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Lucknow: श्रावस्ती-बहराइच के कुछ क्षेत्रों में 10 साल में एक समुदाय की आबादी दोगुनी बढ़ी, गृह मंत्रालय चिंतित

Fri, 29 Aug 2025 05:49 AM IST
दुष्यंत शर्मा अभिषेक राज, लखनऊ
अभिषेक राज, लखनऊ Published by: दुष्यंत शर्मा Updated Fri, 29 Aug 2025 05:49 AM IST
सार

अवध के तीन संवेदनशील जिले श्रावस्ती, बहराइच और बलरामपुर नेपाल से सीधे जुड़े हैं। श्रावस्ती और बहराइच के कुछ क्षेत्रों में तो बीते दस वर्षों में एक समुदाय की आबादी दोगुनी बढ़ी है।

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In some areas of Shravasti-Bahraich, population of a community doubled in 10 years, Home Ministry is worried
demo - फोटो : ANI

विस्तार

सीमावर्ती क्षेत्रों में जनसांख्यिकीय बदलाव और अवैध धार्मिक अतिक्रमण पर केंद्रीय गृह मंत्रालय ने चिंता जताई है। अवध के तीन संवेदनशील जिले श्रावस्ती, बहराइच और बलरामपुर नेपाल से सीधे जुड़े हैं। श्रावस्ती और बहराइच के कुछ क्षेत्रों में तो बीते दस वर्षों में एक समुदाय की आबादी दोगुनी बढ़ी है।

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दोनों जिलों में सीमा से 30 किलोमीटर की परिधि में बड़े पैमाने पर धार्मिक अतिक्रमण भी हुए हैं। सुरक्षा एजेंसियों ने यहां विदेशी फंडिंग के मामले भी पकड़े हैं। जाली नोटों की तस्करी और धर्मांतरण में पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी आईएसआई की संलिप्तता पहले ही उजागर हो चुकी है। नेपाल के सीमावर्ती क्षेत्रों में तैनात रहे पूर्व आईबी अधिकारी संतोष सिंह बताते हैं कि संदिग्ध गतिविधियों के मामले में बलरामपुर भी बेहद संवेदनशील है। खासकर अवैध धर्मांतरण में छांगुर की गिरफ्तारी के बाद।
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छांगुर ने विदेशी फंडिंग का इस्तेमाल कर सुनियोजित तरीके से सीमावर्ती क्षेत्रों में धर्मांतरण कराया। उसके अड्डे पर बड़े पैमाने पर विदेशी नागरिकों का भी जमावड़ा रहा। धर्मांतरण के लिए उसने नेपाल के बैंक खातों में विदेश से पैसे मंगाए। ईसाई मिशनरियों ने भी यहां सक्रियता बढ़ाई। दलित और गरीब परिवारों के धर्मांतरण कराए जा रहे हैं। इसके इतर ताजा मामला टेरर फंडिंग का है जिसके तहत करीब 100 करोड़ रुपये पाकिस्तान भेजे गए हैं।
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घातक होंगे दूरगामी नतीजे : शाही
पूर्व सूचना आयुक्त व वरिष्ठ पत्रकार हर्षवर्धन शाही कहते हैं कि केंद्रीय गृह मंत्रालय की चिंता वाजिब है। यूपी के सीमावर्ती सभी सात जिलों पीलीभीत, लखीमपुर खीरी, बहराइच, श्रावस्ती, बलरामपुर, सिद्धार्थनगर और महराजगंज की स्थिति चिंताजनक है। इसके दूरगामी परिणाम बेहद घातक होने वाले हैं।

इन बातों ने बढ़ाई चिंता

  • सीमावर्ती जिलों में तेजी से जनसांख्यिकीय बदलाव
  • स्थानीय लोगों का पलायन, बाहरी लोगों की सक्रियता
  • सीमा के आसपास अवैध धार्मिक अतिक्रमण
  • मानव तस्करी और आपराधिक घटनाओं में वृद्धि

बलरामपुर के पूर्व डीएम भी उठा चुके हैं सवाल
वर्ष 2024 में बलरामपुर के तत्कालीन डीएम अरविंद सिंह ने सीमावर्ती जिले में संदिग्ध गतिविधियों की रिपोर्ट शासन को भेजी थी, लेकिन रिपोर्ट दबा दी गई। रिपोर्ट में जिक्र था कि बलरामपुर में बड़ी मात्रा में विदेशी फंडिंग हो रही है। धन शोधन से काले धन को वैध बनाकर असामाजिक तत्व उसका उपयोग कर रहे हैं। इसमें उन्होंने तत्कालीन पुलिस अधिकारियों और तीन चर्चित थानेदारों की संलिप्तता भी उजागर की थी। हालांकि, इस रिपोर्ट के बाद अरविंद को जिले से हटा दिया गया।

अमर उजाला ने एक वर्ष पहले ही चेताया था
सीमावर्ती क्षेत्रों में तेजी से हो रहे जनसांख्यिकीय बदलाव और अवैध धार्मिक अतिक्रमण पर अक्तूबर 2024 में ही अमर उजाला ने अभियान चलाकर चेताया था। 28 अक्तूबर की पहली कड़ी में बताया गया था कि नो मेंस लैंड को पाटकर रास्ता बना दिया गया है। बॉर्डर पर अतिक्रमण कर मदरसा खोला गया है। सीमावर्ती क्षेत्रों में बने मदरसों से घुसपैठ की साजिश, मनी एक्सचेंज के काले कारोबार से बॉर्डर पर टेरर फंडिंग का खेल, मजहबी शिक्षा की आड़ में नेपाल बॉर्डर पर मिशन आबाद की जानकारी भी दी। अब उन्हीं बिंदुओं पर केंद्रीय गृह मंत्रालय गंभीर हुआ है और सीमावर्ती सभी जिलों के डीएम व एसपी को कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।

नेपाल के सीमावर्ती जिलों में भी स्थिति ठीक नहीं
भारत के साथ ही नेपाल के सीमावर्ती जिलों की स्थिति भी ठीक नहीं है। वहां पर भी जनसांख्यिकी बदलाव हो रहा है। नेपाल में 2021 में हुई जनगणना के अनुसार पिछले दशक में हिंदुओं की आबादी में गिरावट आई है। केंद्रीय जनसांख्यिकीय ब्यूरो के अनुसार 2021 की जनगणना में 2,36,77,744 हिंदू थे। इसमें 0.11 फीसदी की गिरावट आई है। यहां मुस्लिम और ईसाइयों की आबादी में वृद्धि हुई है। अब इस्लाम नेपाल में तीसरा सबसे बड़ा धर्म हो गया है। यहां करीब 15 लाख मुस्लिम रहते हैं जो वहां की जनसंख्या का 5.09% हैं। 2011 में नेपाल में मुस्लिम आबादी 4.39% थी। ये सभी मूल रूप से नेपाली नहीं हैं। नेपाल की अधिकांश मुस्लिम आबादी तराई क्षेत्र में रहती है जिसकी सीमा भारत से जुड़ी है।



केंद्रीय गृह मंत्री की बैठक में देवीपाटन मंडल से आईजी अमित पाठक व श्रावस्ती के डीएम शामिल हुए। उनकी रिपोर्ट के आधार पर सीमावर्ती जिलों में कार्रवाई की योजना तैयार की जाएगी। सीमा की सुरक्षा को लेकर हम गंभीर हैं। इसमें नेपाल से भी सहयोग लिया जा रहा है। 
-शशि भूषण लाल सुशील, कमिश्नर देवीपाटन मंडल
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