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जेल ब्रेक कांड: एक करोड़ की डील में आईजी को मिल सकती है क्लीन चिट
ब्यूरो/अमर उजाला, लखनऊ
Updated Fri, 29 Sep 2017 01:50 AM IST
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प्रतीकात्मक चित्र
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पंजाब की नाभा जेल ब्रेक कांड के मुख्य आरोपी गुरप्रीत उर्फ गोपी घनश्यामपुरिया को छोड़ने के लिए एक करोड़ की डील मामले की जांच पूरी हो चुकी है। एडीजी कानून-व्यवस्था ने अपनी जांच रिपोर्ट बृहस्पतिवार को पुलिस महानिदेशक सुलखान सिंह को सौंप दी।
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इसका खुलासा तो नहीं किया गया है, लेकिन आधिकारिक सूत्रों की मानें तो रिपोर्ट में डील में यूपी के आईजी स्तर के एक अधिकारी के शामिल होने की बात को निराधार बताया गया है। ऐसे में इस आईपीएस अधिकारी को क्लिन चिट मिलनी तय मानी जा रही है।
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बता दें, पंजाब की नाभा जेल ब्रेक कांड के मुख्य आरोपी गुरप्रीत उर्फ गोपी घनश्यामपुरिया को छोड़ने के लिए एक करोड़ की डील की बात सामने आई थी। डील करने वाले दो लोगों के बीच फोन पर हुई बातचीत में यूपी पुलिस केआईजी स्तर के एक अधिकारी का नाम भी कई बार लिया गया था।
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बातचीत का ऑडियो वायरल होने केबाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इसका संज्ञान लेते हुए डीजीपी सुलखान सिंह को पूरे मामले की जांच एडीजी स्तर के अधिकारी से कराने का निर्देश दिया था। इसके बाद डीजीपी ने इस मामले की जांच एडीजी कानून-व्यवस्था आनंद कुमार को सौंपी थी।
उन्होंने 21 सितंबर को अमृतसर जाकर पूरे प्रकरण की जांच की और 22 सितंबर को लखनऊ लौट आए थे। उन्होंने अपनी रिपोर्ट डीजीपी को सौंप दी है। संभावना है कि एक-दो दिन में डीजीपी दफ्तर इस रिपोर्ट को सार्वजनिक करेगा।