट की लखनऊ खंडपीठ के एक फैसले की व्याख्या करते हुए प्रदेश सरकार ने ‘कुम्हार’ को अनुसूचित जाति (एससी) की श्रेणी में शामिल कर दिया है।
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समाज कल्याण विभाग ने इस संबंध में शासनादेश जारी कर कुम्हारों को अनुसूचित जातियों को मिलने वाली सभी सुविधाएं देने का आदेश दिया है।
रविवार को कैबिनेट मंत्री गायत्री प्रसाद प्रजापति ने 15 दिन पहले जारी इस शासनादेश का खुलासा प्रेस कांफ्रेंस बुलाकर किया।
उन्होंने बताया कि इस फैसले से प्रदेश की कुल आबादी के करीब पौने तीन प्रतिशत कुम्हार जाति लाभान्वित होंगे। प्रजापति ने इसका पूरा श्रेय सपा मुखिया मुलायम सिंह यादव को दिया।
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प्रजापति ने बताया कि 1957 तक कुम्हार एससी में शामिल थे, लेकिन सामंतवादी सोच से ग्रसित कांग्रेस ने कुम्हारों को इस श्रेणी से बाहर कर दिया।
सपा मुखिया ने सत्ता में आने पर सबसे पहले कुम्हारों को मिट्टी का पट्टा देने का काम किया। 2005 में कुम्हार व 15 अन्य जातियों की लड़ाई लड़ते हुए एससी की सूची में शामिल करने का अध्यादेश जारी कराया।
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कैबिनेट से प्रस्ताव पास करवाकर केंद्र को भेजा। मगर कांग्रेस, भाजपा व बसपा नहीं चाहती थी कि कुम्हार एससी में शामिल हों।
बसपा सरकार आई तो उसने इन जातियों को धोखा देते हुए प्रस्ताव को वापस लिया। सपा ने हर स्तर पर विरोध किया 2012 के विधानसभा चुनाव में अपने घोषणापत्र में इन जातियों को एससी में शामिल करने का वादा किया।
मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के सत्ता में आने के बाद विधानसभा से संकल्प पारित करवाकर 17 पिछड़ी जातियों को एससी में शामिल करने का प्रस्ताव केंद्र को भेज चुके हैं।
मंत्री ने बताया कि उन्होंने यूपीए अध्यक्ष सोनिया गांधी, कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह को इसके लिए पत्र लिख मिलने का वक्त मांगा, लेकिन इन लोगों ने कभी पत्र का जवाब तक नहीं दिया।
पिछड़ा वर्ग विरोधी कांग्रेस, भाजपा व बसपा इसे संसद से पास नहीं होने दे रही हैं। मगर सपा मुखिया इनके हक के लिए प्रतिबद्ध हैं और सड़क से संसद तक संघर्ष जारी रखे हुए हैं।
इस बीच मुख्यमंत्री ने हाईकोर्ट के फैसले के आधार पर कसेरा समाज की तरह कुम्हार को भी शिल्पकार की उपजाति होने के नाते एससी में शामिल करने का शासनादेश जारी करवा दिया है।
इसके अलावा पिछड़ा वर्ग की 15 अन्य जातियों को एक सप्ताह में एससी श्रेणी की सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। इस संबंध में मुख्यमंत्री से वार्ता हो चुकी है।