{"_id":"67993e38bfa96822f707a670","slug":"iitr-will-play-a-big-role-in-self-reliant-and-capable-india-lucknow-news-c-13-knp1002-1052928-2025-01-29","type":"story","status":"publish","title_hn":"Lucknow News: आत्मनिर्भर और सक्षम भारत में आईआईटीआर की होगी बड़ी भूमिका","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Lucknow News: आत्मनिर्भर और सक्षम भारत में आईआईटीआर की होगी बड़ी भूमिका
विज्ञापन
कके द्रीय विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी कैलेंडर जारी करते केंद्रीय मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह।
लखनऊ। भारतीय विषविज्ञान अनुसंधान संस्थान (आईआईटीआर) हीरक जयंती मना रहा है। इस क्रम में मंगलवार को हुए समारोह में केंद्रीय विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह भी पहुंचे। उन्होंने संस्थान के शोध, अनुसंधान और विकास की गतिविधियों की तारीफ करते हुए कहा कि स्वस्थ भारत में ही विकसित भारत संभव है। उम्मीद है आत्मनिर्भर और सक्षम भारत में योगदान के साथ ही आईआईटीआर समाज को प्रभावित करने वाले मुद्दों पर काम करने व पर्यावरण और स्वास्थ्य से जुड़े महत्वपूर्ण समस्याओं का समाधान भी तलाशेगा।
इस मौके पर उन्होंने जम्मू के राजौरी में हुई घटना को दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए कहा कि राजौरी के बधाल गांव में हुई रहस्यमय मौतों की जांच-पड़ताल में आईआईटीआर की भूमिका महत्वपूर्ण है और इस घटना के बाद पूरा देश आईआईटीआर की महत्ता जान गया है। सारे देश की निगाह आईआईटीआर के जांच निष्कर्षों पर है।
डॉ. जितेंद्र सिंह ने इस मौके पर नमो अटल- केंद्रीय विश्लेषणात्मक अनुसंधान हब, रेफरल सामग्री सुविधा, प्रौद्योगिकी प्रदर्शनी, बायोनेस्ट के संचालन केंद्र का उद्घाटन किया और इस साल मार्च में प्रस्तावित वार्मेस्ट व अर्थ- 2025 सम्मेलन की घोषणा की। आईआईटीआर के वार्षिक रिपोर्ट के साथ ही इसका एक डाक टिकट भी जारी किया।
विज्ञापन
डॉ. जितेंद्र सिंह की मौजूदगी में आईआईटीआर द्वारा रिसर्च व विकसित किए गए तीन महत्वपूर्ण व आम आदमी के बेहद काम की चीजों की तकनीक का हस्तांतरण किया गया।
1. सुपर टैबलेट से मिटेगी दिन भर की भूख (फोटो)
आईआईटीआर के वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ. आर पार्थसारथी व उनकी टीम में शामिल डॉ. रिनी सिंह, तान्या जमाल, अनमता अली आदि ने मोटा अनाज आधारित सुपर टैबलेट बनाया है। इसे खाकर भूख मिट जाएगी और विटामिन, मिनरल्स समेत सभी जरूरी तत्व भी मिल जाएंगे। आपातकालीन स्थिति में फंसने में यह जान बचाने के काम आ सकती है। एस्ट्रोनॉट इसे अंतरिक्ष में ले जा सकेंगे। वैज्ञानिकों की टीम ने इस टैबलेट का नाम आपातकालीन आहार रखा है। डॉ. पार्थसारथी ने बताया कि यह देश में बना अपने तरह का अनोखा फ्यूचर फूड है। 12 टैबलेट खाकर पूरे दिन की भूख मिट जाएगी।
2. खून की कमी का पलभर में लगेगा पता
आईआईटीआर के वैज्ञानिक डॉ. संदीप शर्मा ने बेहद किफायती टेस्ट किट बनाई है जो पलक झपकते ही मरीज में खून की कमी (एनीमिया) बता देगा। इसके लिए पैथालॉजी जाने या ज्यादा रुपये खर्च करने की भी जरूरत नहीं पड़ेगी। खून की कमी कहे जाने वाले सिकिल सेल एनीमिया की जांच में यह बेहद सटीक है। डॉ. संदीप ने इसमें क्रोमोजेनिक सेंसर का इस्तेमाल किया है।
3. कम पानी बर्बाद करेगा वाटर फिल्टर
आईआईटीआर के वैज्ञानिक डॉ. सत्यकाम के नेतृत्व में संस्थान ने ओनीर नाम से वाटर फिल्टर बनाया है, जो बेहद किफायती तो है ही, पानी छानने के क्रम में यह पानी भी कम बर्बाद करता है। इसका रखरखाव भी बेहद सस्ता है। इसकी तकनीक कोयंबटूर के कॉनवे वाटर प्यूरीफायर प्रा. लि. को ट्रांसफर की गई है।
विज्ञापन
इस मौके पर उन्होंने जम्मू के राजौरी में हुई घटना को दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए कहा कि राजौरी के बधाल गांव में हुई रहस्यमय मौतों की जांच-पड़ताल में आईआईटीआर की भूमिका महत्वपूर्ण है और इस घटना के बाद पूरा देश आईआईटीआर की महत्ता जान गया है। सारे देश की निगाह आईआईटीआर के जांच निष्कर्षों पर है।
विज्ञापन
डॉ. जितेंद्र सिंह ने इस मौके पर नमो अटल- केंद्रीय विश्लेषणात्मक अनुसंधान हब, रेफरल सामग्री सुविधा, प्रौद्योगिकी प्रदर्शनी, बायोनेस्ट के संचालन केंद्र का उद्घाटन किया और इस साल मार्च में प्रस्तावित वार्मेस्ट व अर्थ- 2025 सम्मेलन की घोषणा की। आईआईटीआर के वार्षिक रिपोर्ट के साथ ही इसका एक डाक टिकट भी जारी किया।
विज्ञापन
डॉ. जितेंद्र सिंह की मौजूदगी में आईआईटीआर द्वारा रिसर्च व विकसित किए गए तीन महत्वपूर्ण व आम आदमी के बेहद काम की चीजों की तकनीक का हस्तांतरण किया गया।
1. सुपर टैबलेट से मिटेगी दिन भर की भूख (फोटो)
आईआईटीआर के वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ. आर पार्थसारथी व उनकी टीम में शामिल डॉ. रिनी सिंह, तान्या जमाल, अनमता अली आदि ने मोटा अनाज आधारित सुपर टैबलेट बनाया है। इसे खाकर भूख मिट जाएगी और विटामिन, मिनरल्स समेत सभी जरूरी तत्व भी मिल जाएंगे। आपातकालीन स्थिति में फंसने में यह जान बचाने के काम आ सकती है। एस्ट्रोनॉट इसे अंतरिक्ष में ले जा सकेंगे। वैज्ञानिकों की टीम ने इस टैबलेट का नाम आपातकालीन आहार रखा है। डॉ. पार्थसारथी ने बताया कि यह देश में बना अपने तरह का अनोखा फ्यूचर फूड है। 12 टैबलेट खाकर पूरे दिन की भूख मिट जाएगी।
2. खून की कमी का पलभर में लगेगा पता
आईआईटीआर के वैज्ञानिक डॉ. संदीप शर्मा ने बेहद किफायती टेस्ट किट बनाई है जो पलक झपकते ही मरीज में खून की कमी (एनीमिया) बता देगा। इसके लिए पैथालॉजी जाने या ज्यादा रुपये खर्च करने की भी जरूरत नहीं पड़ेगी। खून की कमी कहे जाने वाले सिकिल सेल एनीमिया की जांच में यह बेहद सटीक है। डॉ. संदीप ने इसमें क्रोमोजेनिक सेंसर का इस्तेमाल किया है।
3. कम पानी बर्बाद करेगा वाटर फिल्टर
आईआईटीआर के वैज्ञानिक डॉ. सत्यकाम के नेतृत्व में संस्थान ने ओनीर नाम से वाटर फिल्टर बनाया है, जो बेहद किफायती तो है ही, पानी छानने के क्रम में यह पानी भी कम बर्बाद करता है। इसका रखरखाव भी बेहद सस्ता है। इसकी तकनीक कोयंबटूर के कॉनवे वाटर प्यूरीफायर प्रा. लि. को ट्रांसफर की गई है।