तीन साल में नक्सलवाद को पूरी तरह खत्म कर देंगे: राजनाथ सिंह
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सेंट्रल रिजर्व पुलिस फोर्स (सीआरपीएफ) ने नक्सलवाद, माओवाद और आतंकवाद पर काफी हद तक नियंत्रण कर लिया गया। अगले दो से तीन सालों में नक्सलियों को पूरी तरह खत्म कर देंगे। ये बातें रविवार को केंद्रीय गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने यहां रैपिड एक्शन फोर्स के 26वें स्थापना दिवस के मौके पर कही।
गृह मंत्री ने कहा कि पहले नक्सली व माओवादी हमारे सुरक्षाकर्मियों को मार गिराते थे, लेकिन आज स्थिति पूरी तरह से पलट चुकी है। जहां देश के 126 जिले नक्सलवाद व माओवाद से प्रभावित थे, आज यह महज 10 से 12 जिलों में सिमट गया है। सीआरपीएफ और विभिन्न राज्यों की पुलिस ने इसे न सिर्फ खत्म करने का बीड़ा उठाया है, बल्कि नक्सलवाद से प्रभावित क्षेत्रों के विकास में भी मदद कर रहे हैं।
कश्मीर हमारा था, हमारा है और हमारा ही रहेगा
राजनाथ सिंह ने कहा कि कश्मीर में जिस साहस, धैर्य व सूझबूझ से सीआरपीएफ के जवानों ने काम किया है, वह सराहनीय है। कश्मीर हमारा था, हमारा है और हमारा ही रहेगा। दुनिया की कोई ताकत हमसे कश्मीर नहीं छीन सकती है। वहां के कुछ युवा अगर किसी के बहकावे में आकर कोई ऐसी हरकत करते हैं, जो उन्हें नहीं करनी चाहिए तो हम उन्हें सही रास्ते पर लाने का काम कर रहे हैं।
'नौ-नौ गोलियां लगने के बाद भी लड़ता रहे, ऐसा सिर्फ सीआरपीएफ जवान कर सकता है'
गृहमंत्री ने सीआरपीएफ के जवान प्रमोद कुमार की शहादत का जिक्र किया। कहा, कुमार ने बड़ी ही बहादुरी के साथ आतंकियों का सामना किया था। उन्होंने एक अन्य जवान का जिक्र करते हुए कहा कि ऐसा सिर्फ सीआरपीएफ में ही देखा गया है कि किसी जवान को नौ-नौ गोलियां लगी हों, उसके बाद भी वह लड़ता रहा और जिंदा हो। सीआरपीएफ ने देश की जनता में भरोसा और विश्वास पैदा किया है।
फोर्स को रैपिड होना चाहिए, रैकलेस नहीं
गृहमंत्री ने कहा कि रैपिड एक्शन फोर्स (आरएएफ) के जवान रैपिड एक्शन के लिए जाने जाते हैं। ये जवान कम से कम संसाधन का प्रयोग करते हुए अधिकाधिक रिजल्ट देते हैं। उन्होंने रैपिड एक्शन का मतलब कभी भी रैकलेस (लापरवाही वाला) एक्शन नहीं हो सकता है। उन्होंने बताया कि आरएएफ की पांच नई बटालियन का गठन किया गया है। इसके अलावा देहरादून में आरएएफ रेंज मुख्यालय और मेरठ में अस्थाई रूप से आरएएफ एकेडमी फॉर पब्लिक आर्डर की भी स्वीकृति दे दी गई है।
9 माह में मारे 131 नक्सली और आतंकी
सीआरपीएफ ने इस वर्ष जनवरी से 20 सितंबर के बीच 131 नक्सलियों व आतंकवादियों को मारने में सफलता हासिल की है। इसके अलावा 1278 जिंदा भी पकड़े हैं। जबकि 58 आतंकियों व नक्सलियों ने सीआरपीएफ के सामने आत्मसमर्पण किया। इनसे भारी मात्रा में हथियार, गोला, बारूद और विस्फोटक सामग्री बरामद की गई है।