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Lucknow News: तीन दिन की छुट्टी बाद खुले अस्पताल, उमड़ी भीड़

Tue, 19 Aug 2025 02:28 AM IST
Lucknow Bureau लखनऊ ब्यूरो
Updated Tue, 19 Aug 2025 02:28 AM IST
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Hospitals opened after three days holiday, crowd gathered
केजीएमयू में भीड़।
लखनऊ। तीन दिन की छुट्टी के बाद सोमवार को राजधानी के बड़े अस्पतालों में मरीजों का भीड़ उमड़ पड़ी। ओपीडी में सुबह से लंबी कतारें लगी रहीं और इलाज के लिए मरीजों को घंटों इंतजार करना पड़ा। हालत ये रही कि बढ़ती भीड़ और अव्यवस्था से अस्पताल परिसरों में जाम की स्थिति भी बन गई। कई जगह एंबुलेंस तक फंस गईं, जिससे मरीजों और तीमारदारों की परेशानी और बढ़ गई।
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बलरामपुर अस्पताल से लेकर सिविल, लोकबंधु, लोहिया और केजीएमयू तक सोमवार को हालात बिगड़ गए। अकेले बलरामपुर अस्पताल में पांच हजार से अधिक मरीज पहुंचे, वहीं सिविल में 3500 और लोकबंधु में तीन हजार से ज्यादा मरीजों का इलाज हुआ। लोहिया में 900 से ज्यादा मरीज आए। ठाकुरगंज टीबी, आरएलबी, बीआरडी महानगर सहित छोटे अस्पतालों में भीड़ सामान्य से कई गुना ज्यादा रही। इलाज के लिए मरीजों को तीन से चार घंटे इंतजार करना पड़ा।
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अस्पताल प्रशासन का कहना है कि छुट्टियों के बाद एक साथ मरीजों के आने से दिक्कत हुई। ओपीडी और इमरजेंसी दोनों जगह भीड़ संभालना मुश्किल हो गया। फिलहाल पुलिस और सुरक्षाकर्मियों की मदद से हालात काबू में किए गए, लेकिन व्यवस्था को और दुरुस्त करने की योजना बनाई जा रही है।
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केजीएमयू की ओपीडी में पहुंचे साढ़े नाै हजार मरीज

किंग जाॅर्ज चिकित्सा विश्वविद्यालय की ओपीडी में सोमवार को करीब साढ़े नाै हजार मरीज पहुंचे। सामान्य रूप से संस्थान में करीब साढ़े छह से सात हजार मरीज ही आते हैं। स्वतंत्रता दिवस, जन्माष्टमी और रविवार की छुट्टी के बाद सोमवार को केजीएमयू में तीन दिन बाद ओपीडी खुली थी। इससे सुबह पांच बजे से ही मरीज और तीमारदारों ने ओपीडी के पंजीकरण के लिए लाइन लगानी शुरू कर दी थी। सुबह आठ बजते-बजते ओपीडी भवन से मुख्य गेट तक मरीज और उनके तीमारदारों की लंबी लाइन लग गई। इसके बाद पंजीकरण के लिए दोबारा लाइन लगानी पड़ी। लाइन लगाने का सिलसिला यहीं नहीं रुका। डाॅक्टर के कमरे के बाहर इंतजार करना हो या फिर जांच के लिए फीस रसीद कटवाना, मरीज और उनके तीमारदारों को हर जगह लाइन लगानी पड़ी। भीड़ इतनी ज्यादा थी कि धक्का-मुक्की की स्थिति पैदा हो गई। भीड़ देखकर गार्डों की भी हालत खराब हो गई। इस दाैरान सर्वर डाउन होने की वजह से मरीजों की दिक्कतें और भी बढ़ गईं। करीब 12 बजे डाउन हुआ सर्वर दोबारा साढ़े 12 बजे के करीब सामान्य हुआ। केजीएमयू प्रवक्ता प्रो. केके सिंह के मुताबिक सोमवार की ओपीडी में 9,464 मरीजों का पंजीकरण हुआ। शाम पांच बजे तक ओपीडी चलाकर सभी को परामर्श दिया गया।
लोहिया संस्थान पहुंचे 4200 मरीज

लोहिया संस्थान में भी मरीजों की संख्या बढ़ी रही। सामान्य रूप से यहां तीन हजार से 3200 मरीज देखे जाते हैं, लेकिन सोमवार को यह संख्या 4211 तक पहुंच गई। संस्थान के प्रवक्ता डॉ. भुवन चंद्र तिवारी ने बताया कि सभी मरीजों को इलाज मुहैया कराया गया। किसी भी मरीज को वापस नहीं लाैटना पड़ा।
बलरामपुर अस्पताल की इमरजेंसी तक लगा जाम
बलरामपुर अस्पताल की इमरजेंसी तक जाम लगा रहा। मेन गेट से सीएमओ ऑफिस तक वाहनों की लाइन लगी। कई एंबुलेंस घंटों फंसी रहीं, इससे मरीजों को अंदर तक पहुंचने में परेशानी हुई। गाड़ियों के रेंग-रेंगकर चलने से इमरजेंसी चोक हो गई। कई मरीज एंबुलेंस में पड़े तड़पते रहे। वजीरगंज के नफीस ने बताया कि वह अपने मरीज को लेकर बलरामपुर अस्पताल की इमरजेंसी ई रिक्शे से जा रहे थे। क्रिश्चियन काॅलेज चौराहे से अस्पताल की इमरजेंसी तक करीब 300 मीटर दूर तय करने में करीब पौन घंटे लग गए।

केजीएमयू कैंपस में भी वाहनों की लंबी कतारें
प्रदेश के सबसे बड़ा चिकित्सा संस्थान सोमवार को वाहनों की बाज से पूरी जाम हो गया। वाहनों की संख्या इतनी ज्यादा हो गई कि लोगों का पैदल निकलना भी मुश्किल हो गया। ऐसे में मरीज और तीमारदारों को काफी समस्या हुई। यहां रोजाना करीब सात हजार मरीज ओपीडी में आते हैं। सप्ताह का पहला दिन होनेसे सोमवार को यह संख्या और भी ज्यादा रहती है। स्वतंत्रता दिवस, जन्माष्टमी और रविवार की छुट्टी की वजह से तीन के बाद संस्थान खुला था। इसलिए ओपीडी में भीड़ कुछ ज्यादा ही थी। इसके चलते सोमवार को परिसर में वाहनों की लंबी कतार लग गई। काफी मशक्कत के बाद जाम छूटा। यह भी बताया जा रहा था कि कैंपस के बाहर मुख्य मार्ग पर जाम होने से लोग परिसर के भीतर होकर जाने लगे। उससे भी जाम की स्थिति बनी। केजीएमयू प्रवक्ता प्रो. केके सिंह का कहना था कि मरीजों की संख्या ज्यादा होने की वजह से ऐसी स्थिति बनी। इसे व्यवस्थित करने के लिए योजना बनाई जा रही है। जल्द ही इसके परिणाम नजर आएंगे।

केजीएमयू में भीड़।

केजीएमयू में भीड़।

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