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Lucknow News: दोस्त को बचाने में होटल कर्मचारी डूबा
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सूरज
मलिहाबाद। रहीमाबाद के तरौना गांव में बृहस्पतिवार शाम बेहता नाले के तेज बहाव में बह रहे दोस्त रोहित को बचाने में होटल कर्मचारी सूरज (18) डूब गए। उधर, रोहित किसी तरह बचकर बाहर आ गए। एसडीआरएफ, गोताखोर और पुलिस सूरज को देर रात तक खोजते रहे पर कुछ पता नहीं लगा।
एसीपी मलिहाबाद ज्ञानेंद्र सिंह ने बताया कि तरौना गांव निवासी सूरज बंगलूरू के होटल में काम करते थे। दस दिन पहले वह छुट्टी लेकर गांव आए थे। बृहस्पतिवार शाम पांच बजे गांव के रोहित बेहता नाले के पास भैंस चरा रहे थे। इस बीच नाले में उतरी भैंस जलकुंभी में फंस गई। रोहित ने मदद के लिए सूरज, नीरज और पिंटू को कॉल करके बुलाया। तीनों ने नाले के किनारे लगे खंभे में रस्सा बांधा और रोहित उसका दूसरा सिरा पकड़कर नाले में कूद गए।
रोहित भैंस को रस्सा बांध रहे थे कि तभी हाथ छूटने से तेज बहाव में डूबने लगे। रोहित को डूबता देख सूरज ने रस्सा पकड़कर नाले में छलांग लगा दी। हालांकि, तैरना न आने से वह बह गए। उधर, रोहित नाले से बाहर आ गए।
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नीरज और पिंटू ने सूरज के घरवालों को घटना की जानकारी दी। उनकी मां दुलारी, भाई राज, बहन सीता, गीता और मोना मौके पर पहुंचीं। एसीपी मलिहाबाद ने गोताखोरों और एसडीआरएफ को बुलाकर सर्च ऑपरेशन शुरू कराया। हालांकि, देर रात तक सूरज का कुछ पता नहीं चल सका। एसीपी मलिहाबाद ने बताया कि शुक्रवार सुबह एक बार फिर तलाश शुरू की जाएगी।
सड़क जाम करने की कोशिश
घटना से गुस्साए सूरज के घरवालों और ग्रामीणों ने सड़क जाम करने की कोशिश की। एसीपी मलिहाबाद ने उन्हें समझाकर मामला शांत कराया।
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एसीपी मलिहाबाद ज्ञानेंद्र सिंह ने बताया कि तरौना गांव निवासी सूरज बंगलूरू के होटल में काम करते थे। दस दिन पहले वह छुट्टी लेकर गांव आए थे। बृहस्पतिवार शाम पांच बजे गांव के रोहित बेहता नाले के पास भैंस चरा रहे थे। इस बीच नाले में उतरी भैंस जलकुंभी में फंस गई। रोहित ने मदद के लिए सूरज, नीरज और पिंटू को कॉल करके बुलाया। तीनों ने नाले के किनारे लगे खंभे में रस्सा बांधा और रोहित उसका दूसरा सिरा पकड़कर नाले में कूद गए।
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रोहित भैंस को रस्सा बांध रहे थे कि तभी हाथ छूटने से तेज बहाव में डूबने लगे। रोहित को डूबता देख सूरज ने रस्सा पकड़कर नाले में छलांग लगा दी। हालांकि, तैरना न आने से वह बह गए। उधर, रोहित नाले से बाहर आ गए।
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नीरज और पिंटू ने सूरज के घरवालों को घटना की जानकारी दी। उनकी मां दुलारी, भाई राज, बहन सीता, गीता और मोना मौके पर पहुंचीं। एसीपी मलिहाबाद ने गोताखोरों और एसडीआरएफ को बुलाकर सर्च ऑपरेशन शुरू कराया। हालांकि, देर रात तक सूरज का कुछ पता नहीं चल सका। एसीपी मलिहाबाद ने बताया कि शुक्रवार सुबह एक बार फिर तलाश शुरू की जाएगी।
सड़क जाम करने की कोशिश
घटना से गुस्साए सूरज के घरवालों और ग्रामीणों ने सड़क जाम करने की कोशिश की। एसीपी मलिहाबाद ने उन्हें समझाकर मामला शांत कराया।