यूपी: हाईपावर मीटिंग के बाद मुलायम ने दिए संकेत, ले सकते हैं बड़ा फैसला
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लखनऊ में विक्रमादित्य मार्ग पर स्थित अपने आवास पर हाईपावर मीटिंग के बाद सपा सुप्रीमो मुलायम सिंह यादव रात सवा आठ बजे कई नेताओं के साथ बाहर निकले।
मीडिया से अनौपचारिक बातचीत में उन्होंने कहा कि वह आज कुछ नहीं बोलेंगे, जो भी कहना है वो कल कहेंगे। इसके बाद उम्मीद की जा रही है कि पार्टी के मौजूदा विवाद को लेकर वह कल कोई बड़ा फैसला कर सकते हैं।
आज रविवार को सुबह 5 कालिदास मार्ग स्थित अपने आवास पर बैठक करते हुए मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने शिवपाल यादव समेत चार मंत्रियों को बर्खास्त कर दिया था, जिसके बाद पूरे दिन राजनीतिक हलचल मची रही।
जिसके बाद शिवपाल ने प्रेस कांफ्रेंस करते हुए कहा था कि वो नेताजी के नेतृत्व में चुनाव में जाएंगे। वहीं, पार्टी में भाजपा के इशारे पर षडयंत्र करने के आरोप में रामगोपाल यादव को राष्ट्रीय प्रवक्ता व पार्टी महासचिव के पद से हटाने के अलावा पार्टी से छह साल के लिए निष्कासित कर दिया गया था।
वरिष्ठ नेताओं से दुख साझा किया था
सपा में चल रही उठापटक पर मुलायम किस कदर पीड़ित हैं इसका अंदाजा उनके बयान से ही लगाया जा सकता है। शनिवार को वरिष्ठ नेताओं के साथ हुई बैठक में उनकी पीड़ा छलक उठी। वे भावुक भी हुए और गुस्से में भी दिखे।
कहा, पार्टी के लिए क्या-क्या नहीं, अब जो बर्ताव हो रहा है, उस पर दुख होता है। जिस पार्टी को खून-पसीने से सींचा, उसे ही बचाने के लिए जूझना पड़ रहा है।
विक्रमादित्य मार्ग स्थित आवास पर शनिवार को उनसे बातचीत के लिए उनके पुराने साथी और बुजुर्ग नेता बेनी प्रसाद वर्मा, रेवती रमण सिंह, किरनमय नंदा, विधानसभा अध्यक्ष माता प्रसाद पांडेय और नरेश अग्रवाल पहुंचे थे। दो-ढाई घंटे की बातचीत में नई-पुरानी तमाम बातें हुईं। नेताजी की पीड़ा इन शब्दों के रूप में बाहर आई।
कहा, आप लोग जानते हो, कितनी मेहनत से पार्टी खड़ी की है। उन्होंने किरनमय नंदा से भी हल्की नाराजगी जताई, हालांकि नंदा की सफाई से वे संतुष्ट हो गए थे। मुलायम के आवास पर रविवार शाम को हुई आपात बैठक के बाद उम्मीद की जा रही है कि वह सोमवार को कोई बड़ा फैसला कर सकते हैं।
कम नहीं अखिलेश का दर्द भी...
उधर, मुख्यमंत्री अखिलेश यादव का भी दर्द कम नहीं है। शनिवार को पार्टी नेताओं व कार्यकर्ताओं के साथ की गई बैठक में उन्होंने पार्टी के मौजूद हालात पर अपनी चिंता साझा की थी।
उन्होंने कहा- मैंने ईमानदारी से काम किया है, नेताजी ने जो कहा, वही किया। हमेशा संतुलन बनाकर काम किया। मेरे साथ कौन न्याय करेगा? साढ़े चार साल मेहनत की, पार्टी के पक्ष में माहौल था, अब क्या स्थिति है, आप लोगों के सामने है। सारी कोशिशों, सारे विकास पर चंद लोगों ने पानी फेर दिया।
उन्होंने कहा, हम नंबर एक पर चल रहे थे लेकिन लगातार चल रहे विवादों की वजह से पार्टी कहां से कहां पहुंच गई।