{"_id":"5c3ef8babdec22738e369bde","slug":"ias-b-chandrakala-speaks-on-cbi-investigation-in-illegal-mining-case","type":"story","status":"publish","title_hn":"आईएएस बी चंद्रकला ने खनन घोटाले की जांच में दी सफाई, बोलीं कोई धारणा न बनाए","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
आईएएस बी चंद्रकला ने खनन घोटाले की जांच में दी सफाई, बोलीं कोई धारणा न बनाए
Wed, 16 Jan 2019 02:56 PM IST
Priyesh Mishra
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
Published by: Priyesh Mishra
Updated Wed, 16 Jan 2019 02:56 PM IST
विज्ञापन
आईएएस अधिकारी बी चंद्रकला
- फोटो : amar ujala
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
हमीरपुर खनन मामले में सीबीआई जांच का सामना कर रही आईएएस अधिकारी बी. चंद्रकला ने अपने घर छापेमारी की ओर इशारा करते हुए कहा है कि छापा, जांच प्रक्रिया का एक हिस्सा मात्र है। एक तरह से उन्होंने अपने फॉलोअर्स से छापों से कोई धारणा न बनाने की बात कही है।
सोशल मीडिया प्लेटफार्म लिंक्डेन पर उन्होंने दार्शनिक अंदाज में विचार साझा करते हुए लिखा है कि ,आइए, परमात्मा के दिए इस नए सवेरे में हम अपनी तरफ से प्रेम की सुगंध फैलाएं। नफरत और घृणा से जीवन दूषित होता है। उन्होंने अपनी पोस्ट में ‘आ सोलह शृंगार करूं, आज मैं तुमको प्यार करूं...’ शीर्षक से एक लंबी कविता भी पोस्ट की है।
चंद्रकला ने इससे पहले भी एक पोस्ट साझा की थी। इसमें छापे को चुनाव से जोड़ते हुए कहा था- ‘...चुनावी छापा तो पड़ता रहेगा, लेकिन जीवन के रंग को क्यों फीका किया जाए दोस्तो। आप सब से गुजारिश है कि मुसीबतें कैसी भी हो, जीवन की डोर को बेरंग न छोड़ें।’ उन्होंने इस पोस्ट के साथ, रे रंगरेज, तू रंग दे मुझको...’ कविता पोस्ट की थी।
विज्ञापन
विज्ञापन
सोशल मीडिया प्लेटफार्म लिंक्डेन पर उन्होंने दार्शनिक अंदाज में विचार साझा करते हुए लिखा है कि ,आइए, परमात्मा के दिए इस नए सवेरे में हम अपनी तरफ से प्रेम की सुगंध फैलाएं। नफरत और घृणा से जीवन दूषित होता है। उन्होंने अपनी पोस्ट में ‘आ सोलह शृंगार करूं, आज मैं तुमको प्यार करूं...’ शीर्षक से एक लंबी कविता भी पोस्ट की है।
विज्ञापन
चंद्रकला ने इससे पहले भी एक पोस्ट साझा की थी। इसमें छापे को चुनाव से जोड़ते हुए कहा था- ‘...चुनावी छापा तो पड़ता रहेगा, लेकिन जीवन के रंग को क्यों फीका किया जाए दोस्तो। आप सब से गुजारिश है कि मुसीबतें कैसी भी हो, जीवन की डोर को बेरंग न छोड़ें।’ उन्होंने इस पोस्ट के साथ, रे रंगरेज, तू रंग दे मुझको...’ कविता पोस्ट की थी।
विज्ञापन