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अवैध प्लॉटिंग बिगाड़ रही शहर की कानून-व्यवस्था

Mon, 18 May 2015 02:48 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, लखनऊ
ब्यूरो/अमर उजाला, लखनऊ Updated Mon, 18 May 2015 02:48 AM IST
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Iligal ploting is disturbing the law and order of the city.

राजधानी को अन्य जिलों से जोड़ने वाले मुख्य मार्गों पर अवैध प्लॉटिंग बढ़ रही है। डीएम राजशेखर ने खुद इसे स्वीकार किया है।

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उन्होंने कानपुर, हरदोई, फैजाबाद, रायबरेली, सीतापुर रोड पर हो रही अवैध प्लॉटिंग को कानून-व्यवस्था बिगड़ने के लिए जिम्मेदार माना है। इस अनियोजित विकास को रोकने के लिए उन्होंने प्रमुख सचिव आवास को पत्र लिखकर अंकुश लगाने की मांग की है।

डीएम राजशेखर ने पत्र में लिखा है कि राजधानी होने के कारण लखनऊ का विस्तार तेजी से हो रहा है। पर शहर में जगह न होने के कारण शहर को जोड़ने वाले प्रमुख मार्गों पर हरदोई रोड, कानपुर रोड, फैजाबाद रोड, रायबरेली रोड, सीतापुर रोड पर अवैध रूप से प्लॉटिंग कराई जा रही है।
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यहां किसानों की जमीनें कम दर पर खरीद कर उसमें बिना मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराए उनकी प्लॉटिंग कर बेचा जा रहा है।

सड़क-बिजली-पानी का दबाव

Iligal ploting is disturbing the law and order of the city.

सही टाउन प्लानिंग, सड़क, पानी, सीवर, बिजली, नाली व अन्य सार्वजनिक सुविधाएं नहीं है। विकास प्राधिकरण से बिना इजाजत के कॉलोनियां विकसित हो रही हैं। इनमें रहने वाले सरकारी विभागों पर सड़क, बिजली, पानी, सीवर केलिए दबाव बनाते हैं।

इससे कभी शांति भंग और कानून-व्यवस्था बिगड़ने की स्थिति बन जाती है। कई मामलों में भूमि विवाद की स्थिति बन जाती है। इसलिए अवैध प्लॉटिंग को रोकने के लिए सुनियोजित विकास हो।

60 साल में 7 गुना बढ़ा लखनऊ
साठ साल में लखनऊ का दायर सात गुना बढ़ गया। 1951 में इसका एरिया महज 48 वर्ग किमी था। अब 350 वर्ग किमी से ज्यादा हो गया है। शहर की आबादी बढ़ी है, लेकिन जनसुविधाएं उस हिसाब से नहीं बढ़ीं।

राजधानी में 300 अवैध कॉलोनियां
राजधानी में 300 से अधिक अवैध कॉलोनियां हैं। ये कॉलोनियां बताती हैं कि आवास विकास परिषद और एलडीए जरूरतमंदों को आवास नहीं उपलब्ध करा पा रहे हैं। हाल में न तो एलडीए और न ही आवास विकास ने गरीबों केलिए कोई बड़ी योजना शुरू की।

12 लाख घरों को देनी होगी सीवर की सुविधा

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आबादी को देखते हुए करीब 12 लाख घरों में सीवर की सुविधा की जरूरत होगी। आबादी के हिसाब से अभी सिर्फ 40 प्रतिशत घर ही सीवर लाइन से कनेक्ट हैं। शहर में सीवर सिस्टम कवरेज एरिया महज 45 प्रतिशत है, जिसे न्यूनतम 72 प्रतिशत होना चाहिए। जबकि इन आंकड़ों में अवैध कॉलोनियां शामिल नहीं हैं।

कब कितना बढ़ा शहर और उसकी आबादी
वर्ष--एरिया (वर्ग किमी में)--आबादी
1951--48--459484
1961--101--615523
1971--105--774644
1981--118--947990
1991--350--1619116
2001--350--2185927
2011--350--2817105

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