फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Lucknow News ›   ias asking about phc and chc

आईएएस पूछ रहे सीएचसी और पीएचसी में अंतर

Mon, 29 Jul 2013 10:30 PM IST
लखनऊ/इंटरनेट डेस्क
लखनऊ/इंटरनेट डेस्क Updated Mon, 29 Jul 2013 10:30 PM IST
विज्ञापन
ias asking about phc and chc

मेडिकल कॉलेज (केजीएमयू) में मुफ्त दवाएं क्यों नहीं मिलती हैं? अस्पताल का रिर्कार्ड कैसे मेंटेन करते हैं?

विज्ञापन


सीएचसी और पीएचसी में क्या अंतर है? अस्पताल में कितने डॉक्टर तैनात हैं? अस्पताल में मरीजों की सुविधा के लिए क्या व्यवस्था है?

ये सवाल किसी मंत्री या नेता के नहीं देश के भावी प्रशासनिक अधिकारियों के हैं। जो सोमवार को ‘भारत दर्शन’लखनऊ के विभिन्न अस्पतालों का दौरा करने पहुंचे थे।

 
2012 बैच के 17 प्रशिक्षु आईएएस अधिकारियों की टीम दिल्ली से लखनऊ पहुंची थी।

सबसे पहले वो केजीएमयू पहुंचे वहां उन्होंने सीएमएस प्रो.एस.एन.शंखवार के साथ चिकित्सा विश्वविद्यालय की प्रशासनिक व्यवस्था का जायजा लिया।

अस्पताल कचरा प्रबंधन की जानकारी ली। इसके अलावा एनॉटमी विभाग और ट्रॉमा सेंटर का दौरा भी किया।

इसके बाद ये टीम बलरामपुर अस्पताल पहुंची टीम ने पूरे अस्पताल का भ्रमण किया और स्वास्थ्य सुविधाओं का हालचाल लिया।

बलरामपुर अस्पताल के निदेशक डॉ. टीपी सिंह से मुलाकात में युवा अधिकारियों ने सीजीएस ‘सेंट्रल गवर्मेट सर्विसेस’ और ‘फेल्ट नीड ओरिएंटेड’के बीच अंतर को भी समझा।
विज्ञापन


अधिकारियों के सवाल का जवाब देते हुए डॉ. टीपी सिंह ने बताया कि सीजीएस अस्पताल में सिर्फ केंद्रीय कर्मचारी ही स्वास्थ्य सुविधा का लाभ ले सकते हैं।

जबकि एफएनओ के तहत हमारे अस्पताल में हर किसी को इलाज दिया जाता है और इलाज देने के लिए किसी भी तरह की कोई सीमा नहीं है।

जब किसी को अवाश्यक्ता महसूस हुई वो इलाज ले सकता है। इसके बाद अस्पताल की भीड़भाड़ को देखते हुए सवाल दागा गया कि अस्पताल में कितने डाक्टर तैनात हैं।

इस पर निदेशक ने जवाब दिया कि अस्पताल में कुल 84 डाक्टरों की तैनाती है जिसमें से 42 डाक्टर आउटडोर ड़यूटी में तैनात हैं।

सभी युवा अधिकारियों ने इमरजेंसी और अस्पताल में बने नए सुपर स्पेशलिटी वार्ड का दौरा कर उसकी विशेषता जानी।

वहीं मरीजों की आवश्यक्ताओं और बेहतर इलाज देने के लिए आधुनिक उपकरणों के बारे में भी विस्तार से चर्चा की।

इस मौके पर अस्पताल के चिकित्सा अधीक्षक डॉ. बीकेएस चौहान और डॉ. मनोज अग्रवाल ने भी युवा अधिकारियों के सवालों का जवाब देकर उनकी जिज्ञासाएं शांत की।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed