यूपी कैबिनेट के महत्वपूर्ण फैसले : चित्रकूट व विंध्य धाम को मिलेगी अंतर्राष्ट्रीय पहचान
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में प्रदेश कैबिनेट की अहम बैठक शुक्रवार को लोकभवन में हुई। बैठक में 12 प्रस्तावों को मंजूरी दी गई।
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राज्य सरकार बृज तीर्थ क्षेत्र विकास परिषद के बाद अब चित्रकूट धाम व विंध्याचल धाम को अंतर्राष्ट्रीय पहचान दिलाने के लिए तीर्थ विकास परिषद का गठन करने जा रही है। इसके जरिए दोनों तीर्थ स्थलों का समग्र विकास कराया जाएगा। सरकार का मानना है कि इससे दोनों ही स्थानों पर पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा। साथ ही स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर भी पैदा होंगे।
शुक्रवार को कैबिनेट बैठक में उप्र. चित्रकूट धाम तीर्थ विकास परिषद विधेयक 2021 तथा उप्र. विंध्य धाम तीर्थ विकास परिषद विधेयक 2021 के मसौदे को हरी झंडी दे दी गई। प्रस्तावित विधेयकों को अब विधानमंडल में रखा जाएगा। कैबिनेट ने तीर्थ विकास परिषद के गठन के संबंध में आगे आवश्यक निर्णय के लिए मुख्यमंत्री को अधिकृत किया है।
सरकार का कहना है कि चित्रकूट व विंध्य धाम की सभी प्रकार की सांस्कृतिक, पारिस्थितिकीय तथा स्थापत्य संबंधी विरासत की सौंदर्यपरक गुणवत्ता को सहेजने, विकसित करने तथा अनुरक्षित करने की योजना तैयार करने के लिए तीर्थ विकास परिषद का गठन किया जाना प्रस्तावित है। परिषद तीर्थ स्थल से जुड़ी योजनाओं के क्रियान्वयन का समन्वय एवं अनुश्रवण करने के साथ क्षेत्र में एकीकृत पर्यटन विकास तथा विरासत-संरक्षण एवं प्रबंधन के लिए नीतियां तैयार करेगी।
परिषद चित्रकूट व मिर्जापुर जिले के किसी विभाग, स्थानीय निकाय, प्राधिकरण को चित्रकूट क्षेत्र के विरासतीय संसाधनों को प्रभावित करने वाली किसी योजना, परियोजना या किसी विकासगत प्रस्ताव के संबंध में मार्गदर्शन भी प्रदान करेगी। तीर्थ विकास परिषद का गठन होने पर पर्यटकों एवं श्रद्धालुओं के लिए उच्च स्तरीय पर्यटक अवस्थापना सुविधा भी उपलब्ध हो सकेगी।
102 एंबुलेंस संचालक कंपनी को 47.39 करोड़ का राहत पैकेज
प्रदेश कैबिनेट ने गर्भवती महिलाओं और बच्चों को अस्पताल पहुंचाने वाली एंबुलेंस सेवा 102 को 47.39 करोड़ रुपये के राहत पैकेज को मंजूरी दे दी है। एंबुलेंस संचालन कंपनी जीवीके ईएमआरआई ने मार्च 2020 से जून 2020 के बीच लॉकडाउन के कारण यह छूट मांगी थी। लॉकडाउन के दौरान कंपनी ने स्वास्थ्य विभाग के साथ हुए एमओयू के लक्ष्य को पूरा नहीं किया था। इसके चलते उस पर कई करोड़ का जुर्माना भी लगा था। इसी के चलते कंपनी ने 108 और 102 सेवा के संचालन को बंद करने की नोटिस दी थी।
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राजकीय नलकूपों की जल वितरण प्रणाली का होगा आधुनिकीकरण
कैबिनेट ने विभिन्न जिलों में स्थापित 6600 राजकीय नलकूपों की जल वितरण प्रणाली के आधुनिकीकरण व उपकरणों की स्थापना की परियोजना के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। इस परियोजना की कुल लागत 285.79 करोड़ रुपये जीएसटी सहित है। परियोजना को 2022-23 तक पूरा किया जाना है।
सरकार के प्रवक्ता के अनुसार परियोजना के पूरा होने से 11.53 हेक्टेयर प्रति नलकूप के हिसाब से लगभग 76082 हेक्टेयर सिंचन क्षमता की पुनर्स्थापना होगी। इससे लगभग 70 हजार कृषक परिवारों को लाभ मिलेगा। यह परियोजना लघु एवं सीमांत किसानों के लिए विशेष लाभप्रद है। इससे खाद्यान्न उत्पादन में महत्वपूर्ण वृद्धि होगी।