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हाईकोर्ट ने कुंभ के दौरान बंद की गई टेनरियों को दी सशर्त चलाने की इजाजत
Fri, 28 Dec 2018 09:39 PM IST
दुष्यंत शर्मा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
Published by: दुष्यंत शर्मा
Updated Fri, 28 Dec 2018 09:39 PM IST
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इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ खंडपीठ
इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच ने प्रयागराज में होने वाले कुंभ के मद्देनजर बंद की गईं कानपुर व उन्नाव की दो टेनरियों (चर्म उद्योग कारखाने) को फिलहाल सशर्त चलाने की इजाजत दी है।
टेनरियों से निकलने वाला प्रदूषित पदार्थ गंगा या इसकी सहायक नदियों अथवा किसी नाले में (जो गंगा नदी में मिलते हैं) नहीं बहाया जाएगा। प्रदूषित पदार्थों के निस्तारण का इंतजाम स्वयं टेनरियों को करना होगा। कोर्ट ने मामले की अगली सुनवाई चार जनवरी को नियत करते हुए कहा कि इस बीच टेनरियों को बगैर किसी बाधा के चलने दिया जाए।
न्यायमूर्ति ऋतुराज अवस्थी व न्यायमूर्ति राजीव सिंह की शीतकालीन अवकाश में गठित खंडपीठ ने शुक्रवार को यह अंतरिम आदेश मेसर्स रहमान इंडस्ट्रीज लिमिटेड व मिर्जा इंटरनेशनल लिमिटेड उन्नाव की तरफ से दायर दो अलग-अलग याचिकाओं पर दिया।
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याचियों की तरफ से कहा गया कि उनकी टेनरियों को कुंभ महोत्सव के मद्देनजर 15 दिसंबर से चलाने पर रोक लगा दी गई है, जिससे उनका कारोबार प्रभावित हो रहा है। ऐसे में प्रदूषण के मानकों का पालन करते हुए टेनरियां चलाने की इजाजत दी जानी चाहिए।
उधर, राज्य सरकार और उत्तर प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (यूपीपीसीबी) की तरफ से कहा गया कि कुंभ के मद्देनजर नदी के जल को साफ व उपयोगी बनाए रखने के लिए टेनरियों पर प्रतिबंध लगाया गया है। यह भी दलील दी गई कि यदि वे कुंभ के दौरान प्रदूषित पानी नदी में न बहाएं तो चलाने पर कोई आपत्ति नहीं है। इसके बाद कोर्ट ने टेनरियों को सशर्त चलाने की इजाजत दे दी। साथ ही कहा कि टेनरियों से निकलने वाले प्रदूषित पानी के निस्तारण की व्यवस्था यूपीपीसीबी के तय मानकों के तहत की जाएगी।
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टेनरियों से निकलने वाला प्रदूषित पदार्थ गंगा या इसकी सहायक नदियों अथवा किसी नाले में (जो गंगा नदी में मिलते हैं) नहीं बहाया जाएगा। प्रदूषित पदार्थों के निस्तारण का इंतजाम स्वयं टेनरियों को करना होगा। कोर्ट ने मामले की अगली सुनवाई चार जनवरी को नियत करते हुए कहा कि इस बीच टेनरियों को बगैर किसी बाधा के चलने दिया जाए।
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न्यायमूर्ति ऋतुराज अवस्थी व न्यायमूर्ति राजीव सिंह की शीतकालीन अवकाश में गठित खंडपीठ ने शुक्रवार को यह अंतरिम आदेश मेसर्स रहमान इंडस्ट्रीज लिमिटेड व मिर्जा इंटरनेशनल लिमिटेड उन्नाव की तरफ से दायर दो अलग-अलग याचिकाओं पर दिया।
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याचियों की तरफ से कहा गया कि उनकी टेनरियों को कुंभ महोत्सव के मद्देनजर 15 दिसंबर से चलाने पर रोक लगा दी गई है, जिससे उनका कारोबार प्रभावित हो रहा है। ऐसे में प्रदूषण के मानकों का पालन करते हुए टेनरियां चलाने की इजाजत दी जानी चाहिए।
उधर, राज्य सरकार और उत्तर प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (यूपीपीसीबी) की तरफ से कहा गया कि कुंभ के मद्देनजर नदी के जल को साफ व उपयोगी बनाए रखने के लिए टेनरियों पर प्रतिबंध लगाया गया है। यह भी दलील दी गई कि यदि वे कुंभ के दौरान प्रदूषित पानी नदी में न बहाएं तो चलाने पर कोई आपत्ति नहीं है। इसके बाद कोर्ट ने टेनरियों को सशर्त चलाने की इजाजत दे दी। साथ ही कहा कि टेनरियों से निकलने वाले प्रदूषित पानी के निस्तारण की व्यवस्था यूपीपीसीबी के तय मानकों के तहत की जाएगी।