{"_id":"769e2c6cfb8fbb430f8fa0d5069cbb43","slug":"hightension-taken-life-hindi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"11 हजार वोल्ट के करंट में झुलस गए दो मजदूर","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
11 हजार वोल्ट के करंट में झुलस गए दो मजदूर
नरेश शर्मा/अमर उजाला ब्यूरो, लखनऊ
Updated Tue, 26 Aug 2014 04:14 PM IST
विज्ञापन
तेलीबाग स्थित सैनिक कॉलोनी में सोमवार सुबह हाइटेंशन लाइन के 11 हजार वोल्ट के करंट की चपेट में आकर दो मजदूरों की मौत हो गई जबकि दो मजदूर झुलस गए।
विज्ञापन
हालांकि हादसे में गंभीर रूप से घायल दो मजदूरों को अगर समय पर उपचार मिल जाता तो उनकी जिंदगी बच जाती।
ट्रॉमा में झुलसे मजदूरों को इलाज के बाद छुट्टी दे दी गई। सैनिक कॉलोनी बल्देव विहार में सुबह आठ बजे सेवानिवृत्त फौजी जगजीवन प्रसाद तिवारी के मकान में यह हादसा उस वक्त हुआ जब सबमर्सिबल में लगी पाइप को जमीन के भीतर से निकाला जा रहा था।
विज्ञापन
फौजी के घर में सबमर्सिबल लगाने का ठेका अरविंद यादव ने लिया था। चार मजदूर सूरज पाल (37), विजय शंकर उर्फ बाबू पाल (30), अरवेश व राम प्रसाद काम कर रहे थे।
विज्ञापन
मजदूर जमीन से पाइप निकाल रहे थे तभी के पास से गुजर रही ओवरहेड 11 हजार वोल्ट की लाइन के चपेट में आ गए।
तेज धमाके के साथ अवधेश व राम प्रसाद दूर जा कर गिरे जबकि पानी से भीगे होने के कारण सूरज पाल और बाबू पाल पाइप के जरिए करंट की चपेट में आ गए। इस हादसे के बाद शोर शराब के बाद अफरातफरी मच गई। फौजी के परिवार के लोग पहुंचे तो लकड़ी से दोनों को छुड़ाया।
चारों मजदूरों को आनन-फानन में निजी अस्पताल ले जाया गया लेकिन उन्हें उपचार नहीं मिला। इसके बाद ट्रॉमा सेंटर में भर्ती कराया गया जहां डॉक्टरों ने सूरज पाल व बाबू को मृत घोषित कर दिया। जबकि अरवेश व राम प्रसाद का निजी अस्पताल में उपचार चल रहा है।
हादसे की वजह
फौजी के घर में सबमर्सिबल लगाने का काम रविवार शाम से शुरू हुआ था। ठेकेदार के मजदूर रात भर जाग कर बोरिंग कर रहे थे। माना जा रहा कि बोरिंग से पाइप निकालने के दौरान किसी मजदूर को झपकी आ गई। इससे लोहे की पाइप तिरछी होकर पास से गुजरी हाईटेंशन लाइन के संपर्क में आ गई जिससे यह हादसा हो गया।
तीन माह में मांग सूनी
हादसे में मरने वाले बाबू पाल की तीन महीने पहले ही शादी हुई थी। हादसे की सूचना पाकर परिवारीजन आनन-फानन में अस्पताल पहुंचे। बाबू के भाई रवींद्र ने बताया कि ठेकेदार अरविंद यादव काम कराने के लिए ले गया था लेकिन उसने कोई मदद नहीं की। वहीं सूरज पाल की मौत से उसके पांच बच्चे अनाथ हो गए।