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लखनऊ: महंगी शादियों और दहेज के खिलाफ मुहिम चलाएंगे इमाम
Sat, 20 Mar 2021 05:32 AM IST
योगेश जोशी
अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ
अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ
Published by: योगेश जोशी
Updated Sat, 20 Mar 2021 05:32 AM IST
सार
- ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड देश भर में इमामों को करेगा तैयार।
- इस्लाहे मआशरा कमेटी को दी गई लोगों को जागरूक करने की जिम्मेदारी।
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प्रतीकात्मक तस्वीर
- फोटो : Social Media
विस्तार
मुस्लिम समाज में शादियों में फिजूलखर्ची और दहेज के खिलाफ मस्जिदों के इमाम मुहिम चलाएंगे। ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड इसके लिए देश भर में इमामों को तैयार करेगा। इसकी जिम्मेदारी बोर्ड की इस्लाहे मआशरा कमेटी को दी गई है। कमेटी ने महाराष्ट्र से इसका आगाज भी कर दिया है। अब यूपी, गुजरात, कर्नाटक, राजस्थान आदि राज्यों में अभियान चलाया जाएगा।
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गौरतलब है कि इस्लाहे मआशरा कमेटी पहले से ही महंगी शादियां, दहेज, शराब, जुआ आदि से मुस्लिम समाज को दूर करने के लिए काम कर रही है। गुजरात के अहमदाबाद में दहेज की मांग से परेशान आयशा के खुदकुशी करने की घटना को बोर्ड ने गंभीरता से लेते हुए एक बड़ा अभियान चलाने की तैयारी में है। इसके लिए इमामों को तैयार कर उन्हें निकाह के संबंध में व्हाट्सएप व ईमेल के जरिए उन्हें जुमा का खुतबा भेजेगा। जिससे सभी मस्जिदों में एक ही विषय पर तकरीर की जा सके। ये इमाम मस्जिदों में जुमे की नमाज से पहले शरीयत के मुताबिक निकाह के बारे में जानकारी देंगे। इसमें लोगों को शादियों में फिजूलखर्ची व दहेज से दूर रहने के लिए समझाएंगे।
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बोर्ड का मानना है कि दहेज के बजाय जायदाद में हिस्सा मिलने से बेटियों का भविष्य आर्थिक दृष्टि से ज्यादा सुरक्षित हो सकता है। ऐसे में समाज सादगी से शादियां करे और बेटियों को जायदाद में हिस्सा दे तो उनके सामने आर्थिक समस्याएं नहीं आएंगी। वहीं, तलाक के बाद कोर्ट जाने वाली महिलाओं की संख्या में भी कमी आएगी।
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बोर्ड के सचिव व इस्लाहे मआशरा कमेटी के राष्ट्रीय संयोजक मौलाना मुहम्मद उमरैन महफूज रहमानी कहते हैं कि जुमे की नमाज का खुतबा जनसंपर्क का बहुत बड़ा माध्यम है। बोर्ड समाज में फैल रही बुराइयों को दूर करने के लिए इसी का इस्तेमाल करेगा। उन्होंने कहा कि हर शहर की जामा मस्जिद और बड़े मदरसों को इस मुहिम की कमान सौंपी जाएगी। इमामों का नेटवर्क तैयार करने के लिए देश भर से उनका ब्योरा जुटाया जा रहा है। साथ ही कहा कि काजी व इमाम निकाह पढ़ाने से पहले लोगों को इसके मायने बताएंगे। वहीं, उलमा से अपील की जाएगी कि वह महंगी शादियों में जाने से परहेज करें।
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