फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Lucknow News ›   home minister rajnath singh spoke about indian politics in lucknow

भगवान राम ने राज्य के लिए तो कृष्ण ने धर्म की जीत के लिए की राजनीति : राजनाथ सिंह

Sun, 29 Apr 2018 02:02 AM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ Updated Sun, 29 Apr 2018 02:02 AM IST
विज्ञापन
home minister rajnath singh spoke about indian politics in lucknow
लखनऊ में एक कार्यक्रम को संबोधित करते गृहमंत्री राजनाथ सिंह। - फोटो : amar ujala
गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने कहा है कि आजादी से पहले भी राजनीति होती थी। भगवान राम, श्रीकृष्ण, चंद्रशेखर आजाद, भगत सिंह, गांधी और सुभाष चंद्र बोस ने भी राजनीति की थी। उनकी राजनीति में अंतर चरित्र का और मूल्यों के प्रति समर्पण का था। राम ने राम राज्य के लिए राजनीति की। श्रीकृष्ण ने धर्म की विजय के लिए राजनीति की।
विज्ञापन


राजनीति राम के हाथ में गई तो भक्ति हो गई, कृष्ण के पास युक्ति, गांधी-सुभाष के हाथ में शक्ति, आजाद और अशफाक के हाथ में मुक्ति का माध्यम बनी। अगर भ्रष्ट नेता के हाथ में गई तो संपत्ति और अराजक तत्वों के हाथ में विपत्ति बन जाती है। राजनीति जैसे हाथों में जाएगी वैसी बन जाएगी।
विज्ञापन


अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) द्वारा इंस्टीट्यूट ऑफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी (आईईटी) में '21वीं सदी के भारत के विकास में युवाओं की भूमिका विषयक संगोष्ठी में उन्होंने कहा कि आज राजनीति के प्रति धारणा बदली है।
विज्ञापन
विज्ञापन


अब उसे झूठ, धोखा देने वाली, पीठ में चाकू मारने वाली, पैर खींचने वाली ही माना जाता है लेकिन ऐसा नहीं है। उन्होंने कहा कि सही राजनीति, व्यवस्था को सही मार्ग पर ले जाती है। मैं युवाओं का आह्वान करता हूं कि वो देश को सही मार्ग पर ले जाने वाली राजनीति को पुन: स्थापित करेंगे।

उन्होंने कहा कि नौजवान को सिर्फ रोजगार और विकास तक ही नहीं सीमित रहना चाहिए। उसे सिर्फ रोजगार का उपकरण नहीं बनना चाहिए। उसकी राष्ट्र निर्माण में एक महत्वपूर्ण भूमिका होनी चाहिए।

संस्कृति-परंपरा को आगे बढ़ाने का काम करें नौजवान

राजनाथ सिंह ने देश के पहले यूथ आइकन स्वामी विवेकानंद का उल्लेख करते हुए कहा कि इस देश की सर्वाधिक जनसंख्या लगभग 80-85 करोड़ युवाओं की है। नौजवान चरित्र, मूल्यों को और संस्कृति-परंपरा को आगे बढ़ाने का भी काम करें। तभी भारत दोबारा विश्व गुरू बनेगा। राजनाथ सिंह ने कहा कि अटल जी के समय जीडीपी 3.5 से बढ़कर 8.4 तक पहुंची थी।


भारत आज भी देश की सबसे तेजी से बढ़ती हुई अर्थव्यवस्था है। युवा इस विकास के संवाहक बनें। युवा सिर्फ रोजगार तक सीमित न रहें। उन्हें अपने अंदर ज्ञान, शील, एकता का भी समावेश करना होगा। हमें राष्ट्रीय मूल्यों के प्रति प्रतिबद्ध होना होगा। इस अवसर पर उन्होंने एकेटीयू कुलपति प्रो. विनय कुमार पाठक के प्रस्ताव पर आईईटी सभागार (जिसमें कार्यक्रम हो रहा था) का नामकरण राम प्रसाद बिस्मिल के नाम पर किया।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed