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माघ मेला में करें श्रद्धालुओं को करोना से बचाव का पुख्ता इतंजाम: योगी
Tue, 10 Nov 2020 11:13 PM IST
पंकज श्रीवास्तव
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
Published by: पंकज श्रीवास्तव
Updated Tue, 10 Nov 2020 11:13 PM IST
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मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ
- फोटो : amar ujala
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आगामी माघ मेले में आने आने वाले श्रद्धालुओं को कोरोना से बचाव पर सरकार का खास फोकस रहेगा। इसके लिए कोरोना प्रोटोकाल का जहां कड़ाई से पालन करने की व्यवस्था की जाएगी, वहीं कल्पवासियों व अन्य श्रद्धालुओं के ठहरने वाले स्थानों को नियमित तौर पर सेनेटाइज करने के भी निर्देश दिए गए हैं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मंगलवार को माघ मेले की तैयारियों की समीक्षा करते हुए मेले में आने वाले श्रद्धालुओं को कोरोना से बचाव की मुकम्मल व्यवस्था करने का निर्देश दिया है। साथ ही सिंचाई, स्वास्थ्य, उर्जा व नगर विकास विभाग को मेले के दौरान सभी व्यवस्था को चाक-चौबंद रखने को कहा गया है।
कालीदास मार्ग स्थित अपने सरकारी आवास पर माघ मेले की तैयारियों की समीक्षा करते हुए मुख्यमंत्री ने प्रयागराज के संगम तट पर आयोजित होने वाले माघ मेले में साफ-सफाई, चिकित्सा, शुद्ध पेयजलापूर्ति और 24 घंटे बिजली की आपूर्ति सुनिश्चित करने का निर्देश दिया है। उन्होंने कहा कि खास तौर पर कल्पवासियों के ठहरने वाले स्थानों पर स्वच्छता व सैनेटाइजेशन का पूरा प्रबंध किया जाए। कोरोना संक्रमण के खतरे को देखते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि इससे बचाव के लिए मेला क्षेत्र में प्रवेश करने से पहले ही श्रद्धालुओं की आरटीपीसीआर पद्धति से कोविड टेस्ट कराने की व्यवस्था की जाए। कल्पवास पर आने वाले श्रद्धालुओं का यह टेस्ट मेला क्षेत्र में आने से तीन दिन पहले करवा लिए जाएं और रिपोर्ट निगेटिव आने पर ही उन्हें मेला क्षेत्र में प्रवेश दिया जाए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि इसी तरह मेला क्षेत्र में रहने वाले कल्पवासियों का भी उनके प्रवास के दौरान कम से कम 2 बार रैपिड एंटीजन टेस्ट करवाया जाए। समीक्षा के दौरान कोरोना संक्रमण काल को देखते हुए मेला क्षेत्र के आकार व संख्या को लेकर भी चर्चा हुई। साथ ही पौष पूर्णिमा, मकर संक्रांति, मौनी अमावस्या, बसंत पंचमी, माघ पूर्णिमा एवं महाशिवरात्रि जैसे विशेष स्नान दिवसों पर यातायात व अन्य प्रबंधों के बारे में विचार-विमर्श किया गया। मुख्यमंत्री ने सिंचाई विभाग के अधिकारियों को मेले के दौरान गंगा नदी में जल के बहाव और स्वच्छ पानी की उपलब्धता बनाए रखने के भी निर्देश दिए हैं। इस मौके पर प्रयागराज मेला प्राधिकरण की ओर से की गई तैयारियों की एक प्रजेंटेशन भी मुख्यमंत्री के समक्ष पेश किया गया। जिसमें स्वास्थ्य, लोक निर्माण, सिंचाई, ऊर्जा, गंगा प्रदूषण नियंत्रण इकाई और जल निगम की जिम्मेदारियों की जानकारी दी गई है।
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इस अवसर पर नगर विकास मंत्री आशुतोष टंडन मुख्य सचिव आरके तिवारी, पुलिस महानिदेशक हितेश चन्द्र अवस्थी, अपर मुख्य सचिव सिंचाई टी वेंकटेश, अपर मुख्य सचिव ऊर्जा अरविन्द कुमार, प्रमुख सचिव मुख्यमंत्री संजय प्रसाद, प्रमुख सचिव आवास दीपक कुमार व प्रमुख सचिव स्वास्थ्य आलोक कुमार सहित अधिकारी उपस्थित थे।
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कालीदास मार्ग स्थित अपने सरकारी आवास पर माघ मेले की तैयारियों की समीक्षा करते हुए मुख्यमंत्री ने प्रयागराज के संगम तट पर आयोजित होने वाले माघ मेले में साफ-सफाई, चिकित्सा, शुद्ध पेयजलापूर्ति और 24 घंटे बिजली की आपूर्ति सुनिश्चित करने का निर्देश दिया है। उन्होंने कहा कि खास तौर पर कल्पवासियों के ठहरने वाले स्थानों पर स्वच्छता व सैनेटाइजेशन का पूरा प्रबंध किया जाए। कोरोना संक्रमण के खतरे को देखते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि इससे बचाव के लिए मेला क्षेत्र में प्रवेश करने से पहले ही श्रद्धालुओं की आरटीपीसीआर पद्धति से कोविड टेस्ट कराने की व्यवस्था की जाए। कल्पवास पर आने वाले श्रद्धालुओं का यह टेस्ट मेला क्षेत्र में आने से तीन दिन पहले करवा लिए जाएं और रिपोर्ट निगेटिव आने पर ही उन्हें मेला क्षेत्र में प्रवेश दिया जाए।
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मुख्यमंत्री ने कहा कि इसी तरह मेला क्षेत्र में रहने वाले कल्पवासियों का भी उनके प्रवास के दौरान कम से कम 2 बार रैपिड एंटीजन टेस्ट करवाया जाए। समीक्षा के दौरान कोरोना संक्रमण काल को देखते हुए मेला क्षेत्र के आकार व संख्या को लेकर भी चर्चा हुई। साथ ही पौष पूर्णिमा, मकर संक्रांति, मौनी अमावस्या, बसंत पंचमी, माघ पूर्णिमा एवं महाशिवरात्रि जैसे विशेष स्नान दिवसों पर यातायात व अन्य प्रबंधों के बारे में विचार-विमर्श किया गया। मुख्यमंत्री ने सिंचाई विभाग के अधिकारियों को मेले के दौरान गंगा नदी में जल के बहाव और स्वच्छ पानी की उपलब्धता बनाए रखने के भी निर्देश दिए हैं। इस मौके पर प्रयागराज मेला प्राधिकरण की ओर से की गई तैयारियों की एक प्रजेंटेशन भी मुख्यमंत्री के समक्ष पेश किया गया। जिसमें स्वास्थ्य, लोक निर्माण, सिंचाई, ऊर्जा, गंगा प्रदूषण नियंत्रण इकाई और जल निगम की जिम्मेदारियों की जानकारी दी गई है।
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इस अवसर पर नगर विकास मंत्री आशुतोष टंडन मुख्य सचिव आरके तिवारी, पुलिस महानिदेशक हितेश चन्द्र अवस्थी, अपर मुख्य सचिव सिंचाई टी वेंकटेश, अपर मुख्य सचिव ऊर्जा अरविन्द कुमार, प्रमुख सचिव मुख्यमंत्री संजय प्रसाद, प्रमुख सचिव आवास दीपक कुमार व प्रमुख सचिव स्वास्थ्य आलोक कुमार सहित अधिकारी उपस्थित थे।