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16448 सहायक अध्यापक भर्ती मामले में 43 शिक्षकों की बर्खास्तगी के बाद खाली पदों पर भर्ती के आदेश
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, इलाहाबाद
Updated Tue, 18 Sep 2018 12:52 PM IST
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- फोटो : demo pic
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इलाहाबाद हाईकोर्ट ने 16448 सहायक अध्यापक भर्ती के मामले में बीएसए सिद्धार्थनगर को निर्देश दिया है कि वह सेवा से बर्खास्त किए गए 43 शिक्षकों की बर्खास्तगी के बाद रिक्त हुए पदों पर याचीगण की नियुक्ति पर विचार कर निर्णय लें। अजय यादव और दो अन्य की याचिका पर न्यायमूर्ति डीके सिंह ने सुनवाई की।
याचीगण के अधिवक्ता सीमांत सिंह का कहना था कि सिद्धार्थनगर में सहायक अध्यापक के 618 पदों का विज्ञापन हुआ था। नियुक्ति प्रक्रिया पूरी होने के बाद कुछ लोगों की नियुक्ति फर्जी दस्तावेजों पर किए जाने की शिकायत की गई। डीएम ने इसकी जांच सीडीओ को सौंपी। जांच में 43 नियुक्तियां फर्जी पाई गईं। इनको सेवा से बर्खास्त कर दिया गया। बर्खास्तगी के खिलाफ उनकी याचिका भी हाईकोर्ट ने खारिज कर दी है।
याचीगण का कहना था कि जो चयनित बर्खास्त किए गए हैं यदि उनका चयन न होता तो वे मेरिट में होते और चयनित हो गए होते इसलिए अब पद रिक्त होने पर उनको नियुक्ति दी जाए। कोर्ट ने बीएसए से कहा है कि बर्खास्त अभ्यर्थियों के खिलाफ यदि जांच आदि की कार्रवाई अंतिम रूप से पूरी हो गई है तो तीन माह में याचीगण की नियुक्ति पर विचार किया जाए।
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याचीगण के अधिवक्ता सीमांत सिंह का कहना था कि सिद्धार्थनगर में सहायक अध्यापक के 618 पदों का विज्ञापन हुआ था। नियुक्ति प्रक्रिया पूरी होने के बाद कुछ लोगों की नियुक्ति फर्जी दस्तावेजों पर किए जाने की शिकायत की गई। डीएम ने इसकी जांच सीडीओ को सौंपी। जांच में 43 नियुक्तियां फर्जी पाई गईं। इनको सेवा से बर्खास्त कर दिया गया। बर्खास्तगी के खिलाफ उनकी याचिका भी हाईकोर्ट ने खारिज कर दी है।
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याचीगण का कहना था कि जो चयनित बर्खास्त किए गए हैं यदि उनका चयन न होता तो वे मेरिट में होते और चयनित हो गए होते इसलिए अब पद रिक्त होने पर उनको नियुक्ति दी जाए। कोर्ट ने बीएसए से कहा है कि बर्खास्त अभ्यर्थियों के खिलाफ यदि जांच आदि की कार्रवाई अंतिम रूप से पूरी हो गई है तो तीन माह में याचीगण की नियुक्ति पर विचार किया जाए।
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