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सरयू में शुरू हुई उफान, तटवर्ती इलाकों में हलचल

Thu, 04 Jul 2019 12:30 AM IST
Lucknow Bureau लखनऊ ब्यूरो
Updated Thu, 04 Jul 2019 12:30 AM IST
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Hurricane starts in Saryu, stir in coastal areas
अयोध्या। पहाड़ों व मैदानी इलाकों में हुई बारिश के बाद सरयू का जलस्तर बढ़ने का सिलसिला शुरू हो चुका है। इसके चलते घाटों से करीब 500 मीटर दूर पहुंच गई सरयू की धारा अब फिर घाटों को छूने लगी है।
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चार दिनों में नदी का जलस्तर 14 सेमी तक बढ़ा है, वृद्धि का क्रम जारी है। इससे कछार में हलचल शुरू हो गई है। हालांकि अभी बाढ़ का कोई खतरा नहीं है फिर भी कछार में घर उजाड़ने व नए स्थान पर बसने की तैयारियां शुरू हो चुकी हैं।
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हर वर्ष फरवरी से लेकर जून तक सरयू की धारा घाटों से दूर चली जाती है। इस वर्ष भी यही स्थित रही लेकिन जुलाई लगते ही एक बार फिर नदी के जलस्तर में वृद्धि का क्रम तेज हो गया है।
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सरयू के जलस्तर में लगातार हो रही वृद्धि के चलते तटवर्ती इलाकों में बसे गांवों के लोगों को भी बाढ़ का डर सताने लगा है। केंद्रीय जल आयोग के संजय कुशवाहा ने बताया कि सरयू के जलस्तर में चार दिनों से लगातार वृद्धि हो रही है।
बुधवार दोपहर दो बजे तक नदी का जलस्तर 89.910 मीटर पर स्थिर रिकार्ड किया गया। वहीं 2 जुलाई को जलस्तर 89.890, पहली जुलाई को 89.860 व 30 जून को 89.770 मीटर रिकार्ड किया गया था।
बताया कि इस समय नहरों के पानी का उपयोग नहीं हो रहा है जिसके चलते नहरों का पानी सरयू में आ रहा है। इसी के चलते सरयू कें जलस्तर में वृद्धि हुई है। बताया कि बाढ़ का अभी कोई खतरा नहा है।
सरयू अभी खतरे के निशान 92.730 मीटर से करीब पौने तीन मीटर दूर है। सरयू का जलस्तर बुधवार सुबह 89.91 मीटर रिकार्ड हुआ है। यह बढ़ोतरी मानसून आने के बाद एक फीट से अधिक की है। रुक-रुक कर बढ़ाव जारी है, हालांकि सरयू का वार्निंग लेबल 91.73 मीटर व खतरे का निशान 92.73 मीटर है।
सरयू/घाघरा नदी जिले के कछारी क्षेत्रों व गांवों में हर साल अपना कहर बरपाती है। बंधा कटे या न कटे, इससे कोई मतलब नहीं है। यहां तो बाढ़ की तबाही झेलना ग्रामीणों की नियति ही बन गयी है।
शुजागंज प्रतिनिधि के अनुसार रुदौली तहसील क्षेत्र के एक दर्जन गांव बाढ़ की विभीषिका झेलते हैं। हर साल गांवों के लोग रौनाही तटबंध पर खानाबदोश जीवन जीने को मजबूर होते हैं।
बाढ़ प्रभावित कैथी माझा, मंहगू का पुरवा, सल्लाहपुर, अब्बपुर, मुजेहना, सराय नासिर व कैथी माझा के लोगों का कहना है कि बाढ़ के समय प्रशासन व जनप्रतिनिधियों द्वारा सभी प्रकार से समस्याएं दूर करने की बात की जाती है।
लेकिन बाढ़ समाप्त होने पर कोई दिखाई तक नहीं पड़ता। कैथी माझा निवासी राम तीर्थ ,राम शंकर, गौरीशंकर व मौजी राम ने बताया कि नदी का जलस्तर बढ़ रहा है और प्रशासन की तरफ से अभी तक कोई इंतजाम नहीं किया गया है।

केवल रौनाही तट बंध ही सहारा हैं । महगू का पुरवा निवासी राजकमल यादव, संजय सिंह, विनय, मनोज कुमार सिंह, वज्र कुमार सिंह का कहना कि अभी तक प्रशासन हम लोगों के लिए सुरक्षित स्थान तक नहीं उपलब्ध करा सका है।
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