सीतापुर: कमरें में बंद मिलीं दर्द से तड़पतीं 16 बच्चियां, विधायक ने कमरा खुलवाया तो होश उड़े
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सीतापुर जिले के रहीमाबाद के राजकीय आश्रम पद्धति विद्यालय का शुक्रवार को निरीक्षण करने पहुंचे विधायक राकेश राठौर को 16 बच्चियां कमरे में बंद मिलीं। कमरे का दरवाजा बाहर से बंद था। विधायक ने दरवाजा खुलवाया तो सभी छात्राएं पेट दर्द व सिर दर्द से तड़प रहीं थीं। विधायक ने वार्डन को फटकार लगाते हुए सभी छात्राओं को अपनी गाड़ी से सीएचसी खैराबाद में भर्ती कराया।
यहां चार का इलाज अभी चल रहा है जबकि एक बालिका को नाजुक हालत में जिला अस्पताल रेफर किया गया है। उधर, देर शाम समाज कल्याण विभाग के अपर सचिव पीसी उपाध्याय ने विद्यालय का निरीक्षण कर अधीक्षिका रीता को निलंबित कर दिया है। जबकि जिला समाज कल्याण अधिकारी ललिता यादव को प्रतिकूल प्रविष्टि दी।
दरअसल, जय प्रकाश नरायण सर्वोदय विद्यालय रहीमाबाद में 24 अगस्त को दूषित भोजन करने से 15 छात्राएं बीमार हो गईं थीं। जिन्हें इलाज के लिए सीएचसी खैराबाद में भर्ती कराया गया था। खाद्य विभाग की टीम ने खाने का नमूना भी भरा था। शुक्रवार को इसी मामले को लेकर सदर विधायक राकेश राठौर विद्यालय का निरीक्षण करने पहुंचे। बताते हैं कि विधायक के आने की खबर मिलते ही परिसर में काफी साफ-सफाई करवा दी गई थी।
हालांकि सदर विधायक को छात्रावास में प्रवेश करते ही एक कमरे से तेज आवाजें सुनाई दीं। वह परिसर के कमरा नंबर 13 में पहुंचे तो कमरा बाहर से बंद था। अंदर से बच्चियों की आवाजें आ रहीं थीं। उन्होंने कमरा खुलवाया तो अंदर का नजारा देख उनके होश उड़ गए।
गंभीर हालत में जिला अस्पताल में करवाया भर्ती
विधायक ने आश्रम कर्मचारियों को फटकार लगाते हुए सभी छात्राओं को अपनी गाड़ी से सीएचसी में भर्ती कराया। यहां चिकित्सकों ने जांच के बाद प्रियांशी (15) को गंभीर हालत में जिला अस्पताल रेफर कर दिया।
प्राथमिक इलाज के बाद सीएचसी में भर्ती छात्राओं ने बताया कि अधीक्षिका रीता कैदियों सरीखा व्यवहार करती हैं। बेहाल छात्राओं ने अधीक्षिका को ‘गब्बर मैम’ तक कह डाला। विधायक ने बताया कि पूरे मामले की शिकायत डीएम सारिका मोहन से की गई है।