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रिटायरमेंट के दो साल बाद भी भुगतान न होने पर हाईकोर्ट सख्त, दिए ये निर्देश
Mon, 13 May 2019 10:11 PM IST
Amulya Rastogi
न्यूज डेस्क, अमर उजाला लखनऊ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला लखनऊ
Published by: Amulya Rastogi
Updated Mon, 13 May 2019 10:11 PM IST
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Lucknow High Court
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यूपी कोऑपरेटिव शुगर मिल फेडरेशन के एक अभियंता के रिटायर होने के दो साल बाद भी देयों के भुगतान में आनाकानी पर हाईकोर्ट की लखनऊ पीठ ने नाराजगी जताई है। अदालत ने तीन महीने में ब्याज समेत पूरा भुगतान करने के निर्देश दिए हैं। न्यायमूर्ति राजेश सिंह चौहान ने यह आदेश माधव पाल की याचिका पर दिए।
याची के अधिवक्ता राजीव कुमार त्रिपाठी ने अदालत को बताया कि याची 30 अप्रैल 2017 को यूपी कोऑपरेटिव शुगर मिल फेडरेशन में सहायक अभियंता पद से सेवानिवृत्त हुआ। याची के खिलाफ न कोई जांच लंबित है और न ही किसी तरह की विभागीय कार्यवाही।
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याची के अधिवक्ता राजीव कुमार त्रिपाठी ने अदालत को बताया कि याची 30 अप्रैल 2017 को यूपी कोऑपरेटिव शुगर मिल फेडरेशन में सहायक अभियंता पद से सेवानिवृत्त हुआ। याची के खिलाफ न कोई जांच लंबित है और न ही किसी तरह की विभागीय कार्यवाही।
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ऐसे में याची को उसकी सेवानिवृत्ति के साथ ही उसे देय लाभों का भुगतान कर दिया जाना चाहिए था। याची ने समय-समय पर सभी संबंधित अधिकारियों से संपर्क किया, लेकिन देयों के भुगतान को लेकर अभी तक कोई कार्यवाही नहीं की गई है।
उधर, फेडरेशन की तरफ से दलील दी गई कि फेडरेशन इस समय वित्तीय संकट से जूझ रहा है। हरसंभव कोशिश हो रही है कि कर्मचारियों के देयों का यथाशीघ्र भुगतान कर दिया जाए। पक्षकारों की दलीलें सुनने के बाद अदालत ने कहा कि फेडरेशन तीन माह में याची के देयों का ब्याज समेत भुगतान सुनिश्चित करे।
उधर, फेडरेशन की तरफ से दलील दी गई कि फेडरेशन इस समय वित्तीय संकट से जूझ रहा है। हरसंभव कोशिश हो रही है कि कर्मचारियों के देयों का यथाशीघ्र भुगतान कर दिया जाए। पक्षकारों की दलीलें सुनने के बाद अदालत ने कहा कि फेडरेशन तीन माह में याची के देयों का ब्याज समेत भुगतान सुनिश्चित करे।