तो 16 जून को सुलझ जाएगा राम मंदिर का मसला?
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श्री रामजन्मभूमि पर मंदिर निर्माण को लेकर अब दो दशक बाद रामनगरी में रामजन्मभूमि न्यास की अहम बैठक होने जा रही है। बैठक मणिराम छावनी में होगी, इसे लेकर कारसेवकपुरम में भी गहमागहमी तेज दिख रही है।
देश भर से न्यास से जुड़े पदाधिकारी व सदस्य बैठक में शामिल होने पहुंच रहे हैं। विहिप के अंतरराष्ट्रीय संरक्षक अशोक सिंहल रविवार शाम यहां पहुंच गए। वह कई दिनों के लिए यहां डेरा डाल संत-धर्माचार्यों से चर्चा करेंगे।
न्यास के वरिष्ठ सदस्य पूर्व सांसद डॉ.रामविलास वेतांती ने बैठक की पुष्टि की है। कहा कि राममंदिर निर्माण को लेकर अहम निर्णय हो सकते हैं। अयोध्या में संत-धर्माचार्यों व विहिप नेतृत्व की लंबी चुप्पी जल्द ही टूट सकती है।
लगभग दो दशक बाद अयोध्या में श्रीराम जन्मभूमि न्यास कार्यकारिणी की बुलाई गई गोपनीय बैठक में इस मुद्दे पर निर्णायक फैसला लिया जा सकता है। केंद्र में पूर्ण बहुमत की भाजपा सरकार गठन के एक वर्ष बाद राम मंदिर निर्माण पर संत-धर्माचार्य व विहिप नेतृत्व अब इंतजार के मूड में नहीं लगता है।
मंदिर निर्माण को लेकर आ सकता है बड़ा फैसला
हाल ही में संतों व विहिप नेताओं के राम मंदिर मुद्दे पर आए बयानों से भी यही संकेत माने जा रहे हैं। मंदिर आंदोलन से जुड़े शीर्ष संत-धर्माचार्यों व विहिप शीर्ष नेतृत्व के बीच राम मंदिर निर्माण को लेकर चल रही अंतरधारा तेज हो गई है।
अयोध्या में श्रीराम जन्मभूमि न्यास कार्यकारिणी की 16 जून को श्रीमणिराम दास छावनी में बुलाई गई गोपनीय बैठक को इसी नजरिए से देखा जा रहा है।
अयोध्या में न्यास की होने वाली यह बैठक इसलिए भी अहम मानी जा रही है कि छह दिसंबर 1992 में विवादित ढांचा ढहाए जाने के बाद लगभग दो दशक के अंतराल पर अयोध्या में हो रही है।
श्रीराम जन्मभूमि न्यास के कार्याध्यक्ष महंत नृत्यगोपाल दास की अध्यक्षता में होने वाली गोपनीय बैठक में न्यास के पदाधिकारियों के साथ दो दर्जन से अधिक सदस्य धर्माचार्य राजस्थान,हरिद्वार,गोरखपुर, दिल्ली,वाराणसी,प्रयाग आदि स्थानों से पहुंचेंगे। दशकों बाद अयोध्या में होने वाली न्यास की बैठक में राम मंदिर निर्माण पर निर्णायक फैसला लिए जा सकते हैं।
विश्व हिंदू परिषद के संरक्षक अशोक सिंहल रविवार को दिल्ली से अयोध्या जाते वक्त कुछ देर लखनऊ में भी रुके। इस दौरान विहिप के कई कार्यकर्ताओं ने उनसे मुलाकात की।
'अयोध्या में बाबरी मस्जिद नाम की कोई चीज नहीं'
जगद्गुरू शंकराचार्य स्वामी स्वरूपानंद सरस्वती ने कहा कि अयोध्या में बाबरी मस्जिद नाम की कोई चीज नहीं है,जिन लोगों ने इसे तोड़ा था वह मंदिर था,इसके प्रमाण मिलते हैं।
इसलिए संत-महात्मा,विश्व हिंदू परिषद व भारतीय जनता पार्टी से भी सहयोग लेकर मंदिर का निर्माण करेंगे। वह सिद्ध पीठ चंडी मंदिर में पत्रकारों से बातचीत कर रहे थे।
रामजन्मभूमि न्यास के वरिष्ठ सदस्य व पूर्व सांसद डॉ. रामविलास वेदांती ने कहा कि मंगलवार को अहम बैठक तय है। इसका एजेंडा अभी सार्वजनिक नहीं किया गया है।
विहिप नेता अशोक सिंहल समेत देशभर में न्यास से जुड़े धर्माचार्य व विहिप के शीर्ष नेता बैठक में हिस्सा लेगें। बैठक में राममंदिर निर्माण की रणनीति को लेकर कड़ा संदेश देने की तैयारी है। इसे लेकर वह भी लखनऊ पहुंच गए हैं,जल्द अयोध्या पहुंच रहे हैं।