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नीट पर याचिका मामले में हाईकोर्ट ने एनटीए को जवाब का दिया समय
Fri, 27 Nov 2020 12:03 AM IST
पंकज श्रीवास्तव
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
Published by: पंकज श्रीवास्तव
Updated Fri, 27 Nov 2020 12:03 AM IST
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लखनऊ हाईकोर्ट
हाईकोर्ट की लखनऊ पीठ ने एनईईटी (नीट) - 2020 में प्रश्नपत्र सीरीज जी-4 की उत्तर पुस्तिका के उतरों को चुनौती देने वाली याचिका पर परीक्षा कराने वाली राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (एनटीए) के वकील को जवाबी हलफ़नामा दाखिल करने को 10 दिन का समय दिया है। मामले में पहले कोर्ट ने एनटीए को नोटिस जारी किया था। जिसपर एनटीए की ओर से पेश अधिवक्ता ने जवाबी हलफ़नामा दाखिल करने को 10 दिन का समय दिए जाने का आग्रह किया जिसे कोर्ट ने मंजूर करते हुए अगली सुनवाई 4 दिसंबर को नियत किया है।
न्यायमूर्ति रजनीश कुमार ने यह आदेश सालिहा खान व अन्य अभ्यर्थियों की याचिका पर दिया। याचियों का आरोप था कि उन्होनें दो प्रश्नों को लेकर अपनी आपतियां भेजीं, लेकिन इन पर कोई जवाब दिए बिना ही गत 16 अक्टूबर को नीट का परिणाम घोषित कर दिया गया।
याचियों का कहना था कि प्रश्नपत्र सीरीज जी-4 के प्रश्न संख्या 19 और 148 के उतरों पर उन्हें आपति थी, जिनका निस्तारण किए बगैर परिणाम घोषित किया जाना अनुचित और मनमाना है। उधर, एनटीए के अधिवक्ता का कहना था कि उत्तर कुन्जी के खिलाफ दिए गए याची के प्रत्यावेदन पर विषय के विशेषज्ञों द्वारा गौर किए जाने के बाद इसके आधार पर उत्तर पुस्तिकाओं का मूल्यांकन किया गया था।
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न्यायमूर्ति रजनीश कुमार ने यह आदेश सालिहा खान व अन्य अभ्यर्थियों की याचिका पर दिया। याचियों का आरोप था कि उन्होनें दो प्रश्नों को लेकर अपनी आपतियां भेजीं, लेकिन इन पर कोई जवाब दिए बिना ही गत 16 अक्टूबर को नीट का परिणाम घोषित कर दिया गया।
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याचियों का कहना था कि प्रश्नपत्र सीरीज जी-4 के प्रश्न संख्या 19 और 148 के उतरों पर उन्हें आपति थी, जिनका निस्तारण किए बगैर परिणाम घोषित किया जाना अनुचित और मनमाना है। उधर, एनटीए के अधिवक्ता का कहना था कि उत्तर कुन्जी के खिलाफ दिए गए याची के प्रत्यावेदन पर विषय के विशेषज्ञों द्वारा गौर किए जाने के बाद इसके आधार पर उत्तर पुस्तिकाओं का मूल्यांकन किया गया था।
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