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Lucknow News: दिल को दुरुस्त रखना है तो भूख का 80 फीसदी ही करें भोजन
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कार्यक्रम में शामिल डॉक्टर।
लखनऊ। भूख से कम भोजन करने से पेट ही नहीं, हमारा दिल भी दुरुस्त रहता है। अगर हमें अपना दिल सलामत रखना है तो भूख का 80 फीसदी ही भोजन करना चाहिए। कॉर्डियोलॉजी सोसाइटी ऑफ इंडिया यूपी चैप्टर के अध्यक्ष डॉ. अजय पांडेय ने शुक्रवार को केजीएमयू के अटल बिहारी वाजपेयी साइंटिफिक कन्वेंशन सेंटर में आयोजित कॉर्डिकॉन-2026 में यह सलाह दी है।
डॉ. अजय ने बताया कि 20 फीसदी पेट खाली रहने से पाचन क्षमता सही रहती है। मोटापा कम होने से रक्तचाप और मधुमेह का खतरा भी कम होता है। ये दोनों ही दिल के रोग की बड़ी वजह है। खानपान में हरी सब्जियां, मौसमी फल, साबुत अनाज, दालें और प्रोटीनयुक्त आहार लेना चाहिए। तला-भुना और जंक फूड से तौबा करने के साथ ही नियमित व्यायाम और सही भोजन को दिनचर्या में शामिल करके लंबे समय तक स्वस्थ रहा जा सकता है।
प्रदेश की धड़कन है लारी कार्डियोलॉजी
उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने कॉर्डिकॉन का शुभारंभ करते हुए कहा कि लारी कार्डियोलॉजी लखनऊ ही नहीं, पूरे प्रदेश की धड़कन है। यहां जटिल कोरोनरी आर्टरी डिजीज, हार्ट फेल्योर का इलाज मुहैया कराया जा रहा है। प्राथमिक एंजियोप्लास्टी, पेसमेकर के साथ ही अन्य जटिल रोगों का उपचार किया जा रहा है। उपमुख्यमंत्री ने बताया कि प्रदेश में स्वास्थ्य ढांचे को सुदृढ़ किया जा रहा है। जिला अस्पतालों को अपग्रेड कर मल्टीस्पेशियलिटी सुविधाएं दी गई हैं। रोबोटिक सर्जरी और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आधारित डायग्नोस्टिक सिस्टम से उपचार की गुणवत्ता और सटीकता बढ़ी है। उन्होंने कहा कि सरकार सुलभ, किफायती और गुणवत्ता युक्त स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है। इस मौके पर मेधावी छात्रों को मेडल प्रदान किए गए।
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हार्ट अटैक के आधे मामले 50 वर्ष से कम आयु वालों के
कॉर्डियोलॉजी सोसाइटी ऑफ इंडिया के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. धीमान कहाली ने कहा कि दिल की बीमारी अब युवाओं में भी हो रही है। इस समय हार्ट अटैक के करीब 50 फीसदी मामले 50 साल से कम आयु वालों के हैं। खराब खानपान, धूम्रपान, मोटापा, डायबिटीज, हाई ब्लड प्रेशर और तनाव इसके प्रमुख कारण हैं। शुरुआत में शरीर पर इनका प्रभाव नजर नहीं आता, लेकिन अचानक ही हार्ट अटैक की समस्या होती है। इससे बचने के लिए 30 वर्ष की उम्र के बाद नियमित हेल्थ चेकअप कराएं। सीने में दर्द, घबराहट, सांस फूलना या अत्यधिक पसीना आना जैसे लक्षणों को नजरअंदाज न करें। खानपान दुरुस्त रखने के साथ ही नियमित रूप से व्यायाम भी करें।
मिठाई और नमक दोनों की अति बुरी
केजीएमयू के हृदय रोग विशेषज्ञ डॉ. अक्षय प्रधान ने कहा कि मिठाई और नमक दोनों की अति दिल के लिए घातक है। फास्ट फूड और डिब्बा बंद भोजन भी दिल की सेहत के लिए नुकसानदायक है। कार्डियोलॉजी विभाग के प्रमुख प्रो. ऋषि सेठी ने कहा कि शुगर, बीपी और कोलेस्ट्रॉल की जांच जरूर कराएं। रोज 10 हजार कदम चलें। धूम्रपान और नशे से बचें।
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डॉ. अजय ने बताया कि 20 फीसदी पेट खाली रहने से पाचन क्षमता सही रहती है। मोटापा कम होने से रक्तचाप और मधुमेह का खतरा भी कम होता है। ये दोनों ही दिल के रोग की बड़ी वजह है। खानपान में हरी सब्जियां, मौसमी फल, साबुत अनाज, दालें और प्रोटीनयुक्त आहार लेना चाहिए। तला-भुना और जंक फूड से तौबा करने के साथ ही नियमित व्यायाम और सही भोजन को दिनचर्या में शामिल करके लंबे समय तक स्वस्थ रहा जा सकता है।
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प्रदेश की धड़कन है लारी कार्डियोलॉजी
उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने कॉर्डिकॉन का शुभारंभ करते हुए कहा कि लारी कार्डियोलॉजी लखनऊ ही नहीं, पूरे प्रदेश की धड़कन है। यहां जटिल कोरोनरी आर्टरी डिजीज, हार्ट फेल्योर का इलाज मुहैया कराया जा रहा है। प्राथमिक एंजियोप्लास्टी, पेसमेकर के साथ ही अन्य जटिल रोगों का उपचार किया जा रहा है। उपमुख्यमंत्री ने बताया कि प्रदेश में स्वास्थ्य ढांचे को सुदृढ़ किया जा रहा है। जिला अस्पतालों को अपग्रेड कर मल्टीस्पेशियलिटी सुविधाएं दी गई हैं। रोबोटिक सर्जरी और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आधारित डायग्नोस्टिक सिस्टम से उपचार की गुणवत्ता और सटीकता बढ़ी है। उन्होंने कहा कि सरकार सुलभ, किफायती और गुणवत्ता युक्त स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है। इस मौके पर मेधावी छात्रों को मेडल प्रदान किए गए।
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हार्ट अटैक के आधे मामले 50 वर्ष से कम आयु वालों के
कॉर्डियोलॉजी सोसाइटी ऑफ इंडिया के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. धीमान कहाली ने कहा कि दिल की बीमारी अब युवाओं में भी हो रही है। इस समय हार्ट अटैक के करीब 50 फीसदी मामले 50 साल से कम आयु वालों के हैं। खराब खानपान, धूम्रपान, मोटापा, डायबिटीज, हाई ब्लड प्रेशर और तनाव इसके प्रमुख कारण हैं। शुरुआत में शरीर पर इनका प्रभाव नजर नहीं आता, लेकिन अचानक ही हार्ट अटैक की समस्या होती है। इससे बचने के लिए 30 वर्ष की उम्र के बाद नियमित हेल्थ चेकअप कराएं। सीने में दर्द, घबराहट, सांस फूलना या अत्यधिक पसीना आना जैसे लक्षणों को नजरअंदाज न करें। खानपान दुरुस्त रखने के साथ ही नियमित रूप से व्यायाम भी करें।
मिठाई और नमक दोनों की अति बुरी
केजीएमयू के हृदय रोग विशेषज्ञ डॉ. अक्षय प्रधान ने कहा कि मिठाई और नमक दोनों की अति दिल के लिए घातक है। फास्ट फूड और डिब्बा बंद भोजन भी दिल की सेहत के लिए नुकसानदायक है। कार्डियोलॉजी विभाग के प्रमुख प्रो. ऋषि सेठी ने कहा कि शुगर, बीपी और कोलेस्ट्रॉल की जांच जरूर कराएं। रोज 10 हजार कदम चलें। धूम्रपान और नशे से बचें।

कार्यक्रम में शामिल डॉक्टर।

कार्यक्रम में शामिल डॉक्टर।

कार्यक्रम में शामिल डॉक्टर।

कार्यक्रम में शामिल डॉक्टर।