{"_id":"6659950bf451c7bf91081ddb","slug":"highcourt-asks-questions-for-help-of-lawyers-2024-05-31","type":"story","status":"publish","title_hn":"Highcourt: क्या सरकारी वकीलों को दुर्घटना में तत्काल आर्थिक मदद देने को कोई कोष है, हाईकोर्ट का सरकार से सवाल","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Highcourt: क्या सरकारी वकीलों को दुर्घटना में तत्काल आर्थिक मदद देने को कोई कोष है, हाईकोर्ट का सरकार से सवाल
Fri, 31 May 2024 02:44 PM IST
ishwar ashish
संवाद न्यूज एजेंसी, लखनऊ
संवाद न्यूज एजेंसी, लखनऊ
Published by: ishwar ashish
Updated Fri, 31 May 2024 02:44 PM IST
सार
हाईकोर्ट ने राज्य सरकार से कहा कि कोष होने पर दुर्घटना का शिकार हुए सरकारी वकील को इलाज के लिए आर्थिक मदद मुहैया कराएं।
विज्ञापन
- फोटो : ANI
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
हाईकोर्ट की लखनऊ पीठ ने बृहस्पतिवार को एक सरकारी वकील के दुर्घटना का शिकार होने के मामले में राज्य सरकार से पूछा है कि क्या सरकारी वकीलों को दुर्घटना में तत्काल आर्थिक मदद देने को कोई कोष है? कोर्ट ने सरकार से कहा कि अगर ऐसा कोई कोष है तो दुर्घटना का शिकार हुए सरकारी वकील को इलाज के लिए सरकार आर्थिक मदद मुहैया कराए।
विज्ञापन
न्यायमूर्ति राजन रॉय और ओम प्रकाश शुक्ल की खंडपीठ ने यह आदेश अधिवक्ता हरि प्रसाद गुप्ता की जनहित याचिका पर दिया। याची ने कोर्ट को बताया कि लखनऊ पीठ में राज्य विधि अधिकारी नीरज चौरसिया दो दिन पहले सड़क दुर्घटना में गंभीर रूप से चोटिल हो गए हैं। उनका इलाज स्थानीय सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल के न्यूरोसर्जरी विभाग में चल रहा है।
विज्ञापन
ये भी पढ़ें - यूपी में गर्मी से हाहाकार: पारा बना रहा नए रिकॉर्ड... नौतपा के छठे दिन 166 की मौत; जानें कब से मिलेगी राहत
विज्ञापन
ये भी पढ़ें - यूट्यूब पर खोजा नाइट्रोजन से आत्महत्या का तरीका... सुसाइड नोट में सिद्धार्थ ने दो और तरीकों का किया जिक्र
मौजूदा समय में वह बेहोश हैं। इलाज में 50 हजार रोजाना का खर्च आ रहा है, जिसे परिजन पूरा करने की हालत में नहीं हैं। सिर्फ बार एसोसिएशन ने एक लाख रुपये की मदद की है। ऐसे में चोटिल सरकारी अधिवक्ता को समुचित इलाज को आर्थिक सहायता दिलाए जाने का आग्रह किया।
इस पर कोर्ट ने सुनवाई के दौरान मौजूद सरकारी अधिवक्ता को इस आदेश से राज्य सरकार के संबंधित अफसरों को अवगत कराने का निर्देश दिया। साथ ही आदेश की जानकारी महाधिवक्ता को देने को कहा। कोर्ट ने यह भी पूछा है कि क्या हाईकोर्ट समेत अन्य जगह कार्यरत सरकारी वकीलों के लिए कोई बीमा योजना है।