दो महीने पहले से था IAS अनुराग को अनहोनी का शक, भाई को बताई थी ये बातें
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आईएएस अफसर अनुराग तिवारी को अपनी व परिवार की जान पर खतरे का अंदेशा करीब दो महीने पहले से ही था। अनुराग के बड़े भाई मयंक के मुताबिक उन्होंने फोन पर कहा था कि इन लोगों का नेटवर्क बहुत तगड़ा है। वे मेरा तो कुछ नहीं बिगाड़ पाएंगे लेकिन तुम लोग सतर्क रहना।
अनुराग ने मुरादाबाद में रह रहे भाई मयंक और मुंबई में रह रहे आलोक को अपनी व परिजनों की सुरक्षा के लिए चेताया था। मयंक ने कहा कि अनुराग ने कर्नाटक में फूड एंड सिविल सप्लाई विभाग में बड़ा घोटाला पकड़ लिया था जिसके चलते कुछ मंत्री और प्रशासनिक अधिकारी उनसे नाराज थे।
उन्हें लगातार धमकियां मिल रही थीं। माता-पिता उससे मिलने बंगलूरू आने वाले थे। टिकट की बुकिंग भी हो चुकी थी लेकिन अनुराग ने मयंक को वॉट्स एप पर मैसेज भेजकर मना कर दिया। उसने मैसेज में लिखा था कि यहां के राजनीतिक और अफसरशाही के हालात ठीक नहीं है।
मां-पिता का अभी बंगलूरू आना ठीक नहीं होगा। इसके बाद मयंक ने माता-पिता के टिकट रद करा दिए थे।मयंक ने कहा, उन्हें रास्ते से हटाने की साजिश काफी पहले से रची जा रही थी।
अधिकारियों और नेताओं ने मिलकर लखनऊ में उनकी हत्या करा दी। पुलिस और फोरेंसिक लैब के अधिकारियों ने मौत की शुरुआती पड़ताल में न सिर्फ घोर लापरवाही बरती बल्कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट को मैनेज करने की कोशिश भी की।
मौत से चंद घंटे पहले मां से कहा था, सोच रहा हूं नौकरी छोड़ दूं
आईएएस अनुराग तिवारी की मां सुशीला ने बताया कि वह मानसिक रूप से काफी परेशान चल रहा था। मंगलवार रात आखिरी बार हुई बातचीत में अनुराग ने मां से कहा था, सोच रहा हूं नौकरी छोड़ दूं।
सुशीला यह सुनकर हैरान रह गई थीं। बकौल सुशीला, वह सारी रात सोचती रहीं कि आखिर बेटे को कौन लोग परेशान कर रहे हैं। ऐसी कौन सी वजह थी जो अनुराग देश की सबसे बड़ी सेवा को छोड़ने को तैयार था।
जरूर उसके साथ कुछ बहुत बुरा घट रहा था। रातभर सोचने के बाद उन्होंने सुबह बेटे से बात करने का निर्णय किया लेकिन तब तक उसकी मौत की खबर आ गई।
आईफोन का पता करने कनार्टक जाएगी पुलिस
एसएसपी दीपक कुमार ने बताया कि अनुराग के पास एक मोबाइल फोन था या दो? इसका पता लगाने के लिए पुलिस की टीम कर्नाटक भेजी जाएगी।
एलडीए वीसी पीएन सिंह ने अनुराग के पास एक ही मोबाइल फोन होने की जानकारी दी है। परिजनों ने भी एक ही नंबर बताया था। उनके पास एप्पल का आईफोन होने की पुष्टि नहीं हो पा रही है।
हो सकता है, आईफोन में वह कर्नाटक सरकार का सीयूजी नंबर चलाते हों। चूंकि, वह छुट्टी पर चल रहे थे इसलिए सीयूजी नंबर कर्नाटक में ही छोड़कर आए होंगे।
आईएएस की पोस्टमार्टम रिपोर्ट में दम घुटने से मौत और दम घुटने का कारण स्पष्ट न होने की बात पुलिस के गले नहीं उतर रही है।
एसएसपी ने पोस्टमार्टम रिपोर्ट पर विशेषज्ञों से राय लेने की बात कही है। उन्होंने कहा, पोस्टमार्टम में आईएएस की ठुड्डी पर लगे कट, बाएं गाल पर चोटें और निचले होठ के भीतर कट कैसे लगा? इस पर अलग-अलग विशेषज्ञों से संपर्क किया जाएगा। सबकी रिपोर्ट के आधार पर ही पुलिस कोई फैसला करेगी।