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...जिस कौम पर कुर्बान हैं अशफाक और बिस्मिल

Sat, 10 Aug 2019 01:45 AM IST
Lucknow Bureau लखनऊ ब्यूरो
Updated Sat, 10 Aug 2019 01:45 AM IST
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In the memory of kakori
...जिस कौम पर कुर्बान हैं अशफाक और बिस्मिल
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काकोरी केस की 96वीं वर्षगांठ पर दास्तानगोई के माध्यम से अमर शहीदों को किया याद
हिंदुस्तान की शान हैं अशफाक व बिस्मिल। दो जिस्म और एक जान हैं अशफाक व बिस्मिल। उस कौम को बेड़ी कोई पहना नहीं सकता। जिस कौम पर कुर्बान हैं अशफाक और बिस्मिल। अशफाक व बिस्मिल हैं मुसलमान में हिंदू। हिंदू में मुसलमान हैं अशफाक व बिस्मिल। इन पंक्तियों से हिमांशु बाजपेयी की टीम ने शुक्रवार को काकोरी शहीद स्मारक पर दास्तानगोई शुरू की। अवसर था बाजपुर स्थित काकोरी शहीद मंदिर में केस की 96वीं वर्षगांठ पर अमर शहीदों को याद करने का।
हिमांशु कहते हैं कि अशफाक और बिस्मिल की दोस्ती को महज हिंदू-मुस्लिम की एकजुटता भर नहीं है। यह समय का वह शिलालेख है, जिसने साम्राज्यवादी ताकतों की साजिश को भांप लिया था। क्रांतिकारी समझ गए थे कि अंग्रेज देश के हिंदू-मुसलमानों को बांटकर अपनी सत्ता को खाद-पानी देते रहेंगे। अशफाक और बिस्मिल ने अपनी दोस्ती की मिसाल देकर अंग्रेजों के मंसूबों को बेनकाब करने की हरसंभव कोशिश की।
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दास्तागोई से पहले मुख्य अतिथि एडीएम (प्रशासन) श्रीप्रकाश गुप्ता, एसडीएम सदर अभिनव रंजन, बीडीओ संस्कृता मिश्रा और उदय खत्री ने शहीदों की प्रतिमाओं पर माल्यार्पण किया। एडीएम ने कहा कि काकोरी केस के बलिदानी क्रांतिकारी अब भी युवाओं के प्रेरणास्रोत हैं। उनके त्याग को समझने की जरूरत है। उनका स्वप्न था कि समाज के अंतिम पंक्ति के व्यक्ति के चेहरों पर मुस्कान आए। देशवासियों में जोश भरने के उद्देश्य से काकोरी कांड को अंजाम दिया था। अपर मंडलायुक्त रणविजय सिंह ने बताया कि लक्ष्य तय करके काम करें। दोस्ती मजहब के बजाय विश्वास के आधार पर हो। यह सब काकोरी केस के क्रांतिकारियों से सीखने को मिलता है। शहीद स्मृति समारोह समिति के अध्यक्ष उदय खत्री ने संचालन किया।
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बच्चों ने देशभक्ति गीतों से बांध समां
यूनिक कॉन्वेंट इंटर कॉलेज की छात्राओं ने वंदे मातरम् गीत प्रस्तुत किया। बाबू त्रिलोकी सिंह इंटर कॉलेज के छात्र शिवम रावत, काकोरी कन्या इंटर कॉलेज की छात्राओं और मुंबई से आए देवांश ने देशभक्ति गीतों से समां बांध दिया। प्रतिभागी बच्चों को पांच-पांच सौ रुपये का नकद पुरस्कार हौसला बढ़ाया गया।
स्वतंत्रता सेनानियों के आश्रितों का सम्मान
एडीएम ने कार्यक्रम में शामिल 97 वर्षीय स्वतंत्रता संग्राम सेनानी मोहम्मद साबिर अली, स्वतंत्रता सेनानी के परिवार के आश्रित राजेंद्र नाथ बख्शी, क्रांति कुमार, सुषमा द्विवेदी, कुसुम द्विवेदी को अंग वस्त्र और प्रतीक चिन्ह देकर सम्मानित किया। अतिथियों ने पौधरोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संकल्प दोहराया।

युवाओं ने निकाली बाइक रैली
हिंदू जनसेवा समिति से जुड़े युवाओं ने काकोरी कस्बा से शाहिद स्मारक तक बाइक रैली निकाली। इस दौरान युवाओं ने शहीद मंदिर जाकर क्रांतिकारियों की प्रतिमाओं पर श्रद्धांजलि अर्पित की। इस दल में प्रज्जवल गुप्ता, वरुण गुप्ता, विशाल गुप्ता, सौरभ आदि शामिल रहे।
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