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सेवानिवृत आईएएस अधिकारी मनोज कुमार राज्य निर्वाचन आयोग के नए आयुक्त
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
Updated Fri, 19 Jan 2018 12:57 AM IST
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राज्य निर्वाचन आयुक्त मनोज कुमार।
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भारतीय प्रशासनिक सेवा के 1982 बैच के सेवानिवृत्त अधिकारी मनोज कुमार को प्रदेश का नया राज्य निर्वाचन आयुक्त बनाया गया है। बृहस्पतिवार को सरकार की हरी झंडी मिलने के बाद पंचायती राज विभाग ने उनकी नियुक्ति के आदेश जारी कर दिए। शाम को उन्होंने पदभार ग्रहण कर लिया। गत 19 दिसंबर को सतीश कुमार अग्रवाल के सेवानिवृत्त होने के बाद से यह पद खाली था।
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सरकार ने दिसंबर के अंतिम सप्ताह में ही राज्य निर्वाचन आयुक्त पद पर नियुक्ति की कवायद शुरू कर दी थी। कई सेवानिवृत्त आईएएस अधिकारी इस पद की दौड़ में थे। दो दिन पहले मुख्यमंत्री आवास पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष डॉ. महेंद्रनाथ पांडेय और प्रदेश महामंत्री संगठन सुनील बंसल के बीच आयोगों, बोर्डों और निगमों में नियुक्तियों को लेकर हुई चर्चा में मनोज कुमार को राज्य निर्वाचन आयोग की कमान सौंपने का फैसला किया गया।
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2 फरवरी 2022 तक रहेगा कार्यकाल
राज्य निर्वाचन आयोग की नियमावली के अनुसार राज्य निर्वाचन आयुक्त की नियुक्ति अधिकतम 6 वर्ष या 68 वर्ष की आयु (दोनों में से जो भी पहले हो) तक के लिए की जाती है। 2 फरवरी 1954 को जन्मे मनोज कुमार का कार्यकाल 2 फरवरी 2022 तक रहेगा। इस तरह वे सिर्फ 2020 में पंचायत चुनाव ही करा सकेंगे।
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देवरिया के डीएम, फैजाबाद के कमिश्नर रह चुके हैं
मनोज कुमार गोरखपुर में संयुक्त निदेशक औद्योगिक विकासऔर संयुक्त विकास आयुक्त के पद पर रह चुके हैं। उन्होंने 16 जुलाई 1991 को देवरिया के डीएम का कार्यभार संभाला और 20 जनवरी 1994 तक इस पद पर रहे। 10 अप्रैल 1998 से 25 अक्तूबर 1999 तक मिर्जापुर और 26 अक्तूबर 1999 से 6 नवंबर 2003 तक वाराणसी के मंडलायुक्त रहे। 23 सितंबर 2006 से 4 फरवरी 2007 तक उन्होंने फैजाबाद के मंडलायुक्त का पदभार संभाला। वे बेसिक, माध्यमिक और उच्च शिक्षा, कृषि शिक्षा एवं शोध, लघु सिंचाई, पिछड़ा वर्ग कल्याण, विज्ञान एवं तकनीकी, धार्मिक मामलों, ग्रामीण अभियंत्रण, पंचायतीराज, सामान्य प्रशासन और दिव्यांग कल्याण विभाग में प्रमुख सचिव भी रह चुके हैं।