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कोरोना टीकाकरण की पहली डोज के मामले में भारी असमानता, कहीं 120 तो कहीं 60 फीसदी टीकाकरण
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कोरोना टीकाकरण में भारी असामनता। (फोटो ः प्रतीकात्मक)
- फोटो : ??? ?????
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राजधानी में कोरोना टीकाकरण की पहली डोज के मामले में भारी असमानता देखने को मिल रही है। कहीं लक्ष्य के मुकाबले 120 प्रतिशत टीकाकरण हो गया है तो कहीं सुई 60 फीसदी पर ही अटकी हुई है।
पहली डोज के शत-प्रतिशत टीकाकरण के लिए 30 नवंबर तक का समय निर्धारित है। अब लक्ष्य पाने के लिए रोज 55 हजार से ज्यादा का टीकाकरण हो, तब निर्धारित अवधि में सभी को पहली डोज लग पाएगी।
राजधानी की कुल आबादी 55 लाख के करीब है। इसमें से करीब 34 लाख शहरी और 21 लाख ग्रामीण आबादी है। कुल आबादी में से 18 पार के करीब 38 लाख लोगों का टीकाकरण होना है।
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यह आबादी आठ विकास खंड तथा शहरी क्षेत्र में बांटी गई है। आबादी के हिसाब से हर क्षेत्र के लिए लक्ष्य निर्धारित है। शहर से सटे चिनहट क्षेत्र में लक्ष्य से ज्यादा लोगों का टीकाकरण हो चुका है।
स्वास्थ्य विभाग के अनुसार, टीकाकरण के लिए उसी क्षेत्र का निवासी होना अनिवार्य नहीं है। इसके चलते चिनहट में 120 फीसदी से ज्यादा का टीकाकरण हो चुका है। वहीं, माल और मलिहाबाद विकास खंड में सिर्फ 60 फीसदी लोगों को ही पहली डोज लग पाई है।
शहर में 55 फीसदी को दोनों डोज, गांव में सिर्फ 27.8 प्रतिशत
कोरोना टीके की दोनों डोज लेने के मामले में शहर का प्रदर्शन गांव से बेहतर है। शहर में जहां 55.9 प्रतिशत आबादी ने टीके की दोनों डोज ली है तो गांव में यह आंकड़ा 27.8 फीसदी ही है। ग्रामीण क्षेत्र में भी दोनों डोज लेने के मामले में सबसे खराब प्रदर्शन माल और मलिहाबाद क्षेत्र का ही है। दोनों जगह करीब 12-12 फीसदी लोगों ने ही दोनों डोज लगवाई हैं।
लखनऊ जनपद टीकाकरण में सबसे आगे चल रहा है। ग्रामीण क्षेत्र में टीकाकरण बढ़ाने के लिए दस्तक अभियान चलाया जा रहा है। इससे टीकाकरण प्रतिशत बढ़ाने में मदद मिली है। पूरा प्रयास है कि तय समय के भीतर टीकाकरण का लक्ष्य पूरा कर लिया जाये।
- डॉ. एमके सिंह, जिला प्रतिरक्षण अधिकारी
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पहली डोज के शत-प्रतिशत टीकाकरण के लिए 30 नवंबर तक का समय निर्धारित है। अब लक्ष्य पाने के लिए रोज 55 हजार से ज्यादा का टीकाकरण हो, तब निर्धारित अवधि में सभी को पहली डोज लग पाएगी।
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राजधानी की कुल आबादी 55 लाख के करीब है। इसमें से करीब 34 लाख शहरी और 21 लाख ग्रामीण आबादी है। कुल आबादी में से 18 पार के करीब 38 लाख लोगों का टीकाकरण होना है।
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यह आबादी आठ विकास खंड तथा शहरी क्षेत्र में बांटी गई है। आबादी के हिसाब से हर क्षेत्र के लिए लक्ष्य निर्धारित है। शहर से सटे चिनहट क्षेत्र में लक्ष्य से ज्यादा लोगों का टीकाकरण हो चुका है।
स्वास्थ्य विभाग के अनुसार, टीकाकरण के लिए उसी क्षेत्र का निवासी होना अनिवार्य नहीं है। इसके चलते चिनहट में 120 फीसदी से ज्यादा का टीकाकरण हो चुका है। वहीं, माल और मलिहाबाद विकास खंड में सिर्फ 60 फीसदी लोगों को ही पहली डोज लग पाई है।
शहर में 55 फीसदी को दोनों डोज, गांव में सिर्फ 27.8 प्रतिशत
कोरोना टीके की दोनों डोज लेने के मामले में शहर का प्रदर्शन गांव से बेहतर है। शहर में जहां 55.9 प्रतिशत आबादी ने टीके की दोनों डोज ली है तो गांव में यह आंकड़ा 27.8 फीसदी ही है। ग्रामीण क्षेत्र में भी दोनों डोज लेने के मामले में सबसे खराब प्रदर्शन माल और मलिहाबाद क्षेत्र का ही है। दोनों जगह करीब 12-12 फीसदी लोगों ने ही दोनों डोज लगवाई हैं।
लखनऊ जनपद टीकाकरण में सबसे आगे चल रहा है। ग्रामीण क्षेत्र में टीकाकरण बढ़ाने के लिए दस्तक अभियान चलाया जा रहा है। इससे टीकाकरण प्रतिशत बढ़ाने में मदद मिली है। पूरा प्रयास है कि तय समय के भीतर टीकाकरण का लक्ष्य पूरा कर लिया जाये।
- डॉ. एमके सिंह, जिला प्रतिरक्षण अधिकारी