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विदेश जाने की चाहत में पुलिस के हत्थे चढ़े आठ वाहन चोर, मिली ये लग्जरी कारें
Fri, 08 Feb 2019 06:50 PM IST
दुष्यंत शर्मा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला लखनऊ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला लखनऊ
Published by: दुष्यंत शर्मा
Updated Fri, 08 Feb 2019 06:50 PM IST
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कार चोर गिरफ्तार
- फोटो : अमर उजाला
विदेश पहुंचाने के चक्कर में आठ वाहन चोर पुलिस के हत्थे चढ़ गए। चोरी की पांच लग्जरी कारों के साथ पुलिस ने आठों को गिरफ्तार कर लिया। लखनऊ से चोरी की गाड़ियां आटो लिफ्टर नेपाल ले जा रहे थे। उतरौला कोतवाली की पुलिस ने मुखबिर की सूचना पर वाहन चोरों को धर दबोचा है। वाहन चोरों ने बचाव में पुलिस टीम पर फायरिंग भी किया है। पकड़ी गई लग्जरी कारें, लखनऊ व कानपुर नंबरों के साथ-साथ बिना नंबर की भी हैं।
एसपी अमित कुमार ने शुक्रवार को दफ्तर में घटना का खुलासा करते हुए बताया कि प्रभारी निरीक्षक उतरौला कोतवाली संतोष कुमार सिंह को मुखबिर से सूचना मिली कि कुछ लोग नेपाल में लग्जरी कारों को बेंचने की फिराक में है। मुखबिर की सूचना पर पुलिस टीम ने गुमड़ी जंगल स्थित पुल के निकट अपना जाल बिछाया। पुलिस की जाल में फंसने से पहल चोरी की कार चला रहे चालक ने पुलिस पर तमंचे से फायर किया। घटना में कोई भी पुलिस कर्मी घायल नहीं हुआ। सतर्कता बरतते हुए पुलिस ने सभी चोरों को मौके पर ही धर दबोचा। चोरों के अवैध असलहे को कब्जे में ले लिया गया।
पकड़े गए अभियुक्तों की पहचान अचारपुरवा थाना इकौना जनपद श्रावस्ती निवासी मंगलेश उर्फ रंजीत, जनपद लखनऊ के थाना नगराम के ग्राम जवाहर सिंह का पुरवा निवासी राहुल उर्फ विवेक सिंह, बसरहिया गोसाईगंज जनपद लखनऊ निवासी अजीत वर्मा, कल्यानखेड़ा थाना नगराम जनपद लखनऊ निवासी बब्लू उर्फ मनीष सिंह, मुअज्जमनगर थाना ठाकुरगंज लखनऊ निवासी हामिद, राज बिहार दुबग्गा थाना ठाकुरगंज जनपद लखनऊ निवासी दीपक चौरसिया, मकान नंबर 253 जवाहरनगर कोतवाली उन्नाव जनपद उन्नाव निवासी वकार अहमद तथा बाबूपुर थाना महमूदाबाद जनपद सीतापुर निवासी वकील अहमद उर्फ वसीम के रुप में हुई है। पूछताछ के दौरान अवैध असलहा तथा गाड़ियों के चोरी के बारे में खुलासा करते हुए चोरों ने बताया कि सभी चोरी की गाड़ियां है जिन्हें बेंचने के लिए नेपाल ले जा रहे थे। चोरों के पास से एक अवैध असलहा व कारतूस भी बरामद किया गया है। सभी वाहन चोरों के खिलाफ सुसंगत धाराओं में केस दर्ज कर जेल भेज दिया गया है। तीन वाहनों को चोरी करने वाले व्यक्ति की पहचान सीसीटीवी कैमरे की फुटेज के साथ की गई है।
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लखनऊ निवासी मानवेंद्र सिंह ने एसपी को बताया कि उनका लखनऊ-फैजाबाद रोड पर लग्जरी वाहनों का शोरूम है। इसमें सीसीटीवी कैमरा लगा है। चोरी के दौरान एक चोर का फुटेज सीसीटीवी कैमरे में कैप्चर हुआ था। एसपी ने मामले में अग्रिम कार्रवाई करने का भरोसा शोरूम मालिक को दिलाया है। घटना का खुलास करने वाली पुलिस टीम को एक लाख रुपये का पुरस्कार देकर सम्मानित किया जाएगा।
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एसपी अमित कुमार ने शुक्रवार को दफ्तर में घटना का खुलासा करते हुए बताया कि प्रभारी निरीक्षक उतरौला कोतवाली संतोष कुमार सिंह को मुखबिर से सूचना मिली कि कुछ लोग नेपाल में लग्जरी कारों को बेंचने की फिराक में है। मुखबिर की सूचना पर पुलिस टीम ने गुमड़ी जंगल स्थित पुल के निकट अपना जाल बिछाया। पुलिस की जाल में फंसने से पहल चोरी की कार चला रहे चालक ने पुलिस पर तमंचे से फायर किया। घटना में कोई भी पुलिस कर्मी घायल नहीं हुआ। सतर्कता बरतते हुए पुलिस ने सभी चोरों को मौके पर ही धर दबोचा। चोरों के अवैध असलहे को कब्जे में ले लिया गया।
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पकड़े गए अभियुक्तों की पहचान अचारपुरवा थाना इकौना जनपद श्रावस्ती निवासी मंगलेश उर्फ रंजीत, जनपद लखनऊ के थाना नगराम के ग्राम जवाहर सिंह का पुरवा निवासी राहुल उर्फ विवेक सिंह, बसरहिया गोसाईगंज जनपद लखनऊ निवासी अजीत वर्मा, कल्यानखेड़ा थाना नगराम जनपद लखनऊ निवासी बब्लू उर्फ मनीष सिंह, मुअज्जमनगर थाना ठाकुरगंज लखनऊ निवासी हामिद, राज बिहार दुबग्गा थाना ठाकुरगंज जनपद लखनऊ निवासी दीपक चौरसिया, मकान नंबर 253 जवाहरनगर कोतवाली उन्नाव जनपद उन्नाव निवासी वकार अहमद तथा बाबूपुर थाना महमूदाबाद जनपद सीतापुर निवासी वकील अहमद उर्फ वसीम के रुप में हुई है। पूछताछ के दौरान अवैध असलहा तथा गाड़ियों के चोरी के बारे में खुलासा करते हुए चोरों ने बताया कि सभी चोरी की गाड़ियां है जिन्हें बेंचने के लिए नेपाल ले जा रहे थे। चोरों के पास से एक अवैध असलहा व कारतूस भी बरामद किया गया है। सभी वाहन चोरों के खिलाफ सुसंगत धाराओं में केस दर्ज कर जेल भेज दिया गया है। तीन वाहनों को चोरी करने वाले व्यक्ति की पहचान सीसीटीवी कैमरे की फुटेज के साथ की गई है।
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लखनऊ निवासी मानवेंद्र सिंह ने एसपी को बताया कि उनका लखनऊ-फैजाबाद रोड पर लग्जरी वाहनों का शोरूम है। इसमें सीसीटीवी कैमरा लगा है। चोरी के दौरान एक चोर का फुटेज सीसीटीवी कैमरे में कैप्चर हुआ था। एसपी ने मामले में अग्रिम कार्रवाई करने का भरोसा शोरूम मालिक को दिलाया है। घटना का खुलास करने वाली पुलिस टीम को एक लाख रुपये का पुरस्कार देकर सम्मानित किया जाएगा।
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दो वाहनों का नंबर समान
वाहन चोरी के खुलासे में दो वाहनों का नंबर समान पाया गया है। यूपी 32 एचएफ 8900 की दो फारच्यूनर जिनका चेचिस नंबर अलग-अलग है चुराई गई थी। तीन वाहनों में लखनऊ के नंबर, एक वाहन में कानपुर का नंबर और एक बिना नंबर का वाहन पकड़ा गया है। सभी वाहनों को पुलिस ने जब्त कर लिया है।
सफेदपोश पर भी उठ रही उंगलियां
लग्जरी कारों के चोरी के मामले में जिले के एक सफेदपोश की भी चर्चा जोरों से है। लोगों का कहना है कि सफेदपोश चोरी की गाड़ियों से ही सफर कर रहा था। विदित हो कि नेपाल सीमा से सटे होने के कारण इस जनपद में चोरी की गाड़ियों का कारोबार अक्सर होता रहता है। विगत वर्षों में भी चोरी की गाड़ियों में सफर करने वाले सफेदपोश बेनकाब हो चुके हैं हलांकि पुलिस ने इस तरह की किसी बात से इंकार किया है।
सफेदपोश पर भी उठ रही उंगलियां
लग्जरी कारों के चोरी के मामले में जिले के एक सफेदपोश की भी चर्चा जोरों से है। लोगों का कहना है कि सफेदपोश चोरी की गाड़ियों से ही सफर कर रहा था। विदित हो कि नेपाल सीमा से सटे होने के कारण इस जनपद में चोरी की गाड़ियों का कारोबार अक्सर होता रहता है। विगत वर्षों में भी चोरी की गाड़ियों में सफर करने वाले सफेदपोश बेनकाब हो चुके हैं हलांकि पुलिस ने इस तरह की किसी बात से इंकार किया है।
पहले चाभी बाद में चुराते थे गाड़ी, शोरूम व वर्कशाप को बनाते थे निशाना
पूछताछ के दौरान चोरों ने बताया कि शोरूम व वर्कशाप के आस पास पहले गाड़ियों की चाभियां चोरी कर लेते थे। बाद में गाड़ी को ट्रेस कर पार कर देते थे। लखनऊ व फैजाबाद आदि शहरों में शोरूम व वर्कशाप के बाहर अक्सर वाहन स्वामी चाभी लगी गाड़ी छोड़कर चले जाते थे। बाद में शोरूम के ड्राइवर व कर्मचारी जरूरत के मुताबिक गाड़ियों को वहीं खड़ी करते थे।
गिरोह के सदस्य शोरूम व वर्कशाप के आस पास मडराते रहते थे। यह लोग पहले गाड़ी की चाभी पार कर देते थे। विवाद आदि से बचने के लिए शो रूम व वर्कशाप के लोग वाहन स्वामी को डुप्लीकेट चाभी दे देते थे। वाहन स्वामी को यह नहीं पता होता था कि उनके गाड़ी की ओरिजिनल चाभी चोरी हो गई है। यह लोग गाड़ी को ट्रेस करते रहते थे। एक गिरोह इन चोरों से वेरायटी के अनुसार गाड़ियों की डिमांड करता था। एक सप्ताह के अंदर यह लोग चोरी की गई चाभी से गाड़ी उठाकर सप्लाई कर देते थे। यही नहीं यह लोग कलर स्कैनिंग के माध्यम से गाड़ी का फर्जी कागज भी मुुहैया करा देते थे।
गिरोह के सदस्य शोरूम व वर्कशाप के आस पास मडराते रहते थे। यह लोग पहले गाड़ी की चाभी पार कर देते थे। विवाद आदि से बचने के लिए शो रूम व वर्कशाप के लोग वाहन स्वामी को डुप्लीकेट चाभी दे देते थे। वाहन स्वामी को यह नहीं पता होता था कि उनके गाड़ी की ओरिजिनल चाभी चोरी हो गई है। यह लोग गाड़ी को ट्रेस करते रहते थे। एक गिरोह इन चोरों से वेरायटी के अनुसार गाड़ियों की डिमांड करता था। एक सप्ताह के अंदर यह लोग चोरी की गई चाभी से गाड़ी उठाकर सप्लाई कर देते थे। यही नहीं यह लोग कलर स्कैनिंग के माध्यम से गाड़ी का फर्जी कागज भी मुुहैया करा देते थे।