पिस्तौल तानकर बोले डकैत, तुम बहन जैसी हो, चुपचाप बैठी रहो
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
ठाकुरगंज के मुसाहिबगंज में रेलवे के रिटायर्ड इंजीनियर आसिफ अब्बास के घर डकैती के मामले में पुलिस को अहम सुराग मिले हैं। बृहस्पतिवार शाम एसएसपी मंजिल सैनी पीड़ित के घर पहुंची और उन्हें वारदात के जल्द खुलासे और सुरक्षा का आश्वासन दिया।
इस दौरान आसिफ की बेटी अलीशा ने एसएसपी को घटनाक्रम की सिलसिलेवार जानकारी दी। अलीशा ने बताया कि बदमाशों ने उस पर पिस्तौल तानकर कहा था कि तुम बहन जैसी हो। चुपचाप बैठी रहो।
एसएसपी ने बताया कि डकैती में परिवार का कोई करीबी या परिचित ही शामिल है। यह भी पता चला है कि मुजफ्फरनगर के छह संदिग्ध बीते एक महीने से आसिफ के मुहल्ले में एक मकान में किराये पर रहे थे। माना जा रहा है कि इन्हीं संदिग्धों ने डकैती की वारदात की है।
एसएसपी ने पीड़ित परिवार को दिए सुरक्षा के टिप्स
मुहल्ले में रहकर बदमाशों ने आसिफ के मकान की रेकी की और सही वक्त आने पर वारदात करके भाग गए। इलाके के एक स्थानीय युवक की पैरवी पर उन्हें मकान किराये पर दिया गया था।
उक्त युवक से पूछताछ की जा रही है। अक्सर आसिफ के घर आने वाला एक रिश्तेदार वारदात के बाद से गायब है। उसकी तलाश में पुलिस की दो टीमें लगाई गई हैं।
कुछ लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। एसएसपी ने पीड़ित परिवार को सुरक्षा के टिप्स भी दिए। अब्बास की पत्नी शबाना ने बताया कि डकैत सिर्फ साढ़े चार लाख रुपये नकद और ढाई लाख रुपये के जेवर ले गए थे।
पहले परिवारीजनों ने सात लाख रुपये व जेवर लूटने की जानकारी दी थी। पुलिस ने संदिग्धों को किराये पर कमरा देने वाले हाजी से पूछताछ की तो उन्होंने भी उनकी गतिविधियां संदेहास्पद होने की बात कही।
हाजी ने बताया कि संदिग्धों के आने के कुछ ही दिन बाद दो युवतियां भी आ गई थीं। पुलिस की एक टीम संदिग्धों की तलाश में मुजफ्फरनगर भेजी गई है।