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हाईकोर्ट ने कहा- पुलिस भर्ती बोर्ड अध्यक्ष ने जान बूझकर की आदेशों की अनदेखी, अब दें जवाब
Tue, 07 May 2019 11:05 PM IST
Amulya Rastogi
न्यूज डेस्क, अमर उजाला लखनऊ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला लखनऊ
Published by: Amulya Rastogi
Updated Tue, 07 May 2019 11:05 PM IST
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Lucknow High Court
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इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच ने सिपाही भर्ती में एक अभ्यर्थी की शारीरिक माप को कम बताए जाने के मामले में दोबारा उसकी जांच कराने के निर्देशों का पालन नहीं किए जाने पर पुलिस भर्ती बोर्ड से स्पष्टीकरण मांगा है। न्यायमूर्ति चंद्रधारी सिंह ने नाराजगी जताते हुए कहा कि इस मामले में जान-बूझकर अदालत के आदेशों की अवहेलना की गई है।
बता दें, याची लोकेंद्र सिंह ने सिपाही भर्ती 2015 में आवेदन किया था। बोर्ड ने उसकी लंबाई 167.5 सेमी नापी और उसका चयन नहीं हो पाया। इस पर याची ने बोर्ड को 10 जनवरी व 18 जनवरी 2019 को प्रत्यावेदन देते हुए कहा कि अलीगढ़ के जिलाधिकारी को 29 सितंबर 2018 को दी गई दरख्वास्त पर जिले के सीएमओ ने उसकी शारीरिक माप की थी।
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बता दें, याची लोकेंद्र सिंह ने सिपाही भर्ती 2015 में आवेदन किया था। बोर्ड ने उसकी लंबाई 167.5 सेमी नापी और उसका चयन नहीं हो पाया। इस पर याची ने बोर्ड को 10 जनवरी व 18 जनवरी 2019 को प्रत्यावेदन देते हुए कहा कि अलीगढ़ के जिलाधिकारी को 29 सितंबर 2018 को दी गई दरख्वास्त पर जिले के सीएमओ ने उसकी शारीरिक माप की थी।
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इस माप में उसकी लंबाई 168.3 सेमी घोषित की गई थी। इसके आधार पर याची ने चयन का आग्रह किया था। बोर्ड ने इस पर कोई विचार नहीं किया तो अदालत में मामला दायर किया गया।
रिट कोर्ट ने 25 फरवरी 2019 को आदेश दिए थे कि बोर्ड दस दिन में कंप्यूटरीकृत प्रणाली से सीएमओ की मौजूदगी में याची की जांच करे और मानक के अनुरूप कद पाए जाने पर उसके चयन का विचार करे। इसके बावजूद बोर्ड ने कोई कदम नहीं उठाया। हाईकोर्ट ने इसी मामले में पुलिस भर्ती बोर्ड के अध्यक्ष को नोटिस जारी किया है।
रिट कोर्ट ने 25 फरवरी 2019 को आदेश दिए थे कि बोर्ड दस दिन में कंप्यूटरीकृत प्रणाली से सीएमओ की मौजूदगी में याची की जांच करे और मानक के अनुरूप कद पाए जाने पर उसके चयन का विचार करे। इसके बावजूद बोर्ड ने कोई कदम नहीं उठाया। हाईकोर्ट ने इसी मामले में पुलिस भर्ती बोर्ड के अध्यक्ष को नोटिस जारी किया है।
स्थानांतरण के एक मामले में कोर्ट के आदेशों की अनदेखी किए जाने पर हाईकोर्ट ने प्राथमिक शिक्षा बोर्ड के सचिव रूबी सिंह को अवमानना का नोटिस जारी किया है। याची सहायक अध्यापिका सूफिया यास्मीन ने बोर्ड से उसका स्थानांतरण सीतापुर जिले करने का अनुरोध किया था।
इसमें तर्क दिया था कि उसके पति सीतापुर में आबकारी विभाग में तैनात हैं। इस मामले में रिट कोर्ट ने 21 दिसंबर 2018 को प्राथमिक शिक्षा बोर्ड को छह सप्ताह में निर्णय लेने का आदेश दिया था। पर बोर्ड ने इन आदेशों पर कोई अमल नहीं किया है। इसलिए हाईकोर्ट ने अवमानना का नोटिस जारी किया है।
इसमें तर्क दिया था कि उसके पति सीतापुर में आबकारी विभाग में तैनात हैं। इस मामले में रिट कोर्ट ने 21 दिसंबर 2018 को प्राथमिक शिक्षा बोर्ड को छह सप्ताह में निर्णय लेने का आदेश दिया था। पर बोर्ड ने इन आदेशों पर कोई अमल नहीं किया है। इसलिए हाईकोर्ट ने अवमानना का नोटिस जारी किया है।