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आईईटी के शिक्षक निलंबित, प्रमोशन के लिए दी थी गलत जानकारी
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डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम प्राविधिक विश्वविद्यालय (एकेटीयू) कुलपति प्रो. विनय कुमार पाठक ने कॅरिअर एडवांसमेंट स्कीम के तहत प्रोन्नति के लिए लगाए गए दस्तावेजों में गड़बड़ी मिलने पर इंस्टीट्यूट ऑफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी (आईईटी) के इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग विभाग के शिक्षक डॉ. सत्येंद्र सिंह को निलंबित कर दिया है। साथ ही जांच के लिए तीन सदस्यीय कमेटी का गठन किया है।
जानकारी के अनुसार हाल में आईईटी के लिए कॅरिअर एडवांसमेंट स्कीम (कैस) का आयोजन किया गया था, जिसमें विभिन्न विभाग के शिक्षकों ने आवेदन किया था। विवि की ओर से जारी आदेश के अनुसार चयन समिति ने डॉ. सत्येंद्र सिंह को प्रोन्नति के लिए अर्ह नहीं पाया। चयन समिति के इस निर्णय के खिलाफ सचिव, प्राविधिक शिक्षा में प्रत्यावेदन दिया गया था। ऐसे में जब डॉ. सत्येंद्र के शैक्षिक उपलब्धियों के दावों की जांच की गई तो उसमें गलत सूचना देने की जानकारी हुई।
डॉ. सत्येंद्र का यह कार्य शैक्षिक सुचिता का अतिक्रमण और कर्मचारी आचरण नियमावली के तहत कदाचार का द्योतक माना गया है। इसका संज्ञान लेते हुए कुलपति प्रो. पाठक ने डॉ. सिंह को 27 मार्च को निलंबित कर कुलपति कार्यालय से संबद्ध कर दिया है। साथ ही एचबीटीयू कानपुर के प्रो. करुणाकर सिंह की अध्यक्षता में तीन सदस्यीय जांच कमेटी का गठन किया गया है, जिसमें एकेटीयू के डीन पीजी एंड रिसर्च प्रो. एमके दत्ता व परीक्षा नियंत्रक प्रो. राजीव कुमार शामिल हैं। आईईटी रजिस्ट्रार डॉ. प्रदीप कुमार बाजपेई को जांच समिति के लिए प्रस्तुतकर्ता अधिकारी नामित किया गया है। जांच समिति को एक महीने में जांच पूरी कर अपनी जांच आख्या देनी होगी।
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जानकारी के अनुसार हाल में आईईटी के लिए कॅरिअर एडवांसमेंट स्कीम (कैस) का आयोजन किया गया था, जिसमें विभिन्न विभाग के शिक्षकों ने आवेदन किया था। विवि की ओर से जारी आदेश के अनुसार चयन समिति ने डॉ. सत्येंद्र सिंह को प्रोन्नति के लिए अर्ह नहीं पाया। चयन समिति के इस निर्णय के खिलाफ सचिव, प्राविधिक शिक्षा में प्रत्यावेदन दिया गया था। ऐसे में जब डॉ. सत्येंद्र के शैक्षिक उपलब्धियों के दावों की जांच की गई तो उसमें गलत सूचना देने की जानकारी हुई।
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डॉ. सत्येंद्र का यह कार्य शैक्षिक सुचिता का अतिक्रमण और कर्मचारी आचरण नियमावली के तहत कदाचार का द्योतक माना गया है। इसका संज्ञान लेते हुए कुलपति प्रो. पाठक ने डॉ. सिंह को 27 मार्च को निलंबित कर कुलपति कार्यालय से संबद्ध कर दिया है। साथ ही एचबीटीयू कानपुर के प्रो. करुणाकर सिंह की अध्यक्षता में तीन सदस्यीय जांच कमेटी का गठन किया गया है, जिसमें एकेटीयू के डीन पीजी एंड रिसर्च प्रो. एमके दत्ता व परीक्षा नियंत्रक प्रो. राजीव कुमार शामिल हैं। आईईटी रजिस्ट्रार डॉ. प्रदीप कुमार बाजपेई को जांच समिति के लिए प्रस्तुतकर्ता अधिकारी नामित किया गया है। जांच समिति को एक महीने में जांच पूरी कर अपनी जांच आख्या देनी होगी।
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