रहें सावधान, दिल का रोग एक दफा लगा तो कभी छूटेगा नहीं
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दिल को स्वस्थ रखने के लिए केवल सही खानपान और स्वस्थ जीवन शैली रखना ही काफी नहीं है। इस संबंध में नए अध्यनों के साथ कई नई बातें सामने आ रही हैं।
हृदय रोगों को लेकर बहुत से सवाल किए जाते हैं, मसलन यह क्यों होता है, बचाव कैसे किया जाए या रोग होने के बाद क्या सावधानियां बरतें, लेकिन इनका कोई स्पष्ट जवाब अभी मेडिकल साइंस नहीं दे सकी है।
जैसे-जैसे अध्ययन सामने आ रहे हैं, नई-नई बातें सामने आती जा रही हैं और इन्हीं के आधार पर परिभाषाएं तय हो रहीं हैं और समाधान निकाले जा रहे हैं। अभी तक केवल इतना ही सुनिश्चित है कि हृदय रोग एक बार किसी को हो जाए तो ता उम्र उसके इसके साथ जीना होना।
हृदय रोग विशेषज्ञ डॉ. नकुल सिन्हा ने रविवार को संगीत नाटक अकादमी में एक संस्था द्वारा आयोजित कार्यक्रम जश्न ए दिल में यह जानकारी दी।
समाधान सभी पर नहीं होते लागू
डॉ. सिन्हा ने बताया कि नए अध्ययनों के आधार पर जो नई परिभाषाएं और समाधान सामने आ रहे हैं, वे सभी पर समान रूप से लागू नहीं किए जा सकते।
उन्होंने कहा कि कई दफा स्वस्थ खानपान और जीवन शैली की आदतें रखने वालों में भी हृदय रोग सामने आते हैं, ऐसे में केवल इन दो फैक्टर पर हृदय रोगों की भविष्यवाणी नहीं की जा सकती।
कार्यक्रम में आए लोगों ने इस दौरान कई सवाल डॉ. सिन्हा से किए। जिनमें सबसे प्रमुख हृदय रोग के कारणों पर था।