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प्रस्तावित किरायेदारी कानून पर आवास विभाग ने आम लोगों से भी मांगे सुझाव
Thu, 10 Dec 2020 01:09 AM IST
पंकज श्रीवास्तव
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
Published by: पंकज श्रीवास्तव
Updated Thu, 10 Dec 2020 01:09 AM IST
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प्रतीकात्मक तस्वीर
- फोटो : Yes Bank
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प्रस्तावित किरायेदारी कानून लाने की प्रक्रिया शुरू करते हुए आवास विभाग ने प्रस्तावित उत्तर प्रदेश नगरीय परिसरों की किरायेदारी विनियम अध्यादेश-2020 का प्रारूप जारी कर दिया है। इसे विभागीय वेबसाइट awas.up.nic.in और आवास बंधु की वेबसाइट www.awasbandhu.in पर अपलोड कर दिया गया है। बुधवार को प्रमुख सचिव आवास दीपक कुमार ने आम लोगों से इस कानून के संबंध में 20 दिसंबर तक आपत्ति और सुझाव मांगने का आदेश जारी किया।
आदेश में कहा गया है कि सुझाव लिखित रूप से प्रमुख सचिव आवास एवं शहरी नियोजन विभाग उत्तर प्रदेश शासन लाल बहादुर शास्त्री भवन लखनऊ के पते पर या ईमेल- sohousingone@gmail.com पर 20 दिसंबर शाम 5 बजे तक भेजा जा सकता है। इसके बाद मिलने वाले सुझाव पर विचार नहीं किया जाएगा।
गौरतलब है कि किरायेदारों के साथ ही मकान मालिकों के हित को सुरक्षित रखने के उद्देश्य से सरकार अध्यादेश लाने का फैसला किया है। प्रस्तावित कानून के आने के बाद मकान मालिक और किरायेदारों के बीच अक्सर होने वाले विवाद पर जहां अंकुश लगेगा। वहीं किराया में मनमाने ढंग से की जाने वाली बढ़ोतरी को नियंत्रित किया जा सकेगा। यही नहीं, इस कानून के लागू होने के बाद इस बात की जानकारी भी आसानी से मिल पाएगी कि प्रदेश में कितने लोग किराये के मकान में रहते हैं और कितने लोग अपने घरों को किराये पर दे रखा है।
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आदेश में कहा गया है कि सुझाव लिखित रूप से प्रमुख सचिव आवास एवं शहरी नियोजन विभाग उत्तर प्रदेश शासन लाल बहादुर शास्त्री भवन लखनऊ के पते पर या ईमेल- sohousingone@gmail.com पर 20 दिसंबर शाम 5 बजे तक भेजा जा सकता है। इसके बाद मिलने वाले सुझाव पर विचार नहीं किया जाएगा।
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गौरतलब है कि किरायेदारों के साथ ही मकान मालिकों के हित को सुरक्षित रखने के उद्देश्य से सरकार अध्यादेश लाने का फैसला किया है। प्रस्तावित कानून के आने के बाद मकान मालिक और किरायेदारों के बीच अक्सर होने वाले विवाद पर जहां अंकुश लगेगा। वहीं किराया में मनमाने ढंग से की जाने वाली बढ़ोतरी को नियंत्रित किया जा सकेगा। यही नहीं, इस कानून के लागू होने के बाद इस बात की जानकारी भी आसानी से मिल पाएगी कि प्रदेश में कितने लोग किराये के मकान में रहते हैं और कितने लोग अपने घरों को किराये पर दे रखा है।
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