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पहलगाम हमला: कश्मीर से लौटे पर्यटक बोले, रास्ते में देर न होती तो हम जिंदा न होते... नसीब से बची जान

Fri, 25 Apr 2025 05:19 PM IST
ishwar ashish अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ
अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ Published by: ishwar ashish Updated Fri, 25 Apr 2025 05:19 PM IST
सार

जन्मू कश्मीर से लौटे पर्यटकों ने पहलगाम हमले पर बात की। उन्होंने कहा कि रास्ते में देर होने के कारण वह पहलगाम नहीं पहुंच सके और जिंदा बच गए। कहा कि हमले के बाद हम लोग डरे हुए थे।

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If had not been late we might not have been alive Tourists narrowly escaped Pahalgam attack narrated ordeal
सुमित चटर्जी व विजय प्रकाश। - फोटो : amar ujala

विस्तार

आतंकी हमले वाले दिन ही हम भी पहलगाम जा रहे थे। रास्ते में देर हो गई तो पहलगाम से काफी पहले ही एक होटल में रुक गए। सोचा अगली सुबह वहां पहुंचेंगे। होटल पहुंचकर आतंकी हमले की खबर मिली तो हमारा दिल दहल गया। उसी वक्त वहां से वापसी का फैसला किया, लेकिन होटल वाले ने रात का हवाला देकर हमें रोक लिया। हम रुक तो गए थे, लेकिन डर से पसीने-पसीने होते रहे। पूरी रात दहशत में गुजरी। बार-बार खिड़की से झांककर देखते रहे। सुबह तक नींद नहीं आई..

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जम्मूतवी कोलकाता एक्सप्रेस की स्लीपर बोगी में यात्रा कर लखनऊ पहुंचे पैसेंजर सुमित चटर्जी ने अपनी आपबीती कुछ यूं ही सुनाई। वह मूलरूप से कोलकाता के रहने वाले हैं। अपने परिजनों के साथ चार दिन पहले घूमने के लिए कश्मीर पहुंचे थे। उन्होंने बताया कि पहलगाम की खूबसूरती के बारे में काफी कुछ पढ़ा था। लिहाजा यात्रा के दौरान पहलगाम जाने का भी प्लान बनाया। ये संयोग था कि हमें रास्ते में देर हो गई। यदि हम पहलगाम पहुंच गए होते तो शायद हम अब जिंदा न होते। यह कहते हुए सुमित भावुक भी हो जाते हैं।
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सुमित के साथ ट्रेन में मौजूद विजय प्रकाश चौरसिया ने बताया कि होटल वाले ने हमें बहुत हौसला दिया और वापसी के लिए बहुत मदद की। उसने ही टैक्सी करवाई और हम सुरक्षित श्रीनगर तक पहुंच सके। आतंकी हमले के बाद स्थानीय लोग भी डरे हुए थे।

मां वैष्णो देवी के दर्शन कर लौट आए

If had not been late we might not have been alive Tourists narrowly escaped Pahalgam attack narrated ordeal
बलवंत सिंह - फोटो : amar ujala

लोहित एक्सप्रेस की स्लीपर बोगी से यात्रा कर बृहस्पतिवार को लखनऊ पहुंचे राघवेंद्र शुक्ल व बलवंत सिंह ने बताया कि जम्मू में माता वैष्णो के दर्शन के बाद श्रीनगर, सोनमार्ग, गुलमर्ग, अनंतनाग, पहलगाम जाने का प्लान था। आतंकी हमले के बाद हमने वापस लौटने का फैसला किया। सभी जगह होटलों और टैक्सी  की एडवांस बुकिंग थी। न जाने से काफी रुपयों का नुकसान हुआ। खुशी इस बात की हे कि हम सुरक्षित वापस लौअ आए हैं। 

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